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कृषि यंत्र: वीएसटी शक्ति 130 डीआई पावर टिलर की सम्पूर्ण जानकारी

कृषि यंत्र: वीएसटी शक्ति 130 डीआई पावर टिलर की सम्पूर्ण जानकारी

खेती-बाड़ी के लिए विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों या उपकरणों का उपयोग किया जाता है। कृषि क्षेत्र में सभी उपकरण अपनी अलग-अलग भूमिका निभाते हैं। इनमें एक पावर टिलर मशीन भी है, जिसका इस्तेमाल मृदा को तैयार करने, बीज बोने और बुवाई करने के लिए किया जाता है। 

इसके अतिरिक्त किसान पावर टिलर मशीन के साथ पानी और उर्वरकों का छिड़काव भी कर सकते हैं। अगर आप भी अपने खेतों के लिए ताकतवर पावर टिलर मशीन खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए वीएसटी शक्ति 130 डीआई पावर टिलर शानदार ऑप्शन हो सकता है। 

इस पावर टिलर मशीन में आपको 2400 आरपीएम के साथ 13 HP पावर उत्पन्न करने वाला शक्तिशाली इंजन देखने को मिल जाता है।

वीएसटी शक्ति 130 डीआई पावर टिलर की अद्भुत विशेषताऐं 

दरअसल, इस वीएसटी पावर टिलर मशीन में आपको 673 सीसी क्षमता वाला Horizontal 4 stroke single cylinder water cooled diesel engine /OHV इंजन देखने को मिल जाता है, जो 13 HP पावर उत्पन्न करता है। 

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कंपनी के इस वीएसटी पावर टिलर में Multistage, oil bath type with cyclonic pre-cleaner एयर फिल्टर दिया गया है, जो इसके इंजन को धूल और मृदा से बचाए रखता है। 

कंपनी के इस पावर टिलर का समकुल भार 405 किलोग्राम है और इसका ड्राई वेट 125 किलोग्राम है। वीएसटी ने अपने इस पावर टिलर को 2720 MM लंबाई और 865 चौड़ाई के साथ 1210 MM ऊंचाई में तैयार किया है।

वीएसटी शक्ति 130 डीआई पावर टिलर के अद्भुत फीचर्स और कीमत 

बतादें, कि  VST Shakti 130 DI Power Tiller में Hand Cranking स्टार्टिंग सिस्टम आता है। कंपनी ने अपने इस पावर टिलर में 6 Forward + 2 Reverse गियर वाला गियरबॉक्स दिया है। 

इसके अतिरिक्त इस पावर टिलर में 2 speeds (Optional 4 speeds) रोटरी दी गई है। इस वीएसटी ट्रैक्टर में Multiple plate dry disc type क्लच दिया गया है। साथ ही, इसमें Side drive rotary टाइप ट्रांसमिशन आता है।

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कंपनी ने अपने इस पावर टिलर में Hand operated internal expanding metallic shoe टाइप ब्रेक्स दिए हैं। इस वीएसटी पावर टिलर मशीन में 11 लीटर क्षमता वाला ईंधन टैंक दिया गया है और इसमें 2.8 लीटर लुब्रिकेटिंग ऑयल की क्षमता दी गई है। 

भारत में VST Shakti 130 DI Power Tiller की कीमत 1.8 लाख रुपये निर्धारित की गई है। यह एक किफायती और शक्तिशाली मशीन है, जो खेती के कार्यों को आसान और लाभदायक बनाती है। 

ग्रीव्स कॉटन एसटी960 पावर टिलर से कृषि को बनाएं आसान

ग्रीव्स कॉटन एसटी960 पावर टिलर से कृषि को बनाएं आसान

किसान भाई कृषि के लिए विभिन्न कृषि यंत्रों अथवा उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। कृषि उपकरण खेतीबाड़ी के बहुत सारे कार्यों को कम लागत और कम वक्त में पूरा करने में सहयोग करते हैं। 

खेती के कार्यों को पूरा करने के लिए किसानों को मजदूर और मजदूरी लागत पूरी करने के लिए विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 

खेती के कार्यों में कृषि मशीनें भिन्न-भिन्न भूमिका निभाती हैं। इनमें एक पावर टिलर मशीन भी शम्मिलित है, जो खेत की मृदा को तैयार करने, बीज बोने और बुवाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 

अगर आप भी खेती के लिए एक शक्तिशाली पावर टिलर मशीन खरीदने की योजना बना रहें हैं, तो आपके लिए ग्रीव्स कॉटन एसटी960 पावर टिलर काफी बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

ग्रीव्स कॉटन एसटी960 की क्या-क्या विशेषताएं हैं ? 

