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बकरी पालन व्यवसाय में है पैसा ही पैसा

बकरी पालन व्यवसाय में है पैसा ही पैसा

बकरी पालन के आधुनिक तरीके को अपना कर आप मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। जरूरत सिर्फ इतनी है, कि आप चीजों को बारीकी से समझें और एक रणनीति बना कर ही काम करें। पेशेंस हर बिजनेस की जरूरत है, अतः उसे न खोएं, बकरी पालन एक बिजनेस है और आप इससे बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं।

गरीबों की गाय

पहले बकरी को गरीब किसानों की गाय कहा जाता था। जानते हैं क्यों क्योंकि बकरी कम चारा खाकर भी बढ़िया दूध देती थी, जिसे किसान और उसका परिवार पीता था। गाय जैसे बड़े जानवर को पालने की कूवत हर किसान में नहीं होती थी। खास कर वैसे किसान, जो किसी और की खेती करते थे। 

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आधुनिक बकरी पालन

अब दौर बदल गया है, अब बकरियों की फार्मिंग होने लगी है। नस्ल के आधार पर क्लोनिंग विधि से बकरियां पैदा की जाती हैं। देसी और फार्मिंग की बकरी, दोनों में फर्क होता है। यहां हम देसी की नहीं, फार्मिंग गोट्स की बात कर रहे हैं। 

जरूरी क्या है

बकरी पालन के लिए कुछ चीजें जरूरी हैं, पहला है, नस्ल का चुनाव, दूसरा है शेड का निर्माण, तीसरा है चारे की व्यवस्था, चौथा है बाजार की व्यवस्था और पांचवां या सबसे जरूरी चीज है, फंड का ऐरेन्जमेंट। ये पांच फंडे क्लीयर हैं, तो बकरी पालन में कोई दिक्कत नहीं जाएगी। 

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नस्ल या ब्रीड का चयन

अगर आप बकरी पालने का मूड बना ही चुके हैं, तो कुछ ब्रीडों के बारे में जान लें, जो आने वाले दिनों में आपके लिए फायदे का सौदा होगा। आप अगर पश्चिम बंगाल और असम में बकरी पालन करना चाहते हैं, तो आपके लिए ब्लैक बेंगार ब्रीड ठीक रहेगा। लेकिन, अगर आप यूपी, बिहार और राजस्थान में बकरी पालन करना चाहते हैं, तो बरबरी बेस्ट ब्रीड है। ऐसे ही देश के अलग-अलग हिस्सों में आप बीटल, सिरोही जैसे ब्रीड को ले सकते हैं। इन बकरियों का ब्रीड बेहतरीन है। ये दूध भी बढ़िया देती हैं, इनका दूध गाढ़ा होता है और बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए आदर्श माना जाता है। 

ट्रेनिंग कहां लें

आप बकरी पालन करना तो चाहते हैं, लेकिन आपको उसकी एबीसी भी पता नहीं है। तो चिंता न करें, एक फोन घुमाएं नंबर है 0565-2763320 यह नंबर केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा, यूपी का है। यह संस्थान आपको हर चीज की जानकारी दे देगा। अगर आप जाकर ट्रेनिंग लेना चाहते हैं, तो उसकी भी व्यवस्था है। 

शेड का निर्माण

इसका शेड आप अपनी जरूरत के हिसाब से बना सकते हैं, जैसे, शुरुआत में आपको अगर 20 बकरियां पालनी हैं, तो आप 20 गुणे 20 फुट का इलाका भी चूज कर सकते हैं। उस पर एसबेस्डस शीट लगा कर छवा दें, बकरियां सीधी होती हैं। उनको आप जहां भी रखेंगे, वो वहीं रह जाएंगी, उन्हें किसी ए सी की जरूरत नहीं होती। 

भोजन

बकरियों को हरा चारा चाहिए, आप उन्हें जंगल में चरने के लिए छोड़ सकते हैं, आपको अलग से चारे की व्यवस्था नहीं करनी होगी। लेकिन, आप अगर जंगल से दूर हैं, तो आपको उनके लिए हरे चारे की व्यवस्था करनी होगी। हरे चारे के इतर बकरियां शाकाहारी इंसानों वाले हर भोजन को बड़े प्यार से खा लेती हैं, उसके लिए आपको टेंशन नहीं लेने का। 

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कितने दिनों में तैयार होती हैं बकरियां

एक बकरी का नन्हा बच्चा/बच्ची 10 माह में तैयार हो जाता है, आपको जो मेहनत करनी है, वह 10 माह में ही करनी है। इन 10 माह में वह इस लायक हो जाएगा कि परिवार बढ़ा ले, दूध देना शुरू कर दे। 

बाजार

आपकी बकरी का नस्ल ही आपके पास ग्राहक लेकर आएगा, आपको किसी मार्केटिंग की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इसलिए नस्ल का चयन ठीक से करें। 

