किसानों की आय बढ़ाने और बीज उत्पादन की उन्नत तकनीकों के प्रसार के उद्देश्य से दिनांक: 18 मार्च 2026 को गाँव- हरडेकी, तहसील- रामपुर मनिहारन, जिला- सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में मेरीखेती की किसान पंचायत में गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन” एवं फसल प्रबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मेरीखेती की टीम किसानों तक सम्पूर्ण जानकारी पहुंचाने के लिए वहां उपस्थिति रही। इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के कृषि वैज्ञानिकों ने गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन” एवं फसल प्रबंधन के बारे में किसानों को जानकारी दी। कार्यक्रम में बहुत सारे वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ, कृषि क्षेत्र के उघोगपति एवं किसान उपस्थित रहे। चलिए जानते हैं, मेरीखेती के माध्यम से इस कार्यक्रम से किसानों को कैसे लाभ होगा।
कृषि क्षेत्र की निरंतर वृद्धि के लिए गुणवत्तायुक्त बीज सबसे महत्वपूर्ण घटक है। अन्य सभी आदानों की क्षमता काफी हद तक बीज की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। यह अनुमान लगाया जाता है कि कुल उत्पादन में गुणवत्तायुक्त बीज का प्रत्यक्ष रूप से लगभग 15 से 20 प्रतिशत योगदान होता है, जोकि अन्य आदानों के कुशल प्रबंधन के साथ 40 से 45 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।
डॉ. ज्ञान कुमार मिश्रा और डॉ. संदीप कुमार लाल प्रधान वैज्ञानिक बीज विज्ञान और प्रद्योगिकी (भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली) ने कहा कि बीज उत्पादन वाणिज्यिक फसल उत्पादन से भिन्न है। सामान्य अर्थ में बीज उत्पादन का तात्पर्य प्रवर्धन सामग्री के उत्पादन से लिया जाता है, लेकिन व्यापक अर्थ में बीज उत्पादन के अंतर्गत बीज स्रोत का चयन करके बोने से लेकर फसल वृद्धि, कटाई, गहाई, प्रसंस्करण, भंडारण तथा बीज वितरण की क्रियाएं सम्मिलित की जाती हैं।
उत्पादन की प्रत्येक अवस्था में बीज गुणवत्ता के अनुरक्षण हेतु विशेषज्ञों की देखरेख में कुछ आवश्यक सिद्धांतों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक है ताकि उत्पादित बीज भौतिक एवं आनुवांशिक रूप से शुद्ध होने के साथ-साथ अच्छी अंकुरण क्षमता व उचित आर्द्रता वाला हो। गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन एक अतिसंवेदनशील कार्य है जिसमें योजनाबद्ध तरीके, समयबद्धता, तकनीकी विशेषज्ञता एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली का कड़ाई से पालन किया जाता है।
कृषि क्षेत्र में फसल की पैदावार प्रति इकाई समय/क्षेत्र में बढ़ाने के लिए ‘बीज’ सबसे महत्वपूर्ण और सस्ता बुनियादी निवेश है। गुणवत्तापूर्ण बीज किसानों के लिए आवश्यक निवेशों में से एक है। इसके उपयोग से अन्य फसल उत्पादन कारकों की दक्षता में वृद्धि होती है।
सुनिश्चित गुणवत्तायुक्त बीज के उपयोग मात्र से तेज, ओजस्वी और एक समान अंकुरों का उभार, समान पौधों की आबादी, तेजी से वृद्धि, समकालीन परिपक्वता तथा प्रति इकाई क्षेत्र में अधिक संभावित उपज की अपेक्षा की जा सकती है। अथवा गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन किसानों की आय में अछि वृद्धि कर सकता है।
कृषि वैज्ञानिकों ने मेरीखेती प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए किसानों को दी जानकारी
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को जानकारी दी कि किसानों को सरकार से मिलने वाली ढेरों योजनाओं के प्रति जागरूक होने की अत्यंत आवश्यकता है। साथ ही, कृषि में आये दिन हो रहे नवाचारों के बारे में भी जानना बेहद जरूरी है।
इसलिए किसानों को मेरीखेती जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म से जुड़ना चाहिए। यहां आपको ना केवल राज्य बल्कि देश और दुनिया की कृषि संबंधी सही और सटीक जानकारी प्रदान की जाती है। मेरीखेती किसान जागरुकता के लिए ही हर माह मेरीखेती किसान पंचायत का आयोजन करता है।
मेरीखेती किसान पंचायत में आयोजित "गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन'' एवं फसल प्रबंधन कार्यक्रम में किसानों के भोजन पानी का भी विशेष प्रबंध किया गया। किसानों को इस अवसर पर कई इनाम और खेती से जुड़ी पुस्तके भी वितरित की गयी।
इस कार्यक्रम में महिला किसानों की भीड़ देखने को मिली। महिला किसानों ने इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों से कृषि के बारे में जानकारी प्राप्त की और बीज उत्पादन कार्यक्रम से जुड़ने का भी हर्ष जताया।
इस अवसर पर गाँव- हरडेकी में डॉ. संजीत कुमार, डॉ. कुशवाह – KVK (सहारनपुर), डॉ. ओमकार सिंह चौहान – प्रधानाचार्य गोचर, डॉ. योगेश चौधरी – गोचर महाविद्यालय, श्री कृष्ण चन्द सैनी – प्रतिनिधि, श्री जसवन्त सिंह सैनी – (ओधोगिक विकास), श्री ओमवीर – मंडल महामंत्री (भाजपा), श्री दीपक सैनी – मंडल अध्यक्ष (भाजपा), श्री धमेंद्र कुमार गौतम – जिला पंचायत सदस्य, श्री अरुण कुमार – प्रधानाचार्य, श्री संजय सिंह – प्रधानाचार्य, श्री हरपाल सिंह पाटिल – (प्रवक्ता) गोचर कृषि इण्टर कालेज, श्री जयराम– कार्यक्रम सयोजक आदि लोग उपस्थित थे। इस आयोजना में मेरीखेती के माध्यम से जानकारी पाकर कई किसानों के भाग लिया।
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