ग्रीव्स कॉटन एसटी960 पावर टिलर में 744 सीसी क्षमता वाला सिंगल सिलेंडर में Water Cooled, Horizontal, 4 Stroke, Direct Injection, Diesel इंजन दिया गया है, जो 12 एचपी उत्पन्न करता है। 

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कंपनी के इस पावर टिलर में Wet, Oil Bath टाइप एयर फिल्टर आता है, जो धूल-मृदा से इंजन को सुरक्षित रखता है। इस ग्रीव्स कॉटन पावर टिलर में आपको 11 लीटर क्षमता वाला फ्यूल टैंक देखने को मिल जाता है। 

इस पावर टिलर मशीन का समकुल भार 480 किलोग्राम है। आप इस मशीन के साथ 1.2 से 1.5 घंटे तक बगैर किसी रुकावट के कार्य कर सकते हैं। इस पावर टिलर मशीन के इंजन से 2000 आरपीएम उत्पन्न होता है। 

ग्रीव्स कॉटन एसटी960 पावर टिलर को 2910 MM लंबाई और 920 MM चौड़ाई के साथ 1200 MM ऊंचाई में तैयार किया है। इसका ग्राउंड क्लीयरेंस 210 MM निर्धारित किया गया है।

ग्रीव्स कॉटन एसटी960 के फीचर्स क्या-क्या हैं ?

ग्रीव्स कॉटन एसटी960 पावर टिलर में 6 Forward + 2 Reverse गियर वाला Combination of ding & Constant Mesh गियरबॉक्स प्रदान किया गया है। 

यह पावर टिलर काफी शानदार ग्रिप वाले हैंडल के साथ आता है, जिससे घंटो खेत में निरंतर काम करने के बाद भी किसान को कम से कम थकान का अहसास होता है। 

ग्रीव्स कॉटन के इस पावर टिलर के साथ आप 600 MM चौड़ाई और 150 MM गहराई तक जुताई कर सकते हैं। इस पावर टिलर में आपको Hand Operated ब्रेक्स देखने को मिल जाते हैं। 

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कंपनी ने अपने इस पावर टिलर में 6-12, (6-Ply Rating) टायर दिए है, जो हर तरह के मौसम में काम कर सकते हैं।

ग्रीव्स कॉटन एसटी960 की कितनी कीमत है ?

भारत में ग्रीव्स कॉटन एसटी960 पावर टिलर की कीमत 1.72 लाख से 2.25 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस पावर टिलर के साथ आप जुताई, पोखर बनाना, बुवाई, निराई, सिंचाई, छिड़काव और ढुलाई जैसे कार्यों को कर सकते हैं।

फसलों की होगी अच्छी कटाई, बस ध्यान रखनी होंगी ये बातें

फसलों की होगी अच्छी कटाई, बस ध्यान रखनी होंगी ये बातें

हमारा देश एक कृषि प्रधान देश कहलाता है. जहां पर बड़ी मात्रा में लगभग हर हिस्से में खेती की जाती है. देखा जाए तो यह मौसम रबी की फसलों का है. हालंकि कीं सर्दियों के मौसम से लेकर बारिश के मौसम के बीच में इसकी फसलों की बुवाई की है, बात फसलों की कटाई की करें, तो रबी की फसलों की कटाई मार्च के महीने से अप्रैल महीने के बीच की जाती है. अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि, फसलों की कटाई तो सभी कर लेते हैं, लेकिन क्या वो इससे जुड़ी बातों का ध्यान रख पाते हैं? तो आपको बता दें कि, खेती किसानी में फसलों की कटाई बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है. हालांकि आजकल श्रमिकों कि उपलब्धता और बहुत ज्यादा श्रमिकी किसानों के लिए बेहद गंभीर समस्या बनकर सामने आ रही है. परम्परागत रूप से कटाई का महीनों तक हलने वाला काम अब मशीनों की मदद से बेहद कम दिनों में पूरा हो जाता है. अगर फसलों की समय पर कटाई नहीं की गयी तो उनके खराब होने की आशंका बढ़ जाति है. साथ ही अगली फसल की बुवाई में भी देरी हो जाती है. जिससे किसानों को फसलों की उपज कम मिलती है. अज के समय में कटाई के लिए काफी मशीनों का विकल्प बाजार में उपलब्ध है. फसलों की कटाई के लिए किसान उन्नत हंसिया, पैदल चलाने वाला वर्टिकल कन्वेयर रीपर, बैठकर चलाने वाला कन्वेयर रीपर का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा किसान चाहे तो पॉवर टिलर चलित रीपर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं अगर आप दांतेदार हसिया का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको कम मेहनत करनी पड़ सकती है. इससे उत्पादकता भी बढ़ती है. इतना ही नहीं कटाई के बाद किसान यंत्रों के इस्तेमाल से फसलों की गहाई भी कर सकते हैं. वहीं छोटे किसानों की बात करें तो वो दस अश्वशक्ति वाली गहाई मशीनों का इस्तेमाल अपनी फसलों को काटने में कर सकते हैं. अब ऐसे में ये बात तो हुई फसलों की कटाई में इस्तेमाल किये जाने वाले यंत्रों की. जो आपकी फसल की बढ़िया तरीके कटाई भी करेंगे और निराई करने में भी मदद करेंगे. लेकिन बात जब फसलों की कटाई की ओर ध्यान रखने योग्य बातों की हो, तो उसे नजरअंदाज बिलकुल भी नहीं करना चाहिए. खेतों में रबी के सीजन की फसलों की कटाई का काम शुरू हो चुका है, इस सीजन की फसलों को उगाने के लिए ज्यादातर कम तापमान की जरूरत होती है. जिस वजह से इसकी बुवाई अक्टूबर से नवंबर के महीने के बीच में होती है. तो चलिए जान लेते हैं, कौन सी फसल की कटाई के वक्त कौन कौन सी बातों पर ध्यान देना जरूरी है.