फंड की व्यवस्था

आपके पास किसान क्रेडिट कार्ड है, तो उससे लोन ले सकते हैं। बकरी पालन को उसमें ऐड किया जा चुका है। केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) नहीं है तो आप किसी भी बैंक से लोन ले सकते हैं। 

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कोई बीमारी नहीं

अमूमन बकरियों में कोई बीमारी नहीं होती, ये खुद को साफ रखती हैं। हां, अब कोरोना टाइप की ही कोई बीमारी आ जाए तो क्या कहा जा सकता है , इसके लिए आपको राय दी जाती है, कि आप हर बकरी का बीमा करवा लें। खराब हालात में बीमा आपकी बेहद मदद करेगा।

लघु और सीमांत किसानों को अब सुगमता से मिला ऋण

लघु और सीमांत किसानों को अब सुगमता से मिला ऋण

भारत के लघु कृषकों को वर्तमान में आसानी से कर्जा मिल पाऐगा। बतादें, कि मोदी सरकार शीघ्र ही एक नया प्रोग्राम लॉन्च करने जा रही है, जिसके अंतर्गत ऋण और इससे जुड़ी सेवाओं के लिए एआरडीबी से जुड़े छोटे और सीमांत किसानों को फायदा होगा। देश के लघु कृषकों के लिए केंद्र सरकार शीघ्र ही नवीन योजना जारी करने जा रही है। दरअसल, केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह शीघ्र ही कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों (Rural Development Banks) और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (Registrar of Cooperative Societies) लिए कम्प्यूटरीकरण परियोजना का आरंभ करने जा रही है। 

आधिकारिक बयान के मुताबिक, अमित शाह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एआरडीबी और आरसीएस की कम्प्यूटरीकरण परियोजना को लागू करेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन सहकारिता मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की मदद से किया जा रहा है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों (ARDBs) और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (RCSs) कार्यालयों का कम्प्यूटरीकरण मंत्रालय द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। 

एनसीडीसी की मदद से सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित

यह कार्यक्रम एनसीडीसी (राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम) के सहयोग से सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों (ARDBs) और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (RCSs) कार्यालयों का पूर्णतय कंप्यूटरीकरण  किया जाएगा, जो सहकारिता मंत्रालय द्वारा उठाया गया एक अहम कदम है। बयान में कहा गया है, कि इस परियोजना के जरिए सहकारी क्षेत्र का आधुनिकीकरण और दक्षता बढ़ाई जाऐगी। जहां संपूर्ण सहकारी तंत्र को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाऐगा। 

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एआरडीबी की 1,851 इकाइयों को कंप्यूटरीकृत करने का कार्य जारी 

बयान में कहा गया है, कि 13 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में एआरडीबी की 1,851 इकाइयों को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। साथ ही, इन्हें राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के साथ जोड़ा जाऐगा। इसके जरिए सामान्य तौर पर इस्तेमाल होने वाले एक सामान्य राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर आधारित होंगे। यह पहल कॉमन अकाउंटिंग सिस्टम (सीएएस) और मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एमआईएस) के द्वारा व्यावसायिक प्रक्रियाओं को मानकीकृत करके एआरडीबी में कार्य संचालन क्षमता, जवाबदेही और पारदर्शिता को प्रोत्साहित करेंगे। इस कदम से प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसायटीज (पैक्स) के जरिए छोटे और सीमित कृषकों को एकड़ और संबंधित सेवाओं के लिए एआरडीबी से लाभ मिलेगा। 

देश में खेती-किसानी और कृषि से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानिए

देश में खेती-किसानी और कृषि से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानिए

नई दिल्ली। - लोकेन्द्र नरवार देश में खेती-किसानी और कृषि से जुड़ी तमाम योजनाएं संचालित हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाली कैबिनेट में देश के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए किसानों व कृषि के लिए तरह-तरह की योजनाएं बनाई गईं हैं। इन योजनाओं के जरिए फसल उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ-साथ किसानों को आर्थिक मदद प्रदान की जा रही है। इसके अलावा देश के किसानों को अपना फसल उत्पादन बेचने के लिए एक अच्छा बाजार प्रदान किया जा रहा है। किसानों के लिए चलाई जा रहीं तमाम कल्याणकारी योजनाओं में समय के साथ कई सुधार भी किए जाते हैं। जिनका प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से किसानों को ही फायदा मिलता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर - ICAR) द्वारा ''आजादी के अमृत महोत्सव'' पर एक पुस्तक का विमोचन किया है। इस पुस्तक में देश के 75000 सफल किसानों की सफलता की कहानियों को संकलित किया गया है, जिनकी आमदनी दोगुनी से अधिक हुई है।


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आइए जानते हैं किसानों के लिए संचालित हैं कौन-कौन सी योजनाएं....

