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शासन से अनुमति मिलने के बाद ही बेच सकते हैं बीज : जानें यूपी में कैसे मिलेगी बीज बेचने की अनुमति?

शासन से अनुमति मिलने के बाद ही बेच सकते हैं बीज : जानें यूपी में कैसे मिलेगी बीज बेचने की अनुमति?

शासन से अनुमति मिलने के बाद ही बेच सकते हैं बीज

मथुरा। यूपी में बीज बेचने से पहले शासन से अनुमित लेनी होगी। इसके लिए गाइडलाइंस जारी कर दिए गए हैं। प्रमाणित और अप्रमाणित बीजों की आपूर्ति गैर प्रान्त की संस्थाएं विक्रेताओं को कर रहीं हैं। इनमें अधिकांश संस्थाएं हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और राजस्थान की हैं। अब
उत्तर-प्रदेश के बीज विक्रेताओं को आपूर्ति करने से पहले गैर प्रान्त की संस्थाओं को अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) लखनऊ से अनुमति लेनी होगी। आपूर्ति से पहले उस बीज का भारत सरकार के शोध केन्द्र और प्रदेश में कृषि संस्थानों में कम से कम दो साल का ट्रायल भी होना आवश्यक है। इसके लिए फुटकर एवं बीज विक्रेताओं को निर्देश जारी किए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि अब केवल वही संस्थाएं बीज की आपूर्ति कर पाएंगी, जिनको अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) लखनऊ से अनुमति जारी की गई होगी। जिस संस्था का बीज अपनी दुकान पर बेच रहे हैं, विक्रेता को उस संस्था से प्रदेश में बीज बिक्री की अनुमति की प्रति लेकर रखनी होगी।

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कृषि विभाग जारी करता है बीज बिक्री का लाइसेंस

कृषि विभाग बीजों की बिक्री करने का लाइसेंस जारी करता है। थोक और फुटकर बीज विक्रेता के यहां बेचे जा रहे बीज की गुणवत्ता परखने को विभागीय अधिकारी समय-समय प4 निरीक्षण करते हैं। अब तक की कार्यवाई में पाया गया है कि हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और राजस्थान आदि राज्यों के आपूर्तिकर्ता और बीज उत्पादक संस्था बीजों की आपूर्ति जिले में कर रहीं हैं। बीज विक्रेता किसानों को आपूर्तिकर्ता संस्था के बिल नहीं देते हैं। बीज विक्रेता यह भी पता नहीं करते कि जिस संस्था का बीज वह बेच रहे हैं, उस संस्था को प्रदेश में बीच बेचने की अनुमति मिली है या नहीं। इसलिए यह कदम उठाया गया है।

यूपी में कैसे मिलेगी बीज बेचने की अनुमति ?

बीजो के इस लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए किसान के पास किसी प्रकार की डिग्री होने की आवश्यकता नहीं होती है | यदि वह खाद और दवा का लाइसेंस प्राप्त करना चाहते है, तो उसके लिए उसे खाद और दवा से सम्बंधित डिग्री की आवश्यकता होती है। इससे पहले इस तरह के लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए BSC-रसायन विज्ञान से डिग्री की जरूरत होती थी, किन्तु सरकार इस प्रक्रिया को और आसान कर दिया है अब बस 21 दिन के विशेष डिप्लोमे से इस लाइसेंस को प्राप्त किया जा सकेगा | इसके अलावा यदि आप BSC-रसायन एग्रीकल्चर तब भी आप इसके लिए आवेदन के पात्र माने जायेंगे।

खाद्य लाइसेंस प्रक्रिया की फीस

यदि आप खाद के इन तीन लाइसेंस को प्राप्त करना चाहते है तो उसके लिए आपको निर्धारित फीस का भुगतान करना होता है | इस फीस का निर्धारण अलग-अलग राज्य के हिसाब से अलग-अलग रखी गयी है।

लाइसेंस का प्रकार                                       फीस कीटनाशकों- दवाइयों के लाइसेंस के लिए    -  1500 बीज लाइसेंस के लिए                                  -  1000 खाद-उर्वरक लाइसेंस के लिए                      -  1250

