यूपी में आलू किसानों को मिलेगी बड़ी मदद, उद्यान विभाग ने लॉन्च किया नया पोर्टल

Published on: 24-Aug-2026
Updated on: 24-Aug-2026

आलू किसानों के लिए नया पोर्टल लॉन्च

प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए उद्यान विभाग ने potato.uphorticulture.in नाम से नया पोर्टल लॉन्च किया है। इसके जरिए किसान आलू विकास से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ऑनलाइन उठा सकेंगे। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को आलू की खेती, भंडारण और बिक्री के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।

भाव गिरावट से किसानों को मिलेगी सुरक्षा

आलू (Potato Tips) की अधिक पैदावार के चलते बाजार में कीमतों में गिरावट आने पर किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 1000 करोड़ रुपये की भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना शुरू की गई है। फिलहाल इसके लिए 100 करोड़ रुपये की टोकन राशि स्वीकृत की गई है। योजना प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी। सरकार का अनुमान है, कि इससे करीब 12 से 14 लाख आलू उत्पादक किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।

दो हेक्टेयर तक मिलेगा अनुदान

योजना के तहत एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर आलू क्षेत्रफल के लिए सहायता दी जाएगी। प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 कुंतल आलू की दर से अनुदान निर्धारित किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पात्र किसानों को मिलने वाली अनुदान राशि आधार-सीडेड डीबीटी अथवा आधार प्रमाणित बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी।

बिक्री के लिए सौदा प्रपत्र जरूरी

भाव स्थिरता योजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहला चरण 1 जनवरी से 15 अप्रैल और दूसरा चरण 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक रहेगा। योजना का लाभ लेने के लिए क्रेता-विक्रेता सौदा प्रपत्र अनिवार्य दस्तावेज होगा। किसान मंडी, उपमंडी, शीतगृह परिसर या अपने खेत से आलू की बिक्री कर इस योजना का लाभ ले सकेंगे। इससे किसानों को बाजार भाव गिरने की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

शीतगृह में आलू रखने पर भी राहत

किसानों को दूसरी बड़ी राहत निजी शीतगृहों में रखे आलू के भंडारण शुल्क पर मिलेगी। सरकार ने इस योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, जिसमें फिलहाल 100 करोड़ रुपये टोकन राशि के रूप में उपलब्ध कराए गए हैं। योजना के तहत किसानों को प्रति कुंतल 100 रुपये की दर से भंडारण शुल्क में छूट दी जाएगी। इससे आलू को मजबूरी में कम कीमत पर बेचने का दबाव भी कम होगा।

प्रति किसान 20 हजार रुपये तक अनुदान

शीतगृह भंडारण शुल्क में छूट योजना के तहत एक किसान को अधिकतम 20 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। भुगतान सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में किया जाएगा। सरकार के अनुसार इस योजना से 15 लाख से अधिक किसानों के लाभान्वित होने की संभावना है। इससे किसानों को फसल सुरक्षित रखने और बेहतर बाजार भाव मिलने तक आलू का भंडारण करने में मदद मिलेगी।

उन्नत बीज खरीद पर मिलेगी छूट

योजना वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को उन्नत किस्म और गुणवत्तापूर्ण आलू बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आलू बीज विक्रय दर में छूट योजना भी शुरू की गई है। इसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत आलू बीज खरीदने पर किसानों को अधिकतम 1000 रुपये प्रति कुंतल तक की छूट मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे 15 हजार से अधिक किसानों को फायदा होगा और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

पोर्टल से आवेदन की प्रक्रिया होगी आसान

नई योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन करना होगा। potato.uphorticulture.in पोर्टल पर योजनाओं से संबंधित जानकारी और आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सरकार का लक्ष्य आलू किसानों को बिक्री, भंडारण और गुणवत्तापूर्ण बीज की खरीद में आर्थिक सहयोग देना है। भाव स्थिरता, शीतगृह शुल्क में छूट और बीज पर अनुदान जैसी तीनों योजनाओं से किसानों की लागत कम करने और आय को स्थिर रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। 

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