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ( PM-Kisan Samman Nidhi ) - इस योजना के अंतर्गत किसानों के खाते में सरकार द्वारा रुपए भेजे जाते हैं। ◆ ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई योजना - इस योजना के माध्यम से किसान पानी का बेहतर उपयोग करते हैं। इसमें 'प्रति बूंद अधिक फसल' की पहल से किसानों की लागत कम और उत्पादन ज्यादा की संभावना रहती है। ◆ परम्परागत कृषि विकास योजना (Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY)) - इस योजना के जरिए जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाता है। ◆ प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना (पीएम-केएमवाई) - इस योजना में किसानों को वृद्धा पेंशन प्रदान करने का प्रावधन है। ◆ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana - PMFBY) - इस योजना के अंतर्गत किसानों की फसल का बीमा होता है। ◆ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) - इसके अंतर्गत किसानों को सभी रबी की फसलों व सभी खरीफ की फसलों पर सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मूल्य प्रदान किया जाता है। ◆ मृदा स्वास्थ्य कार्ड- (Soil Health Card Scheme) इसके अंतर्गत उर्वरकों का उपयोग को युक्तिसंगत बनाया जाता है। ◆ कृषि वानिकी - 'हर मोड़ पर पेड़' की पहल द्वारा किसानों की अतिरिक्त आय होती है। ◆ राष्ट्रीय बांस मिशन - इसमें गैर-वन सरकारी के साथ-साथ निजी भूमि पर बांस रोपण को बढ़ावा देने, मूल्य संवर्धन, उत्पाद विकास और बाजारों पर जोर देने के लिए काम होता है। ◆ प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण - इस नई नीति के तहत किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित कराने का प्रावधान है। ◆ एकीकृत बागवानी विकास मिशन - जैसे मधुमक्खी पालन के तहत परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और आमदनी के अतिरिक्त स्त्रोत के रूप में शहद उत्पादन में वृद्धि होती है। ◆ किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) - इसके अंतर्गत कृषि फसलों के साथ-साथ डेयरी और मत्स्य पालन के लिए किसानों को उत्पादन ऋण मुहैया कराया जाता है। ◆ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana (PMKSY))- इसके तहत फसल की सिंचाई होती है। ◆ ई-एनएएम पहल- यह पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म के लिए होती है। ◆ पर्याप्त संस्थागत कृषि ऋण - इसमें प्रवाह सुनिश्चित करना और ब्याज सबवेंशन का लाभ मिलता है। ◆ कृषि अवसंरचना कोष- इसमें एक लाख करोड़ रुपए के आकार के साथ बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए विशेष ध्यान दिया जाता है। ◆ किसानों के हित में 10 हजार एफपीओ का गठन किया गया है। ◆ डिजिटल प्रौद्योगिकी - कृषि मूल्य श्रंखला के सभी चरणों में डिजिटल प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग पर जरूर ध्यान देना चाहिए  
सरकार ने बढ़ाई KCC की लिमिट, अब 1 लाख नहीं बल्कि इतना मिलेगा लोन

