प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में सबसे ज्यादा लाभार्थी हुए हैं उत्तर प्रदेश के किसान, जाने क्या है आपके राज्य का हाल

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में सबसे ज्यादा लाभार्थी हुए हैं उत्तर प्रदेश के किसान, जाने क्या है आपके राज्य का हाल

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केंद्र सरकार की तरफ से आर्थिक तौर पर कमजोर किसानों की मदद करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 2018 में की गई थी। अब तक इस योजना के तहत 12 किस्त जारी हो चुकी हैं, जिसके लिए लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं। अगर आंकड़ों की मानें तो इस योजना के तहत सबसे ज्यादा लाभ उत्तर प्रदेश के किसानों को हुआ है। इस बात का खुलासा हमारे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश योजना के शुभारंभ के बाद से प्रत्येक तिमाही में पीएम किसान सम्मान निधि योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी हैं। हाल ही, में कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया है, कि इस योजना के तहत किसानों पर दो लाख करोड रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

सरकार किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये तीन किस्तों में देती है

इस योजना के तहत किसानों को हर साल ₹6000 की राशि दी जाती है, जो उन्हें पूरे साल में 2000 की तीन किस्तों के रूप में प्रदान की जाती है। यह राशि सीधा किसानों के खाते में जाती है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान और पुष्टि करते हैं। पीएम किसान वेबसाइट पर उनके संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उनके डेटा को सत्यापित करने के बाद पात्र लाभार्थियों के खाते में रकम भेजी जाती है।

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आंकड़ों की जांच करने के बाद कृषि और कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया है, कि उत्तर प्रदेश के किसानों को इस योजना के तहत सबसे ज्यादा लाभ हुआ है। उदाहरण के लिए दिसंबर 2018 से मार्च 2019 तक राज्य को 2,238.72 करोड़ रुपये पीएम किसान निधि से प्राप्त हुए। इसके बाद अगला सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य आंध्र प्रदेश है। हालांकि, दुखद बात यह है, कि उसे केवल 663.4 करोड़ रुपये मिले, वहीं, चंडीगढ़ तीसरे नंबर पर है। अगर इस योजना की अगली किस्त की बात की जाए तो अब इस योजना के तहत 19 लाख के साथ ही लाभार्थी हो पाएंगे।

फर्जी लोगों के खिलाफ केंद्र सख्त हो गया है

सरकार द्वारा करवाए गए सर्वे के अनुसार इस योजना के तहत बहुत से लोगों ने फर्जी पंजीकरण किया है, जिसका सरकार पता लगा रही है। जिन भी किसानों ने गलत तरीके से इस योजना में पंजीकरण करवाया है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा सरकार ने किसानों को गलत तरीके से ली गई धनराशि को वापस करने के लिए भी सुविधाएं दी हैं। किसान इसके लिए बनाई गई आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यह पता कर सकते हैं, कि उन्हें धनराशि वापस करनी है या नहीं। अपनी सारी डिटेल्स वहां पर डालने के बाद किसान अपनी योग्यता वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।

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