खाद-बीज लाइसेंस के लिए आवश्यक दस्तावेज

- आवेदन हेतु फॉर्म - आधार कार्ड - पैन कार्ड - पासपोर्ट साइज फोटो - करेंट अकाउंट की बैंक पासबुक - बायोडाटा की फोटो कॉपी - 2-3 कंपनियों के प्रिंसिपल सर्टिफिकेट - मान्य योग्यता डिग्री की फोटो कॉपी - फीस का चालान - जीएसटी सर्टिफ़िकेट - दुकान या गोदाम का नक्शा - क्षेत्रीय एनओसी अनापत्ति प्रमाण पत्र

------ लोकेन्द्र नरवार

किसान अफीम की खेती से कमा सकते हैं तगड़ा मुनाफा, कैसे ले सकते हैं लाइसेंस जानें

किसान अफीम की खेती से कमा सकते हैं तगड़ा मुनाफा, कैसे ले सकते हैं लाइसेंस जानें

अफ़ीम (Opium or opium poppy (ओपियम पॉपी); वैज्ञानिक नाम : lachryma papaveris) को मादक पदार्थ के तौर पर जाना जाता है। इसका उपयोग लोग प्रारम्भिक तौर पर नशा करने के लिए करते थे, इसलिए सरकार ने इसकी सार्वजनिक खेती पर बैन लगा रखा है। चूंकि अफीम का इस्तेमाल औषध उद्योग में दवाई बनाने के लिए किया जाता है, इसलिए सरकार सीमित किसानों को इसकी खेती के लिए लाइसेंस प्रदान करती है। इस लाइसेंस के माध्यम से किसान एक लिमिट में अफीम का उत्पादन करके सरकार को बेच सकते हैं। इससे किसानों को अच्छा ख़ासा मुनाफा होता है, क्योंकि सरकार इसे बेहतर भाव के साथ खरीदती है। आइये समझते हैं कि इसकी खेती के लिए लाइसेंस कैसे प्राप्त किया जा सकता है ?

अफीम की खेती के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया

अफीम की खेती (Opium Farming) सरकारी अधिकारियों की कड़ी निगरानी में होती है। ऐसे में बिना लाइसेंस के इस खेती को करना, खतरे को दावत देना है। भारत में अफीम की खेती के लिए नारकोटिक्स विभाग (Central Bureau of Narcotics / केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो) लाइसेंस जारी करता है। इसलिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए किसानों को सर्वप्रथम नारकोटिक्स विभाग से संपर्क करना होगा। लाइसेंस के लिए नारकोटिक्स विभाग के नियम कायदे उनकी वेबसाइट में उपलब्ध हैं, जहां पर जाकर किसान इसकी जानकारी ले सकते हैं। नारकोटिक्स विभाग से मंजूरी मिलने के बाद किसान अफीम की खेती की जानकारी के लिए जिला बागवानी अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।


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देश में हर जगह वैध नहीं है ये खेती

अफीम की खेती के लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए हर किसान आवेदन नहीं कर सकता, क्योंकि केंद्र सरकार ने देश के कुछ चुनिंदा स्थानों में ही अफीम की खेती की अनुमति दी है। उदाहरण के लिए मध्य प्रदेश के नीमच जिले में और उसके आस पास सरकार द्वारा अफीम की खेती की स्वीकृति दी जाती है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में भी अफीम की खेती के लिए सरकार की तरफ से किसानों को लाइसेंस दिया जाता है। [caption id="attachment_10912" align="alignnone" width="1200"]अफ़ीम की खेती (Opium Poppy Farm) अफ़ीम की खेती (Opium Poppy Farm)[/caption]