सरकार ने बढ़ाई KCC की लिमिट, अब 1 लाख नहीं बल्कि इतना मिलेगा लोन

भारत में किसानों की दयनीय हालत के बारे में हम सब जानते हैं और किसानों की जिंदगी को बेहतर करने के लिए सरकार समय-समय पर विभिन्न योजनाएं लाती रहती है। पिछले सालों के दौरान सरकार ने पीएम किसान योजना (PM Kisan Yojna) शुरू की थी जिसमें किसानों को 2000 रुपये की तीन किश्तें दी जाती थीं, यानी कि कुल 6000 रुपये का लाभ दिया जाता था (पीएम किसान योजना की वेबसाइट पर जाकर और जानकारी प्राप्त करें)। वैसे सरकार का मानना है कि किसान अगर खेती में इस्तेमाल होने वाले बेहतर बीज या कृषि उपकरणों का इस्तेमाल करें तो उनकी इनकम बढ़ाई जा सकती है। उसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक पुरानी किसान योजना को और भी बेहतर बना दिया है। इस योजना के अंतर्गत किसान अब 1 लाख 60 हजार रुपये का लाभ ले सकते हैं और अपनी खेती को बेहतर बना सकते हैं। कौन सी है ये योजना, आइए जानते हैं। इस स्कीम का नाम किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) है। वैसे यह स्कीम तो बहुत पहले से चल रही है, जिसमें किसान कम ब्याज़ दरों पर लोन लेते हुए अपनी खेती को बेहतर बना सकते हैं। पहले इस योजना के अंतर्गत बैंक किसानों को 1 लाख रुपये तक का कर्ज ही देते थे, लेकिन अब इस कर्ज की रकम 1 लाख 60 हजार रुपये कर दी गई है। इस तरह से अब किसान अपनी खेती और बेहतर बना पाएंगे और बढ़ती हुई महंगाई के बीच अपनी इनकम भी बढ़ा पाएंगे। ये भी पढ़ें : कृषि सब्सिडी : किसानों को दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता के बारे में जानें अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि लोन पर तो ब्याज बहुत लगता है, तो इसकी चिंता करने की आपको जरूरत नहीं है। क्योंकि, इस स्कीम के अंतर्गत किसानों को सब्सिडी दी जाती है, इसलिए लोन बेहद कम ब्याज दरों पर उपलब्ध कराया जाता है और इसकी ब्याज दर केवल 4 प्रतिशत होती है। साथ ही अगर किसान समय पर अपना कर्ज चुकाते हैं, तो उन्हें इसेंटिव के तौर पर और भी छूट दी जाती है। गौर करने वाली बात है कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत साल 1998 में की गई थी। इस योजना का मकसद किसानों की पहुंच बैंक तक करने की थी। इसके पहले गरीब किसानों को बैंकों से कर्ज लेने में बहुत मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन फिर भी कइयों को कर्ज नहीं मिल पाता था। पिछले कुछ सालों में किसानों ने केसीसी के माध्यम से लोन उठाया है और अपने जीवन को समृद्ध बनाया है। जैसा कि अब लोन की राशि बढ़ा दी गई है। ऐसे में किसान एक बार फिर से अपनी बेहतरी कि दिशा में बढ़ेंगे।
किसान क्रेडिट कार्ड शिविर का आयोजन, सैकड़ों किसानों ने कराया आवेदन

किसान क्रेडिट कार्ड शिविर का आयोजन, सैकड़ों किसानों ने कराया आवेदन

रायगढ़ जिले के सभी जनपद पंचायत में किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के शिविर का आयोजन किया गया. क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए सैंकड़ों किसानों की भीड़ उमड़ी साथ ही कई आवेदन भी जमा किये. शिविर में अधिकारीयों और कर्मचारियों ने किसानों से आवेदन फार्म जमा करवाए. बता दें लगभग 143 किसानों ने शिविर के पहले दिन किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन जमा किया. गौ पालन के लगभग 37, मछली पालन के लगभग 37, उद्यानिकी के 48 और कृषि के 21 आवेदन फार्म भरे गये. 31 मार्च तक हर सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को इस शिविर का आयोजन किया जाएगा. इतना ही नहीं कुछ दिन पहले क्लेकात्र ने शिविर के माध्यम से केसीसी बनाने की आदेश दिए थे.
  • किसानों को मिल सकेगा सस्ता ऋण

हालांकि खेती बाड़ी के लिए हर किसान को ऋण की जरूरत होती है. जिसे देखते हुए राज्य शासन ने किसान क्रेडिट कार्ड धारक किसानों को सहकारी बैंकों से काफी सस्ते में ऋण दिलाया जाएगा. आपको बता दें कि अभी तक केसीसी बनाने का काम किया जा रहा है. जिसके लिए शिविर भी लगाये जा रहे हैं. यहं से
किसान क्रेडिट कार्ड आसानी से बनवाया जा सकता है.
  • शिविर को बताया जा रहा अच्छी पहल

शिविर के जरिये किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए लगातार आवेदन लिया जा रहे हैं. किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये किसानों के लिए गाय, मछली, सब्जी से जुड़े कामों के लिए जीरो फीसद ब्याज दर पर ऋण दिया जाता है. ज्यादातर मामलों में पैसों की कमी की वजह से फसल, बीज या फिर खाद की खरीद में मुश्किल हो जाती है. अगर किसी किसान को इस योजना के तहत फायदा मिलता है, तो मिली हुई रकम से वह बीज या खाद खरीद सकेंगे. इतना ही नहीं अलग अलग कामों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया जा रहा हैम जिसमें खेती से भी ज्यादा फायदा उद्यानिकी फसलों को मिलेगा.

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इन बातों का रखना होगा ख्याल

  • जो भी किसान किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो पस्प्र्ट साइज़ फोटो साथ में रखनी होगी.
  • इसके आलवा आधार कार्ड और बी 1 की कॉपी भी किसानों को साथ में लानी होगी.
  • अगर हितग्राही किसी सहकारी समिति का सदस्य नहीं है तो लगभग 110 रुपये का शुक्ल किसानों को देना होगा.
कलेक्टर सिन्हा के आदेश पर कार्यालय में शिविर का आयोजन किया जा रहा है. इतना ही नहीं शिविर में किसानों को उपस्थित रखकर ही किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना होगा. कलेक्टर के मुताबिक इस योजना के तहत किसान बेहद कम ब्याज दरों में किसानी से जुड़े कामों के लिए बैंकों से ऋण ले सकते हैं. साथ ही किसानों को अपनी खेती और किसानों के लिए जरूरी कामों के लिए अच्छी खासी रकम मिल सकती है.
बेमौसम बरसात या ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने पर KCC धारक किसान को मिलती है ये सुविधाएं

