वैज्ञानिकों के निरंतर प्रयास से इस राज्य के गाँव में हुआ केसर का उत्पादन

वैज्ञानिकों के निरंतर प्रयास से इस राज्य के गाँव में हुआ केसर का उत्पादन

0

कश्मीर केसर की पैदावार के मामले में अलग ही पहचान रखता है। पहली बार इसका उत्पादन सिक्किम के एक गांव में किया गया था। वैज्ञानिक अब इस फसल का रकबा मेघालय एवं अरुणांचल प्रदेश की तरफ विस्तृत कर रहे हैं। केसर सुगंध एवं औषधीय गुणों की विशेषता की वजह से जानी जाती है। भारत का कश्मीर बड़े पैमाने पर केसर की फसल का उत्पादन करता है। कश्मीर का केसर देश के साथ-साथ दुनियाभर में अपनी बेहतरीन पहचान रखता है। केंद्र सरकार द्वारा बीते काफी वक्त से केसर की खेती का रकबा बढ़ाने की कोशिश में जुटी हुई है। साथ ही, केसर का उत्पादन कश्मीर के अतिरिक्त अन्य राज्यों में भी किया जाना चाहिए। फिलहाल वैज्ञानिकों द्वारा अद्भुत कार्य कर दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कश्मीर के अलावा भी अन्य राज्यों में केसर की फसल होगी।

सिक्किम के किस गाँव में की गयी केसर की खेती

मीडिया खबरों के मुताबिक, वैज्ञानिक काफी वक्त से प्रयासरत थे, कि कश्मीर के अतिरिक्त अन्य प्रदेशों में भी केसर की पैदावार की जा सके। साथ ही इसके रकबे को बढ़ाने में भी लगे हुए थे। नॉर्थ ईस्ट सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन एंड रिसर्च द्वारा बहुत पहले से इस विषय पर शोध किया जा रहा था। नतीजतन दक्षिण सिक्किम में उपस्थित यांगतांग गांव में प्रथम बार केसर का सफलतापूर्वक उत्पादन एवं खेती हुई है। सामने आये परिणामों की वजह से वैज्ञानिक बेहद खुश दिखाई दे रहे हैं।

इन राज्यों में बढ़ाया जायेगा केसर का उत्पादन

सिक्किम के उपरांत वैज्ञानिक फिलहाल दूसरे प्रदेशों तक बढ़ावा देने हेतु प्रयासरत हैं। आज केसर की बुवाई अरुणाचल प्रदेश में तवांग एवं मेघालय के बारापानी तक विस्तृत की जा रही है। मीडिया खबरों के मुताबिक, बहुत वक्त पूर्व सिक्किम सरकार द्वारा अपने राज्य के अलग अलग इलाकों में केसर की खेती की जाने की संभावना देखी गयी। क्योंकि सिक्किम की भूमि केसर की खेती हेतु उपयुक्त मानी गयी है। बतादें, कि पूर्वी सिक्किम में खमडोंग, पदमचेन, पंगतांग, सिमिक एवं समीपवर्ती इलाकों को केसर की बुवाई हेतु चिन्हित किया गया है। सिक्किम के अधिकारियों द्वारा जम्मू कश्मीर में पहुँच केसर की स्थिति का मुआयना किया जा चुका है।

ये भी पढ़े: इन फसलों को कम भूमि में भी उगाकर उठाया जा सकता है लाखों का मुनाफा

जानिए किस वजह से हो रही है केसर की खेती सफल

जम्मू कश्मीर एवं सिक्किम के बागवानी विभाग के अधिकारी केसर की पैदावार को लेकर निरंतर संपर्क साधे हुए हैं। इसके लिए अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी फसल का उत्पादन पर्यावरण पर काफी ज्यादा निर्भर होता है। यदि हम केसर की खेती के बारे में बात करें तो कश्मीर एवं सिक्किम मौसमिक एवं भौगोलिक दृष्टि से एक समान ही हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक, अधिकारिक रूप से यह सिद्ध किया गया है, कि सिक्किम सरकार द्वारा करीब डेढ़ एकड़ रकबे में केसर का उत्पादन किया जाता है। जिसका अच्छा खासा परिणाम भी देखने को मिला है।

जमीन के छोटे से भाग में किया गया केसर का उत्पादन

मीडिया खबरों के मुताबिक, सिक्किम के गवर्नर गंगा प्रसाद ने बताया था, कि मिशन 2020 में सिक्किम विश्वविद्यालय की निगरानी में जमीन के छोटे से भाग पर केसर का उत्पादन किया गया था। परिणामस्वरूप उस भूमि में बेहद अच्छा उत्पादन भी हुआ था। परिणामों को देखने के बाद केसर को अन्य राज्यों के दूसरे हिस्सों में बोने का फैसला लिया गया है। प्रदेश में 80 फीसद की दर से केसर का उत्पादन हुआ है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More