केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत ₹335 करोड़ की मंजूरी दी है। इस राशि का उपयोग कृषि विकास योजनाओं, आधुनिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर किया जाएगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति का आकलन किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से किसानों तक पहुंचाया जाए।
नई दिल्ली में आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबंधित राज्य के कृषि मंत्री, केंद्रीय कृषि सचिव और केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न कृषि योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे और स्वीकृत राशि का प्रभावी उपयोग हो। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, बागवानी विकास, कृषि अवसंरचना और अन्य प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की गई। साथ ही अधिकारियों को परियोजनाओं में तेजी लाने और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत स्वीकृत राशि का 75 प्रतिशत से अधिक उपयोग समय पर किया गया है। वहीं, योजना के कई अन्य घटकों में भी 80 प्रतिशत से अधिक राशि खर्च की जा चुकी है। उन्होंने इसे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण बताते हुए अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल बजट आवंटित करना नहीं, बल्कि किसानों तक उसका वास्तविक लाभ पहुंचाना है। इसलिए सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
बैठक के दौरान मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत लगभग 81.73 प्रतिशत राशि का उपयोग किया जा चुका है, जो बेहतर प्रगति का संकेत है। उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र में किए जा रहे कार्य किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार का मानना है कि फल, सब्जी, मसाला और बागवानी फसलों का विस्तार किसानों को पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक लाभ दिला सकता है। इसलिए इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
PM-RKVY के तहत स्वीकृत राशि का उपयोग आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने, कृषि अवसंरचना विकसित करने, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य सुधार, कृषि यंत्रीकरण और उत्पादकता बढ़ाने जैसी गतिविधियों पर किया जाएगा। इससे किसानों को नई तकनीकों का लाभ मिलेगा और खेती की लागत कम करने के साथ उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी विशेष फोकस रहेगा, ताकि अधिक से अधिक किसान सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र सरकार की सभी कृषि योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किसानों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सबसे महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत स्वीकृत ₹335 करोड़ की राशि इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे कृषि विकास योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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