इन ड्रोन को है भारत में उड़ाने की अनुमति : जानें डीजीसीए गाइडलाइन

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भारत में ड्रोन तकनीक से संबंधित सभी कानून उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली एक संस्था डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी डीजीसीए (Directorate General of Civil Aviation – DGCA) के द्वारा बनाए जाते है।

हाल ही में साल 2021 और 2022 में इन कानूनों में काफी सुधार किए गए है।

पहले आपको छोटे से छोटे ड्रोन को उड़ाने के लिए भी लाइसेंस की आवश्यकता होती थी, परंतु अब छोटे और मध्यम साइज आकार के ड्रोन को नॉन कमर्शियल उद्देश्य से इस्तेमाल करने के लिए किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी।

इस प्रकार के लाइसेंस को ‘रिमोट पायलट सर्टिफिकेट‘ (Remote Pilot Certificate) के नाम से जाना जाता है।

किस प्रकार के ड्रोन को है भारत में उड़ाने की अनुमति :

डीजीसीए की गाइडलाइन के अनुसार भारत में उड़ाये जा सकने वाले ड्रोन को पांच कैटेगरी में बांटा गया है, जो कि निम्न प्रकार से है :

  1. नैनो ड्रोन :-  इस (Nano Drone) कैटेगरी के अंतर्गत उन ड्रोन को शामिल किया जाता है जिनका वजन 250 ग्राम से कम होता है।
  2. माइक्रो ड्रोन :- इनके (Micro Drone) अंतर्गत 250 ग्राम से लेकर 2 किलोग्राम तक के वजन वाले ड्रोन को शामिल किया गया है।
  3. स्मॉल ड्रोन :- इस (Small Drone) केटेगरी में २ किलोग्राम से लेकर २५ किलोग्राम वजन वाले ड्रोन को शामिल किया गया है।
  4. मध्यम आकार ड्रोन :- इस (Medium Drone) केटेगरी में २५ किलोग्राम से लेकर १५० किलोग्राम वजन वाले ड्रोन को शामिल किया गया है।
  5. सबसे बड़े (Large) ड्रोन :- इस केटेगरी में मुख्यतया जिन ड्रोन का वजन 150 किलोग्राम से ज्यादा होता है, उसे शामिल किया गया है।
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कैसे प्राप्त करें ड्रोन उड़ाने का लाइसेंस :

इस लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए आपको सबसे पहले उड्डयन मंत्रालय की वेबसाइट पर विजिट करना होगा :

https://digitalsky.dgca.gov.in/home

  • Step 1- वेबसाइट के खुलते ही आपको एक ऐसा पेज दिखाई देगा, जहां पर आप साइन अप कर अपना अकाउंट बना सकते है।

Step 1

  • Step 2-उसके बाद नीचे फ़ोटो में मांगी गई पूरी जानकारी को भरना होगा।

Step 2

  • Step3 – अब आपके सामने रिमोट पायलट सर्टिफिकेट का एक प्रोफाइल पेज खुल जाएगा।

Step 3

जहां से आप अलग-अलग सेवाओं के लिए अप्लाई कर सकेंगे।

यदि आपकी प्रोफाइल पूरी तरीके से अप्रूव हो जाती है, तो आपको एक ‘पायलट आईडेंटिफिकेशन नंबर‘ तथा एक ‘यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर‘ (UIN – Unique Identification Number) दिया जाएगा।

ऊपर दिए गए दोनों नंबर को आगे सबमिट करने पर ‘अनमैंड एयरक्राफ्ट ऑपरेटर परमिट‘ दिया जाएगा।

ध्यान रखें कि केवल यह परमिट मिलने के बाद ही आप नैनो ड्रोन के अलावा दूसरे प्रकार के बड़े आकार वाले ड्रोन उड़ा पाएंगे।

इस लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए आपको मात्र ₹100 की फीस जमा करानी होगी और एक बार लाइसेंस लेने पर यह 10 साल तक स्वीकार्य होगा, इसके बाद में इसे फिर से रिन्यू (Renew) करवाना होगा।

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किस क्षेत्र में है ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी :

यदि आपके पास छोटा ड्रोन है, तो उसे जमीन से 120 मीटर की ऊंचाई से अधिक नहीं उड़ाया जा सकता है। इसके अलावा डीजीसीए के द्वारा तय किए गए कुछ क्षेत्र पूर्ण रूप से ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित किए गए है। इस प्रकार के जॉन को रेड जोन (Red Zone) के नाम से जाना जाता है।

रेड जॉन में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर, सेना के बेस कैंप और केंद्र तथा राज्य सरकारों के सचिवालय क्षेत्र को शामिल किया गया है।

ड्रोन पायलट बनने के लिए कौन सी योग्यताओं की होगी आवश्यकता

डीजीसीए के द्वारा जारी किए जाने वाले रिमोट पायलट लाइसेंस के लिए कुछ योग्यताएं तय की गई है :

  • आपकी उम्र 18 साल से अधिक और 65 साल से कम होनी चाहिए।
  • आप अपनी राज्य सरकार या फिर सीबीएसई बोर्ड के तहत कक्षा 10 पास होने चाहिए।
  • डायरेक्टर जनरल के द्वारा रिमोट पायलट लाइसेंस के लिए दी जाने वाली ट्रेनिंग को पूरा कर लिया जाना चाहिए।
डीजीसीए के रिमोट पायलट लाइसेंस - २५ किलोग्राम ड्रोन केटेगरी तक - के सिलेबस 
(DGCA Remote Pilot Licence Syllabus for upto 25 kg drones) का सरकारी दस्तावेज पढ़ने या पीडीऍफ़ डाउनलोड के लिए, यहां क्लिक करें

हालांकि, यह सब बातें तो सरकार के द्वारा तय की गई है, परंतु फिर भी आपको एक सफल ड्रोन पायलट बनने के लिए आपके क्षेत्र की जलवायु और हवा की स्पीड के अलावा दूसरी कई तकनीकों को भी सीखना होगा।

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  1. […] भारत में ड्रोन तकनीक से संबंधित सभी कानून उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली एक संस्था 'डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन' यानी डीजीसीए द्वारा बनाए जाते है। हाल ही में साल 2021 और 2022 में इन कानूनों में काफी सुधार किए गए है, अब छोटे और मध्यम साइज आकार के ड्रोन को नॉन कमर्शियल उद्देश्य से इस्तेमाल करने के लिए किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी।  […]

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