आलू किसानों के लिए खुशखबरी: कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने पर मिलेगी छूट

Published on: 18-Aug-2026
Updated on: 19-Aug-2026

भंडारण शुल्क में मिलेगी बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू किसानों को राहत देने के लिए भंडारण शुल्क में ₹1 प्रति किलोग्राम की छूट देने का फैसला किया है। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के मुताबिक, इस छूट की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। 

सरकार ने इस योजना के लिए ₹1,000 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। इस कदम से किसानों पर कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने का आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें अपनी उपज को जल्दबाजी में कम कीमत पर बेचने की मजबूरी से राहत मिल सकती है।

भावांतर भुगतान से भी आर्थिक मदद

आलू की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से किसानों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने भाव स्थिरता कोष का भी प्रावधान किया है। इसके तहत पात्र किसानों को ₹1.50 प्रति किलोग्राम की दर से भावांतर भुगतान किए जाने की योजना है। 

इसके लिए ₹100 करोड़ का बजट रखा गया है। सरकार के अनुसार भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा। इसका उद्देश्य बाजार भाव में गिरावट आने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना और उनकी आय को स्थिर रखने में मदद करना है।

खेत से बाजार तक मार्केटिंग पर जोर

उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार आलू किसानों की समस्याओं को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं मानती। भंडारण के साथ-साथ फसल की बिक्री और बाजार उपलब्धता भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। 

इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने चालू वर्ष में फसल खेत में रहते ही आलू के लिए नए बाजार तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। सरकार का जोर ऐसी मार्केटिंग व्यवस्था तैयार करने पर है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर विकल्प मिल सकें और उन्हें उचित कीमत हासिल हो सके।

ओडिशा में खरीदारों से संपर्क

उत्तर प्रदेश के आलू के लिए दूसरे राज्यों में बाजार तलाशने की दिशा में 30 जनवरी 2026 को भुवनेश्वर में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसमें उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने ओडिशा के उप मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के साथ किसानों तथा कारोबारियों से बातचीत की। 

सम्मेलन का उद्देश्य ओडिशा में उत्तर प्रदेश के आलू की आपूर्ति बढ़ाने और किसानों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर चर्चा करना था। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश की आलू उपज को दूसरे राज्यों में भी मजबूत बाजार मिले।

दूसरे राज्यों में भी बाजार की तलाश

उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अलग-अलग राज्यों का दौरा कर वहां आलू की बिक्री और आपूर्ति की संभावनाओं का आकलन किया है। सरकार का मानना है कि दूसरे राज्यों में बाजार मिलने से किसानों के पास अपनी फसल बेचने के अधिक विकल्प होंगे। 

इससे स्थानीय बाजारों पर दबाव कम करने और मार्केटिंग व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। सरकार उत्पादन, भंडारण और बिक्री से जुड़ी चुनौतियों को एक साथ दूर करने की दिशा में काम करने का दावा कर रही है।

किसानों से योजनाओं की जानकारी लेकर निर्णय की अपील

उद्यान मंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में आलू किसानों की उत्पादन, भंडारण और मार्केटिंग से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बिक्री के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। 

मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं और फैसलों की सही जानकारी हासिल करने के बाद ही कोई निर्णय लें। साथ ही किसान हित से जुड़े लोगों से योजनाओं को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी मांगे गए हैं।

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