देश में खेती-किसानी और कृषि से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानिए

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नई दिल्ली। – लोकेन्द्र नरवार

देश में खेती-किसानी और कृषि से जुड़ी तमाम योजनाएं संचालित हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाली कैबिनेट में देश के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए किसानों व कृषि के लिए तरह-तरह की योजनाएं बनाई गईं हैं। इन योजनाओं के जरिए फसल उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ-साथ किसानों को आर्थिक मदद प्रदान की जा रही है। इसके अलावा देश के किसानों को अपना फसल उत्पादन बेचने के लिए एक अच्छा बाजार प्रदान किया जा रहा है।

किसानों के लिए चलाई जा रहीं तमाम कल्याणकारी योजनाओं में समय के साथ कई सुधार भी किए जाते हैं। जिनका प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से किसानों को ही फायदा मिलता है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर – ICAR) द्वारा ”आजादी के अमृत महोत्सव” पर एक पुस्तक का विमोचन किया है। इस पुस्तक में देश के 75000 सफल किसानों की सफलता की कहानियों को संकलित किया गया है, जिनकी आमदनी दोगुनी से अधिक हुई है।

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आइए जानते हैं किसानों के लिए संचालित हैं कौन-कौन सी योजनाएं….

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ( PM-Kisan Samman Nidhi ) – इस योजना के अंतर्गत किसानों के खाते में सरकार द्वारा रुपए भेजे जाते हैं।

ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई योजना – इस योजना के माध्यम से किसान पानी का बेहतर उपयोग करते हैं। इसमें प्रति बूंद अधिक फसल‘ की पहल से किसानों की लागत कम और उत्पादन ज्यादा की संभावना रहती है।

◆ परम्परागत कृषि विकास योजना (Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY)) – इस योजना के जरिए जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाता है।

प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना (पीएम-केएमवाई) – इस योजना में किसानों को वृद्धा पेंशन प्रदान करने का प्रावधन है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana – PMFBY) – इस योजना के अंतर्गत किसानों की फसल का बीमा होता है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) – इसके अंतर्गत किसानों को सभी रबी की फसलों व सभी खरीफ की फसलों पर सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मूल्य प्रदान किया जाता है।

◆ मृदा स्वास्थ्य कार्ड- (Soil Health Card Scheme) इसके अंतर्गत उर्वरकों का उपयोग को युक्तिसंगत बनाया जाता है।

◆ कृषि वानिकी – ‘हर मोड़ पर पेड़’ की पहल द्वारा किसानों की अतिरिक्त आय होती है।

◆ राष्ट्रीय बांस मिशन – इसमें गैर-वन सरकारी के साथ-साथ निजी भूमि पर बांस रोपण को बढ़ावा देने, मूल्य संवर्धन, उत्पाद विकास और बाजारों पर जोर देने के लिए काम होता है।

◆ प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण – इस नई नीति के तहत किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित कराने का प्रावधान है।

◆ एकीकृत बागवानी विकास मिशन – जैसे मधुमक्खी पालन के तहत परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और आमदनी के अतिरिक्त स्त्रोत के रूप में शहद उत्पादन में वृद्धि होती है।

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) – इसके अंतर्गत कृषि फसलों के साथ-साथ डेयरी और मत्स्य पालन के लिए किसानों को उत्पादन ऋण मुहैया कराया जाता है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana (PMKSY))- इसके तहत फसल की सिंचाई होती है।

◆ ई-एनएएम पहल- यह पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म के लिए होती है।

◆ पर्याप्त संस्थागत कृषि ऋण – इसमें प्रवाह सुनिश्चित करना और ब्याज सबवेंशन का लाभ मिलता है।

◆ कृषि अवसंरचना कोष- इसमें एक लाख करोड़ रुपए के आकार के साथ बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए विशेष ध्यान दिया जाता है।

◆ किसानों के हित में 10 हजार एफपीओ का गठन किया गया है।

◆ डिजिटल प्रौद्योगिकी – कृषि मूल्य श्रंखला के सभी चरणों में डिजिटल प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग पर जरूर ध्यान देना चाहिए

 

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