समूह बनाकर पाएं कृषि यंत्रों पर लाखों की छूट

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सरकार चाहती है कि किसान पराली को न जलाएं। उसका खेती में उपयोग करें। छोटे किसान भी 11 लोगों का समूह बनाकर आधुनिक मशीनों से लैस हो जाएं। इसके लिए सरकार ने कस्टम हायरिंग स्कीम लांच की है।

भारत सरकार, के कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवम किसान कल्याण मंत्रालय की विभिन्न योजनाओ जैसे कि कृषि यांत्रिकीकरण पर उप मिशन (SMAM), राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) और  फसल अवशेष प्रबंधन योजनाओ के अंतर्गत लगभग 38000 से अधिक कस्टम हायरिंग केंद्र, जिसमे की हाई-टेक हब के साथ फ़ार्म मशीनरी बैंक भी सम्मिलित हैं, स्थापित किये जा चुके हैं। इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

देश भर के किसानो, विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसान, जो उच्च तकनीक व मूल्य की कृषि मशीनरी और उपकरण खरीदने में असमर्थ है, को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, ने सभी कृषि मशीनरी कस्टम सेवा प्रदाताओं और किसानों / उपयोगकर्ताओं को एक साझा मंच पर लाने के लिए एक एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म के अनुकूल, बहुभाषी मोबाइल ऐप “सीएचसी- फार्म मशीनरी” विकसित किया है। इसके माध्यम से विभिन्न राज्यों के स्थानीय किसान फार्म मशीनरी बैंक/कस्टम हायरिंग सेंटर जैसे सभी कस्टम सेवा प्रदाताओं द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का उपयोग बिना किसी कंप्यूटर सपोर्ट सिस्टम के कर सकते हैं|

यह मोबाइल एप्लिकेशन पहले से ही कस्टम हायरिंग सेवा केंद्रो की तस्वीर/भौगोलिक स्थिति को  उसके भू-निर्देशांक की सटीकता के तथा उसमे उपलब्ध कृषि मशीनरी तस्वीरों को  अपलोड करता है । अभी तक इस  इस मोबाइल एप पर 40,000  से अधिक कस्टम हायरिंग सर्विस सेंटर उनमे उपलब्ध , 1,20,000 से अधिक कृषि मशीनरी को किराये पर दिये जाने हेतू पंजीकृत हो चुके हैं।

आज इस ऐप को पूर्ण रूप से आम जनता/किसानों के लिये  किया जा रहा है। इस ऐप के माध्यम से किसान, विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसान की आसानी से उच्च मूल्य व तकनीक वाले कृषि यंत्रों तक पहुंच सम्भव होगी, और इन कृषि यंत्रों के प्रयोग से सभी प्रकार के  आदानो (इनपुट्स) के इष्टतम उपयोग के साथ-साथ न केवल किसानों की आय में भी वृद्धि होगी वरन कम समय सीमा मे अधिक से अधिक जोतों तक मशीनीकरण की  पहुंच बनाना भी संभव होगा।

कैसे मिलेगा लाभ 

11 किसानों का समूह बनाया जाता है। इसमें 60 हार्स पावर के ट्रक्टर पर 40 प्रतिशत तक की छूट मिलती है।  इसके आलावा धान की पराली प्रबंधन में प्रयोग आने वाली कुल 10 मशीनों में से किन्हीं चुनिंद मशीनों पर 55 प्रतिशत तक का अनुदान सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है।

कौनसी हैं मशीन

सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्रा चापर, श्रेडर, मल्चर, श्रव मास्टर, कस्टर कम स्रपेडर, हाईड्रोलिक एमबी प्लाउू, रोटरी स्लेशर, जीरोटिल सीडकम फर्टिलाइजर ड्रिल शामिल हैं। इनमें से सभी या कोई भी चुनिंदा मशीनें किसान समूह बनाकर ले सकते हैं।

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