बेमौसम बरसात या ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने पर KCC धारक किसान को मिलती है ये सुविधाएं

सरकार किसानों के कल्याण के लिए बहुत सारी योजनाएं चल रही है, जिनका फायदा उठाकर किसानों का आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण हुआ है। अब मध्यम एवं छोटे किसान भी सरकार से मिलने वाली सहायता के कारण बिना किसी चिंता और परेशानी के खेती कर पा रहे हैं। ऐसी ही हम आपको एक योजना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे अभी तक लाखों किसान लाभान्वित हुए हैं। इस योजना को 'किसान क्रेडिट कार्ड योजना' के नाम से जाना जाता है। इसकी शुरुआत सबसे पहले साल 1998 में की गई थी। इस योजना के अंतर्गत किसानों को बेहद आसानी से कृषि कार्यों के लिए लोन मिल जाता है, जिससे किसानों को खाद बीज और कीटनाशक खरीदने के लिए पैसे की कमी नहीं होती। इसके साथ ही अगर किसान ने KCC लिया हुआ है तो प्राकृतिक आपदा से फसल बर्बाद होने की स्थिति में भी किसानों को बड़ी राहत प्रदान की जाती है।

ऐसे लें KCC लोन

इस योजना में किसानों को नकद पैसे न देकर क्रेडिट कार्ड पर लोन दिया जाता है। जिससे किसान खेती के लिए कृषि यंत्रों सहित अन्य जरूरी समान की खरीदी समय पर कर पाएं। नाबार्ड और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अंतर्गत आने वाले बैंक इस योजना के तहत किसानों को लोन मुहैया करवाते हैं। जो बेहद रियायती दरों पर होता है। इससे किसान साहूकारों और महाजनों के कर्ज के जाल में फंसने से बच जाते हैं। ये भी पढ़े: सरकार ने बढ़ाई KCC की लिमिट, अब 1 लाख नहीं बल्कि इतना मिलेगा लोन इस कार्ड के अंतर्गत लोन लेने के बाद किसान को एक साल के भीतर लोन चुकता करना होता है। लोन चुकता करने के लिए किसानों के साथ किसी भी तरह की जोर जबरदस्ती नहीं की जाती है।

इतने रुपये का मिलता है लोन

KCC के अंतर्गत बिना किसी गारंटी के 1 लाख रुपये तक का लोन मुहैया करवाया जाता है। इसके लिए किसान को बैंक में किसी भी प्रकार की जमानत नहीं रखनी होती है। इसके अलावा बैंक 5 साल के लिए 3 लाख रुपये का अल्पकालिक लोन भी देते हैं। इसके लिए किसान को बैंक में कुछ न कुछ जमानत रखनी होती है। क्रेडिट कार्ड जारी करने के 15 दिन के भीतर बैंक द्वारा लोन जारी कर दिया जाता है।

फसल बर्बाद होने पर किसानों को ऐसे मिलता है प्रोटेक्शन

जब बैंक किसानों को लोन जारी करता है तब सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार किसान की फसलों को इश्योरेंस कवरेज भी दिया जाता है। अगर किसान की फसल कीटों से प्रभावित होती है या किसी प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होती है तो किसान अपना इश्योरेंस क्लेम कर सकता है। इन दिनों देश में प्राकृतिक आपदा के कारण बड़े स्तर पर फसलें प्रभावित हुई हैं। ऐसे में जिन भी किसानों ने KCC के माध्यम से लोन लिया होगा, वो बेहद आसानी से अपनी नष्ट हुई फसल के लिए इश्योरेंस क्लेम कर सकते हैं।
दुधारू पशु खरीदने पर सरकार देगी 1.60 लाख रुपये तक का लोन, यहां करें आवेदन