पकी हो फसल

जब फसल पक जाती है, तो उसकी कटाई की बारी आती है. ऐसी स्थिति में किसान जब भी फसलों को काटने की तैयारी करेंम तो इस बात को सुनिश्चित कर लें कि, वो फसल कटने लायक हुई है या नहीं. आपको इस बात का ज्यादा ध्यान रखना है कि, कटाई के वक्त फसल पूरी तरह से पकी हुई और सूखी होनी चाहिए. इससे कटाई का काम आसान हो जाता है. ये भी देखें: एक घंटे में होगी एक एकड़ गेहूं की कटाई, मशीन पर सरकार की भारी सब्सिडी

मिट्टी न हो ज्यादा गीली

फसलों की कटाई के समय इस बात का भी ध्यान रखन बेहद महत्वपूर्ण है कि, मिट्टी में जरूरत से ज्यादा नमी ना हो. अगर मिट्टी ज्यादा गीली हुई तो कटाई के काम में मुश्किल खड़ी हो सकती है. और फसलें खराब हो सकती हैं.

सहूलियत के हिसाब से करें कटाई

खेती करने वालों में छोटे किसान भी हैं, और बड़े किसान भी. अगर आपकी खेती छोटे स्तर पर है तो आप फसलों की कटाई हाथों से भी कर सकते हैं. वहीं अगर आप व्यापक स्तर पर खेती करते हैं, तो आपको आधुनिक कम्बाइनों की जरूरत पड़ सकती है. हालंकि आजकल बाजार में कई तरह के विकल्प भी उपलब्ध हैं. जिनका इस्तेलाम अगर चाहें तो कर सकते है.

खेतों में न छोड़ें पराली

अगर आपने अपनी फसल की कटाई कम्बाइन से की है तो कटाई के बाद क्काफी हद तक पराली भी रह जाती है. अब ऐसे में बची हुई पराली को ज्यादा देर तक खेतों में नहीं छोड़ना चाहिए. क्योंकि इससे वो जरूरत से ज्यादा सूख जाएगी. जिस वजह से उसकी तुड़ी कम बनती है.

ना जलाएं पराली

फसल की कटाई के बाद गेंहूं की बची हुई पराली को काफी किसान आग लगा देते हैं. जोकि करना बिलकुल गलत है. पराली को कभी भी नहीं जलाना चाहिए. इससे मिट्टी के अंदरूनी हिस्से के साथ साथ अच्छे और जरुरतमन्द कीटों और वातावरण को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचता है.

मशीन के काट रहे हैं फसल तो रहें सावधान

अगर आप मशीन की मदद से फसल काट रहे हैं, तो आपको ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आगजनी की सबसे ज्यादा घटनाएं बिजली के शार्ट सर्किट की वजह से होती हैं. ऐसी स्थिति में किसान अपनी फसलों के ढेर को बिजली लेने के आस पास ना रखकर दूर रखें. इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें की फसल काटने वाली कम्बाइन की ऊंचाई ज्यादा होती है. इसलिए बिजली की लाइन वाली क्षेत्र में जब भी फसल काटें तो तारों पर जरुर ध्यान रखें. इस सीजन में गेहूं की फसल की कटाई का काम तेजी से हो रहा है. बात रबी की फसल की कटाई की करें, तो किसान भी खेतों में युद्धस्तर पर लगे हुए हैं. गेहूं के अलावा, सरसों और मोटे अनाजों की कटाई का काम जोरों पर किया जा रहा है. बता दें फरवरी के मौसम में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखने शुरू कर दिए हैं. जिस वजह से तापमान भी बढ़ना शुरू हो गया है. जिसका असर खेतों में कड़ी फसलों पर पड़ रहा है. जिस वजह से अधिकांश क्षेत्रों में फसलों की कटाई शुरू हो चुकी है.