फसल बीमा योजना का लाभ लें किसान

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भारत कृषि प्रधान देश है,भारत की अर्थव्यवस्था कृषि और किसानों पर ही निर्भर है इसलिए सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह किसानों की दिक्कतें कम करने को योजनाओं का क्रियान्वयन करे। इस क्रम में पूर्व की फसल बीमा योजना को संशोधित करके लागू किया गया है। हलांकि फसल बीमा को भी इंडीविजुवल करने की मांग हो रही है।  भारत जैसे देशों में ग्लोबल वार्मिंग की वजह से सूखा और बाढ़ जैसी समस्याएं बढ़ चुकी हैं जिसकी वजह से कई बार किसानों को बेहद नुकसान का सामना करना पड़ता है कभी-कभी नुकसान के चलते किसानों को आत्महत्या तक करनी पड़ती है।

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इस बीमा योजना के अंतर्गत व केंद्र सरकार 8800 करोड रुपए खर्च करने की योजना बनाई है.बीमा पॉलिसी के अंतर्गत किसानों को खरीफ फसल के लिए 2 प्रतिशत एवं रबी के लिए 1- 5 प्रतिशत एवं वाणिज्यिक फसल के लिए 5 प्रतिशत का भुगतान प्रीमियम के रूप में करना पड़ता है। इसके श्रेणी में बीमा होने के पश्चात  प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखे बाढ़ की वजह से फसल को होने वाले नुकसान पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है

बीमा योजना

किसान क्रेडिट कार्ड धारक सभी किसानों का बीमा किया जाता है। जो किसान इस कार्ड के धारक नहीं हैं वह सीधे अपने इलाके की बैंक या कृषि विभाग के अफसरों से बात करके बीमा कंपनी का पता करके बीमा करा सकते हैं।

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अब किसानों को सूखे या बाढ़ की वजह से फसल खराब होने की संभावना है तो वह उस फसल का बीमा करा सकते हैं.योजना के अंतर्गत तो उन्हें अब प्रीमियम भी कम भुगतान करना पड़ेगा.इस योजना में किसान अपनी जमीन  का ही नहीं बल्कि भाड़े पर ली हुई फसलों का बीमा भी करवा सकते हैं।

किन परिस्थितियों में मिलेगा बीमा का लाभ

बीमा योजना

यदि समय पर अच्छी बारिश ना हो और बोए हुए बीज अच्छे से नहीं उगते हैं तो किसान क्लेम कर सकता है। इसके साथ ही यदि बीज बोने के बाद किसी प्राकृतिक आपदा के कारण फसल नष्ट हो गई है तो किसान बीमा के लिए क्लेम कर सकते हैं.ऐसी कई फसल हैं  जिन्हें किसानों को सुखाने के लिए जमा करना पड़ता है.इस दौरान किसी आपदा के कारण फसल नष्ट हो जाती है या बर्बाद हो जाती है तो भी इस योजना के अंतर्गत किसान बीमा के लिए क्लेम कर सकता है और आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकता है,यानी फसल बोने से लेकर घर लाने तक किसी भी तरह की क्षति को इस योजना में कवर किया गया है।

किसान क्रेडिट कार्ड धारक किसानों के सभी दस्ताबेज बैंक के पास होते हैं लिहाजा उन्हीं से बीमा कर दिया जाता है। आन लाइन बीमा करने के लिए जमीन संबंधी दस्तावेज किसानों के पहचान प्रमाण पत्र जैसे  आधार कार्ड ] राशन कार्ड ] पैन कार्ड ] वोटर आईडी कार्ड ] पते को प्र​माणित करने के लिए वोटर आईडी कार्ड या आधार कार्ड बैंक] बैंक अकाउंट  एवं किसान द्वारा फसल की बुवाई करने की तारीख भरनी होती है।

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