दुधारू पशु खरीदने पर सरकार देगी 1.60 लाख रुपये तक का लोन, यहां करें आवेदन

भारत सरकार किसानों की आय बढ़ाने को लेकर नए प्रयास करती रहती है। जिसके अंतर्गत किसानों को खेती बाड़ी के अलावा पशुपालन के लिए भी प्रोत्साहित करती है। इसी कड़ी में अब हरियाणा की सरकार किसानों को दुधारू गाय और भैंस पालने पर लोन तथा सब्सिडी की सुविधा प्रदान कर रही है। जिसको देखते हुए सरकार ने पशु क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत की है। इस योजना के माध्यम से पशुपालन के इच्छुक किसानों को बिना कुछ गिरवी रखे 1.60 लाख रुपये तक का लोन दिया जा रहा है। पशु क्रेडिट कार्ड के माध्यम से गाय या भैंस खरीदने पर किसानों को 7 फीसदी ब्याज देना होता है। यदि किसान समय से अपना ब्याज चुकाते हैं तो इन 7 फीसदी में 3 फीसदी ब्याज सरकार वहन करती है। किसानों को वास्तव में मात्र 4 फीसदी ब्याज का ही भुगतान करना होता है। जिसे किसान अगले 5 साल तक चुका सकते हैं। जिन किसानों के पास खुद की जमीन है और उसमें वो पशु आवास या चारागाह बनाना चाहते हैं, वो भी इस योजना के अंतर्गत लोन प्राप्त कर सकते हैं। ये भी पढ़े: ये राज्य सरकार दे रही है पशुओं की खरीद पर भारी सब्सिडी, महिलाओं को 90% तक मिल सकता है अनुदान हरियाणा की सरकार ने भिन्न-भिन्न पशुओं पर भिन्न-भिन्न लोन की व्यवस्था की है। कृषि वेबसाइट के अनुसार, पशु किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके गाय खरीदने पर 40,783 रुपये, भैंस खरीदने पर 60,249 रुपये, सूअर खरीदने पर 16,237 रुपये और भेड़ या बकरी खरीदने पर 4,063 रुपये का लोन मुहैया करवाया जाएगा। इसके साथ ही मुर्गी खरीदने पर प्रति यूनिट 720 रुपये का लोन प्रदान किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत लोन लेने के लिए किसानों को किसी भी प्रकार की कोई चीज गिरवी नहीं रखनी होगी। साथ ही किसान भाई पशु क्रेडिट कार्ड का उपयोग बैंक के भीतर डेबिट कार्ड के रूप में भी कर सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत अभी तक हरियाणा के 53 हजार से ज्यादा किसान लाभ प्राप्त कर चुके हैं। इन किसानों को सरकार के द्वारा 700 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन मुहैया करवाया जा चुका है। योजना के अंतर्गत दुधारू पशु खरीदने के लिए अभी तक 5 लाख किसान आवेदन कर चुके हैं, जिनमें से 1 लाख 10 हजार किसानों के आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है। जिन किसानों को हाल ही में मंजूरी दी गई है उन्हे भी जल्द से जल्द पशु क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवा दिया जाएगा।

पशु क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत ये बैंक देते हैं लोन

किसानों को 'पशु क्रेडिट कार्ड योजना' का लाभ देने के लिए सरकार ने कुछ बैंकों का चयन किया है। जिनके माध्यम से किसान जल्द से जल्द अपना 'पशु क्रेडिट कार्ड' बनवा सकते हैं। इनमें सरकार ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा और आईसीआईसीआई बैंक को शामिल किया है।

पशु क्रेडिट कार्ड योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

आवेदक हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी  होना चाहिए, इसके साथ ही लोन लेने के लिहाज से सिविल ठीक होना चाहिए। आवेदक के पास आधार कार्ड ,पेन कार्ड ,वोटर आईडी कार्ड, बैंक खाता डिटेल, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो होना चाहिए। ये भी पढ़े: यह राज्य सरकार किसानों को मुफ़्त में दे रही है गाय और भैंस

ऐसे करें 'पशु क्रेडिट कार्ड' बनवाने के लिए आवेदन

जो भी व्यक्ति 'पशु क्रेडिट कार्ड' बनवाना चाहता है उसे ऊपर बताए गए किसी भी बैंक की नजदीकी शाखा में जाना चाहिए। इसके बाद वहां पर आवेदन पत्र लेकर आवेदन को सावधानी पूर्वक भरें। साथ ही आवेदन के साथ दस्तावेजों की फोटो कॉपी चस्पा करें। ये सभी दस्तावेज बैंक अधिकारी के पास जमा कर दें। आवेदन सत्यापन के एक महीने बाद किसान को पशु केडिट कार्ड दे दिया जायेगा।
खुशखबरी: वित्त मंत्री ने लांच किया किसान ऋण पोर्टल, अब आसानी से मिलेगा अनुदानित ऋण

खुशखबरी: वित्त मंत्री ने लांच किया किसान ऋण पोर्टल, अब आसानी से मिलेगा अनुदानित ऋण

सरकारी आंकड़ों के हिसाब से देखें तो सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान सहूलियत ब्याज दर पर 6,573.50 करोड़ रुपये का कृषि-ऋण वितरित किया है। किसानों को वर्तमान में अनुदानित लोन बड़ी सुगमता से मिलेगा। मंगलवार 19 सितंबर 2023 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसान ऋण पोर्टल को लॉच किया है। किसान भाई इस पोर्टल के माध्यम से अपने घर बैठे किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत सब्सिडी वाला ऋण यानी लोन प्राप्त कर सकते हैं। पूसा परिसर में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम के दौरान डोर-टू-डोर केसीसी अभियान एवं मौसम सूचना नेटवर्क डेटा सिस्टम (विन्ड्स) पोर्टल का एक मैनुअल भी प्रस्तुत किया गया।