अफीम की खेती के लिए इन बीजों का करें प्रयोग

वैसे तो अफीम की खेती के लिए सरकार की तरफ से कई प्रकार के बीज उपलब्ध कराये जाते हैं, लेकिन किसान जवाहर अफीम-16, जवाहर अफीम-539 और जवाहर अफीम-540 जैसे बीजों को उगाना काफी पसंद करते हैं, क्योंकि इन बीजों के प्रयोग से उत्पादन ज्यादा होने के साथ-साथ अफीम की क्वालिटी भी बेहतर प्राप्त होती है। इसके अलावा नारकोटिक्स विभाग के कई इंस्टीट्यूट अफीम पर रिसर्च करते रहते हैं और किसानों को समय-समय पर नए बीज उपलब्ध करवाते हैं। एक एकड़ खेत में अफीम की खेती करने के लिए कम से कम 6 किलो अफीम का बीज इस्तेमाल किया जाता है।


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किस प्रकार से तैयार होती है अफीम

अफीम की फसल 4 महीने की फसल है। बुवाई के 100 दिन बाद अफीम का पौधा परिपक्व हो जाता है और उसमें डोडे निकल आते हैं। इस डोडे से ही अफीम निकलती है, जिसके लिए प्रतिदिन इसमें चीरा लगाया जाता है, जिससे अफीम तरल रूप में रिस कर बाहर आ जाती है, जिसे किसी धारदार हथियार या हसिया से एकत्र कर लिया जाता है। सनद रहे कि अफीम एकत्र करने का काम धूप निकलने के पहले ख़त्म हो जाना चाहिए। यह प्रक्रिया अगले कुछ दिनों तक चलती रहती है। इसके बाद बचे हुए डोडे को धूप में सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है। सूखने के बाद मसाले के रूप में इसका प्रयोग किया जाता है। फसल के अंत में नार्कोटिक्स विभाग किसानों से अफीम खरीद लेता है, जिसके लिए किसानों को वाजिब दाम भुगतान किया जाता है।
इस राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से 1200 मुर्गियों की हुई मौत

इस राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से 1200 मुर्गियों की हुई मौत

उत्तर प्रदेश राज्य में आकाशीय बिजली गिरने की वजह से एक बड़ी दुर्घटना हुआ है। अंबेडकर नगर के बड़े गांव में बिजली गिरने से मुर्गी फार्म हाउस आग की चपेट में आ गया। इससे लगभग 1200 मुर्गियों की जलकर मृत्यु हो गई। भारत में मुर्गी पालन का एक बड़ा व्यवसाय है। लाखों की तादात में लोग इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। पोल्ट्री फार्म हाउस के माध्यम से काफी मोटी आमदनी भी अर्जित करते हैं। मुर्गी पालन के लिए बहुत सारे नार्म्स होते हैं। इन नियमों का भी अनुपालन करना पड़ता है। परंतु, भारत के एक प्रदेश में गिरी आकाशीय बिजली ने पोल्ट्री फार्म हाउस संचालक की अधिकांश संपत्ति ही बर्बाद हो चुकी है। उसे लाखों रुपये की हानि भी हुई है।

यूपी के अंबेडकर नगर में 1200 मुर्गियों की आकाशीय बिजली गिरने से मौत

उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ी दुर्घटना हो गई है। रविवार को मौसमिक परिवर्तन के चलते तेज बारिश चालू हो गई। आसमान में काले बादल के साथ जोरदार बिजली की चमक की वजह से लोग घरों में ही छुप गए। इसी दौरान जहांगीरगंज के बड़ागांव में मुर्गी हाऊस पर आकाशीय बिजली जा गिरी। बिजली इतनी तेजी से गिरी कि अतिशीघ्र ही आग लग गई। धीरे-धीरे आग पूरे फार्म हाउस में फैल गई। इसके चलते 1200 मुर्गियों की जलकर मोके पर ही मृत्यु हो गई। 

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स्थानीय लोगों पर भी नहीं बुझ सकी आग

स्थानीय लोगों का कहना है, कि रविवार के दिन में मौसम अच्छा था। परंतु, जैसे-जैसे रात आती गई मौसम खराब होना चालू हो गया। देर रात्रि में आकस्मिक तीव्र बिजली चमक, बारिश एवं ओलावृष्टि होनी चालू हो गई। इसके चलते बिजली जहांगीरगंज के बड़ागांव में स्थापित फार्म हाउस पर बिजली गिर चुकी। बिजली गिरते ही फार्म हाउस में आगजनी हो गई। आग की लपटों को देखते हुए आसपास के लोग आग बुझाने के लिए घटना स्थल पर पहुंच गए। परंतु, वह आग पर काबू करने में असमर्थ रहे। 

