इधर गन्ना पहुंचा, उधर भुगतान तैयार | Merikheti

इधर गन्ना पहुंचा, उधर भुगतान तैयार

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यूपी में गन्ना किसानों की सबसे बड़ी समस्या थी गन्ना मिलों का भुगतान। कई-कई साल बीत जाते थे फिर भी गन्ना फसलों का मूल्य किसानों को नहीं मिलता था। अब ये सब बीते जमाने की बात हो गई। इधर आपका गन्ना मिल में पहुंचा नहीं कि क्वालिटी चेक करके आपका भुगतान तैयार हो गया।

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एक दौर था जब किसान परेशान रहा करते थे, उनकी परेशानी इस बात को लेकर ज्यादा थी कि वो जो गन्ना उपजाते हैं। उसकी कीमत उन्हें नहीं मिलती, मिलती भी है जो छह माह के बाद वह भी आधी-अधूरी। इसको लेकर किसान परेशान रहा करते थे, कई किसानों ने कर्ज लेकर गन्ने की फसल लगाई थी। जब उन्हें भुगतान नहीं मिला तो साहूकार छाती पर चढ़ बैठा। कई किसानों ने अपनी जमीनें बेच दी कई ने अपनी जान दे दी।

अब भुगतान मिलने लगा है

दौर बदल गया सरकार बदल गई, योगी आदित्यनाथ जी जब से यूपी के मुख्यमंत्री बने, उन्होंने इस समस्या का समाधान खोजने में ज्यादा वक्त नहीं लगाया। चूंकि वह खुद गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर सड़क से संसद तक आवाज उठाते रहे थे, लिहाजा उन्हें पता था कि समस्या कहां है। देखते ही देखते चीजें बदल गईं, सरकारी आंकड़ों की बात करें तो अब तक 1.80 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान हो चुका है। यह जानकारी खुद मुख्यमंत्री ने उपलब्ध कराया है, योगी आदित्यनाथ जी के अनुसार कोरोना संकट के दौरान भी सरकार ने सभी चीनी मिलों का संचालन किया।

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किसानों को 1.80 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया। एक बार फिर चीनी मिलों में पेराई सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। हम लोगों ने गोरखपुर जिले के पिपराइच व मुंडेरवा में चीनी मिलों को चलाकर गन्ना किसानों के हित में बड़ी पहल की है। अब तो आप अपना गन्ना लेकर जाएं, उसकी क्वालिटी चेक करवाएं, गन्ने की उधर पेराई खत्म हुई, उधर आपका भुगतान तैयार। अब कोई झंझट नहीं होगी।

योगी जी का यह भी कहना था, कि गन्ना पेराई के लिए किसी भी दलाल की मदद न लें। खुद गन्ना मिल तक जाएं, गन्ने का उचित वजन करवाएं, उसकी पक्की रसीद लें और तब गन्ने को पेराई के लिए भेजें। सारा सिस्टम कंप्यूटराइज्ड कर दिया गया है, थोड़ा सावधान रहेंगे तो कोई दिक्कत नहीं होगी। जो गन्ना मिलें हैं, उनसे भी कहा गया कि वे गन्ना उत्पादक किसानों का ध्यान रखें, उन्हें सहयोग करें। जहां तक सवाल भुगतान का है, वह 100 फीसद होगा, जो सरकार को करना था, वह सरकार कर चुकी है।

तीन लाख मीट्रिक टन धान की खरीद

उत्तर प्रदेश में धान की खरीद भी शुरू हो चुकी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सभी जिलाधिकारियों को दो टूक निर्देश दे दिया है कि धान खरीद में पूरी तरह से सावधानी बरतें। जितना ज्यादा से ज्यादा धान क्रय केंद्र खोले जा सकते हैं, खोले जाएं। अन्नदाता को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। अब तक तीन लाख मैट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। धान, बाजरा, मक्का सभी फसलों का क्रय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करते हुए किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि यथाशीघ्र उनके बैंक खातों में अंतरित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है।

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