भारत में फिलहाल 7.35 करोड़ KCC अकाउंट मौजूद हैं

कृषि मंत्रालय के अनुसार, किसान ऋण डिजिटल प्लेटफॉर्म-किसान डेटा, ऋण वितरण विशिष्टताओं, ब्याज छूट के दावों एवं योजना उपयोग की प्रगति पर विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा। यह वेबसाइट कृषि ऋण के लिए बैंकों के साथ सहज एकीकरण को प्रोत्साहन देगा। भारत में फिलहाल 7.35 करोड़ KCC अकाउंट है। इनको 8.85 लाख करोड़ बांटा जा चुका है। एक बयान में यह बताया गया है, कि 30 मार्च तक तकरीबन 7.35 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खाते हैं, जिनकी समकुल स्वीकृत धन सीमा 8.85 लाख करोड़ रुपये है।

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66 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी करेगी यह राज्य सरकार, मिलेगी हर प्रकार की सुविधा

अप्रैल से लेकर अगस्त तक 6,573.50 करोड़ रुपये का कृषि-ऋण वितरित किया गया।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान रियायती ब्याज दर पर 6,573.50 करोड़ रुपये का कृषि-ऋण वितरित किया है। केसीसी के फायदे को बढ़ाने के लिए घर-घर अभियान, केंद्रीय योजना ‘पीएम-किसान' के गैर-केसीसी धारकों तक पहुंचेगा, जिसके अंतर्गत प्रत्येक चिन्हित लाभार्थी किसान के बैंक खाते में प्रतिवर्ष 6,000 रुपये दिए जाते हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना हुआ बेहद आसान, आवेदन के 14 दिन के अंदर मिल जाऐगा कार्ड

किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना हुआ बेहद आसान, आवेदन के 14 दिन के अंदर मिल जाऐगा कार्ड

किसान क्रेडिट कार्ड तैयार करने की प्रक्रिया को काफी सुगम कर दिया गया है। किसान भाइयों को वर्तमान में केवल 14 दिन के अंदर ही उनका किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त हो जाया करेगा। सरकार की ओर से किसानों की सहायता के लिए विभिन्न योजनाएं चल रही हैं। खेती के दौरान आने वाली आर्थिक चुनौतियों के समय किसानों की सहायता के लिए सरकार की ओर से किसान क्रेडिट कार्ड निर्मित किए जाते हैं, जिसकी सहायता से किसान भाई आर्थिक फायदा पा सकते हैं। बतादें, कि किसान क्रेडिट कार्ड एक ऐसी सरकारी योजना है, जिसे 1998 में किसानों को अतिरिक्त कर्ज देने के लिए जारी किया गया था। इसे नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट ने जारी किया था। इस योजना के माध्यम से किसान भाइयों को कर्जा मिलता है। इसके अतिरिक्त पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के साथ एक सेविंग्स अकाउंट भी दिया जाता है, जिस पर किसानों को काफी अच्छी दर पर ब्याज मिलता है। वर्तमान में सरकार की तरफ से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को सुगम कर दिया गया है। आवेदन पूर्ण करने के पश्चात महज 14 दिन के अंदर बैंक की तरफ से किसान को उनका कार्ड बनाकर प्रदान किया जाएगा।

क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में हुआ बदलाव

बतादें, कि आवेदन के उपरांत 14 दिन के समयांतराल में मिल जाया करेगा। दस्तावेजों पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को हटा दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया को काफी आसान कर दिया गया है। जागरुकता बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

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किसान क्रेडिट कार्ड़ बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आवेदन पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • जमीन के दस्तावेज
  • पहचान पत्र जैसे- पैन कार्ड, आधार कार्ड अथवा ड्राइविंग लाइसेंस
  • एड्रेस प्रूफ जैसे- आधार कार्ड, वोटर आईडी अथवा ड्राइविंग लाइसेंस
किसान क्रेडिट कार्ड के उपयोग से कृषक इस तरह कम ब्याज पर कृषि ऋण प्राप्त कर सकते हैं

किसान क्रेडिट कार्ड के उपयोग से कृषक इस तरह कम ब्याज पर कृषि ऋण प्राप्त कर सकते हैं