अबुबकर के मुर्गी फार्म हाउस को हुई लाखों की हानि

जहांगीरगंज के बड़ागांव के उत्तर घाघरा नदी के किनारे गांव में स्थित अबुबकर का मुर्गी फार्म हाउस है। कहा गया है, कि पेड़ को फाड़ते हुए मुर्गी फार्म हाउस पर जा गिरी। अबु बकर को आकाशीय बिजली गिरने से लाखों रुपये की हानि का सामना करना पड़ा है। अबु बकर ने राज्य सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है।

जानें खाद-बीज भंडार की दुकान खोलने की प्रक्रिया के बारे में

जानें खाद-बीज भंडार की दुकान खोलने की प्रक्रिया के बारे में

यदि आप ग्रामीण इलाकों में रहते हैं एवं कृषि से संबंधित बिजनेस करने की सोच रहे हैं, तो आप खाद-बीज की दुकान खोल सकते हैं। ऐसे में आइए आपको खाद-बीज की दुकान खोलने के लिए लाइसेंस कैसे लें, इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं। शहरी क्षेत्रों की भांति ही, ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यवसाय के विभिन्न अवसर हैं। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में कृषि से जुड़े कारोबार का महत्वपूर्ण रोल है। गौरतलब है, कि भारत सरकार भी कृषि से संबंधित व्यवसाय करने के लिए किसानों एवं लोगों को प्रोत्साहित कर रही है। यदि आप एक कृषक हैं अथवा फिर ग्रामीण हिस्सों में रहते हैं। साथ ही, आप कृषि से जुड़ा कारोबार करने की सोच रहे हैं, तो आप खाद-बीज की दुकान खोल सकते हैं। खाद-बीज का बिजनेस ग्रामीण क्षेत्र का एकमात्र ऐसा कारोबार है, जिसकी मांग सदैव बनी रहती है।

खाद-बीज की दुकान खोलने के लिए लाइसेंस लेने की आवश्यकता पड़ती है

हालांकि, खाद-बीज की दुकान खोलने के लिए लाइसेंस लेने की आवश्यकता पड़ती है। इसके अतिरिक्त लाइसेंस लेने के लिए आवेदक का 10वीं पास होना भी अनिवार्य है। साथ ही, सरकार किसानों को ऑनलाइन माध्यम से खाद व बीज स्टोर का लाइसेंस देने का कार्य करती है। ऐसी स्थिति में आइए आज हम आपको खाद-बीज की दुकान की स्थापना के लिए लाइसेंस लेने की संपूर्ण प्रक्रिया के बारे में बताते हैं।

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खाद-बीज की दुकान खोलने हेतु लाइसेंस के लिए दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • मतदाता पहचान पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • पैन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • एग्रीकल्चर में डिप्लोमा
  • दुकान या फर्म का नक्शा

खाद-बीज भंडार खोलने के लिए लाइसेंस किस तरह लें

खाद एवं बीज भंडार खोलने के लिए आपको सरकार से लाइसेंस लेना ही पड़ेगा। इस लाइसेंस को लेने के उपरांत ही आप खाद-बीज का कारोबार आरंभ कर सकते हैं। इसके साथ-साथ आप खाद-बीज दुकान का लाइसेंस ऑनलाइन के जरिए आसानी से निर्मित करा सकते हैं। अगर आप बिहार के मूल निवासी हैं और ऑनलाइन अपनी दुकान का लाइसेंस तैयार करने के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो आप लिंक पर विजिट कर आवेदन से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया जान सकते हैं। साथ ही, लिंक पर विजिट कर समस्त आवश्यक दस्तावेज सबमिट कर आप खाद-बीज लाइसेंस के लिए सुगमता से आवेदन कर सकते हैं।