किसान क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके कृषक भाई-बहन कम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उनको बैंक जाकर यहां दिए गए कागजात जमा करने पड़ेंगे। किसानों की सहायता के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं चला रखी हैं। इन योजनाओं के सहयोग से भारत भर के लाखों कृषकों को फायदा भी मिल रहा है। कृषक भाइयों को कृषि के दौरान आर्थिक समस्याओं का सामना ना करना पड़े, इसके लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना चलाई जा रही है। योजना के अंतर्गत किसान भाइयों को ऋण की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। आपकी जानकारी के लिए बतादें, कि पूर्व में सिर्फ खेती करने वाले कृषकों को ही योजना के अंतर्गत फायदा दिए जाने की व्यवस्था थी। परंतु, वर्तमान में मछली पालन और पशुपालन करने वाले कृषक भाइयों को भी इस योजना के अंतर्गत फायदा दिया जा रहा है। किसान भाई फसल प्रबंधन के अतिरिक्त डेयरी के कार्यों एवं पंप सेट इत्यादि खरीदने के लिए भी ऋण ले सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत सरकार ने ये इंतजाम किया है, कि कृषकों पर ब्याज का ज्यादा दबाव ना पड़ सके। ब्याज के बढ़ जाने के कारण खेती की लागत भी काफी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से किसान भाई कर्जा के भार में भी फंस जाते हैं। इससे किसानों को निजात देने के लिए बैंकों के रेगुलर कर्ज से बहुत कम ब्याज केसीसी पर लिया जाता है।

कम ब्याज पर कृषि ऋण हेतु आवश्यक दस्तावेज

किसान भाइयों यदि आप कम ब्याज पर कृषि ऋण लेना चाहते हैं, तो आपके पास पहचान प्रमाण पत्र जैसे कि मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि होना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही जमीन के दस्तावेज और आवेदक का पासपोर्ट साइज का फोटो होना भी बेहद जरूरी होता है।

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किसान भाई इस प्रकार आवेदन करें

किसान भाईयों को आवेदन करने के लिए प्रमाण पत्र, फोटो और भरा हुआ आवेदन पत्र बैंक में जमा करने पर किसान क्रेडिट कार्ड जारी होगा। आवेदन पत्र जमा करने के 15 दिन के भीतर KCC जारी हो जाएगा।

केसीसी लोन की ब्याज दर दो फीसद से लेकर औसतन 4 फीसद तक होती है

केसीसी लोन ब्याज दो प्रतिशत से आरंभ होती है। ये औसतन 4 प्रतिशत तक जाता है। ब्याज दर इस बात पर भी निर्भर करती है, कि किसान भाई केसीसी का लोन कितने समय में चुका पाते हैं। अगर किसान भाई कम वक्त में ही भुगतान करें, तो उन्हें तीन लाख रुपये तक का कर्ज बेहद ही आसान 4 प्रतिशत की दर से मिल सकता है। इसके साथ-साथ इसमें इंश्योरेंस का फायदा भी किसानों को मिलता है।
किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसानों को क्या फायदा होता है

किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसानों को क्या फायदा होता है

किसान भाई किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण हांसिल कर सकते हैं। इस कार्ड के माध्यम से किसान भाइयों को सस्ती दर पर कर्ज मिलता है। किसानों की सहायता के लिए सरकार की ओर से विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें से एक किसान क्रेडिट कार्ड भी है। कृषक भाई को इस कार्ड के माध्यम से बेहद कम ब्याज दर पर लोन मिलता है। किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने वाले कृषकों की आयु कितनी होनी चाहिए। साथ ही, कौन-कौन से दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। ये हम आपको इस खबर के माध्यम से बताएंगे। किसान क्रेडिट कार्ड से सस्ती ब्याज दरों पर तीन लाख रुपये तक का कर्ज सुगमता से मिल जाता है। इस लोन पर ब्याज दर 7 प्रतिशत से शुरू होती है। वहीं, समय पर लोन चुकाने वाले कृषकों को ब्याज दर में 3 फीसद तक की छूट प्रदान की जाती है। इस प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड से लिए जाने वाले कर्ज पर सिर्फ 4 प्रतिशत की ब्याज दर देनी होती है।

किसान क्रेडिट कार्ड के लिए पात्रता

किसान क्रेडिट कार्ड का फायदा प्राप्त करने के लिए किसान की आयु 18 वर्ष से लेकर 75 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। किसान के समीप कम से कम 2 एकड़ कृषि जमीन होनी चाहिए। साथ ही, किसान भाइयों का बैंक खाता भी होना जरूरी है। किसान क्रेडिट कार्ड हेतु आवेदन करने के लिए किसान को संबंधित बैंक की शाखा में जाना आवश्यक है। किसान क्रेडिट कार्ड से किसान कृषि के कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि हांसिल कर सकते हैं। इस कर्ज का इस्तेमाल किसान भाई खाद, बीज, कृषि मशीन, पशुपालन और मछली पालन आदि के लिए कर सकते हैं।

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KCC बनवाने हेतु आवश्यक दस्तावेज

  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • वोटर आईडी
  • बैंक खाते की जानकारी
  • कृषि भूमि से जुड़े दस्तावेज