मध्य प्रदेेश में एमएसपी (MSP) पर 8 अगस्त से इन जिलों में शुरू होगी मूंग, उड़द की खरीद

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एमपी में मूंग-उड़द खरीद पंजीकरण पूर्ण

32 जिलों में 741 खरीद केन्द्र निर्धारित

मध्य प्रदेश में मिनिमम सपोर्ट प्राइज (Minimum Support Price/MSP/एमएसपी) अर्थात न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग (Mung bean) और उड़द की खरीद 8 अगस्त से शुरू होगी। इन उपजों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

इस बीच एमपी के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीद प्रक्रिया संबंधी समीक्षा बैठक में अहम निर्देश दिए हैं। भारत सरकार की प्राईस सपोर्ट स्कीम के तहत, मध्य प्रदेश मेें ग्रीष्मकालीन फसल मूंग एवं उड़द की उपज खरीद संबंधी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

एमपी मेें समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द का उपार्जन 8 अगस्त से प्रारंभ होगा। मध्य प्रदेश में मूंग और उड़द की सरकारी मूल्य पर उपार्जन प्रक्रिया 30 सितम्बर तक जारी रहेगी।

एमपी में ग्रीष्मकालीन मूंग की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय संबंधी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मध्य प्रदेश में मूंग को समर्थन मूंग पर बेचने हेतु किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 18 जुलाई से शुरू हुई थी।

इधर मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी के रजिस्ट्रेशन (Registration for purchase of moong in Madhya Pradesh) के बारे मेंं बीजेपी नेता शिवराज सरकार के देरी से फैसला लिए जाने पर किसानों में रोष भी है।

हालांकि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार 8 अगस्त से समर्थन मूल्य पर मूंग की क्रय प्रक्रिया शुरू करेगी।

किसान नहीं व्यापारी का भला!

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मूंग उपज के लिए देर से समर्थन मूल्य प्रदान करने के कारण किसान के बजाए इसका लाभ व्यापारियों को मिल सकता है।

प्रदेश के तमाम जिलों से जुड़ी खबरों के मुताबिक व्यापारी मंडियों में 4200 से 5800 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से किसानों से मूंग खरीद चुके हैं।
समर्थन मूल्य की बाट जोह रहे मूंग की खेती करने वाले किसानों की राय में सरकार का फैसला देरी से आया है, वे पहले ही अपनी फसल व्यापारियों को औने पौने दाम पर हवाले कर चुके हैं।

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किसानों का कहना है कि, व्यापारियों ने उमदा किस्म की मूंग भी उम्मीद से कम दामों पर खरीदी।

किसान मजदूर संघ ने जुलाई के महीने में समर्थन मूल्य पर मूंग उपज की खरीद प्रक्रिया शुरू करने के सरकार के निर्णय को दिमागी दिवालियापन करार दिया है। संघ के मुताबिक जो मूंग जून में खरीदी जानी थी उसके लिए देर से फैसला लेना किसान हितैषी नहीं कहा जा सकता।

एमपी में मई के आखिरी और जून के पहले सप्ताह तक मूंग पककर तैयार हो जाती है। ऐसे में अब तक प्रदेश के अधिकांश कृषक मूंग की उपज बेच चुके हैं।

इतना लक्ष्य

जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में इस साल 2 लाख 25 हजार टन मूंग खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। अचरज वाली बात ये भी है कि, इस बार एमपी में मूंग की पैदावार 15 लाख टन से भी अधिक के आसपास बताई जा रही है।

इस दिन तक होगी खरीदी

ग्रीष्मकालीन उपज मूंग एवं उड़द संबंधी उपार्जन प्रक्रिया कार्य की मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा की। इस दौरान सीएम चौहान ने भारत सरकार की प्राईस सपोर्ट स्कीम के तहत समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन उपज मूंग एवं उड़द का एमपी में उपार्जन 8 अगस्त से 30 सितम्बर तक करने का निर्णय लिया।

देर से निर्णय लेकर सीएम शिवराज ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। अव्वल तो ज्यादा उत्पादित मूंग की सरकार को समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं करना पड़ेगी, दूसरे प्राइज़ गारंटी की पेशकश से सरकार की इमेज भी खतरे मेंं नहीं पड़ेगी।

भ्रष्टाचार मुक्त उपार्जन प्रक्रिया के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए बैठक में अहम निर्देश दिए।

सीएम शिवराज की दो टूक

किसानों के नाम पर व्यापारी मूंग और उड़द ना बेच सकें इस बारे में खास सतर्कता बरतने के लिए भी सीएम ने समीक्षा बैठक में निर्देशित किया।
उन्हेोने सिर्फ किसानों से ही मूंग और उड़द खरीदने के सख्त निर्देश दिए। लघु कृषकों को इन फसलों के लिए प्रक्रिया में प्राथमिकता देने के लिए सीएम ने निर्देश दिए।

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खरीदी केन्द्र निर्धारित

जानकारी के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग एवं उड़द की उपार्जन प्रक्रिया के लिए खरीद केंद्र निर्धारित कर दिए गए हैं। मध्य प्रदेश में 741 खरीदी केंद्रो के माध्यम से मूंग एवं उड़द की सरकारी तौर पर खरीद की जाएगी।

पंजीयन की स्थिति

मध्य प्रदेश के 32 जिलों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग की उपज बेचने के लिए 2 लाख 34 हजार 749 कृषकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
कुल 6 लाख एक हजार हेक्टेयर रकबे का योजना के तहत रजिस्ट्रेशन प्रदेश के किसानों ने कराया है।

उड़द की बात करें तो कुल 10 जिलों में किसानों ने पंजीयन प्रक्रिया में सहभागिता की है। प्रदेश के कुल 7 हजार 329 कृषकों द्वारा उड़द फसल के लिए पंजीयन कराया गया है। इसमें 10 हजार हेक्टेयर रकबे का पंजीकरण उपार्जन प्रक्रिया के तहत किया गया है।

आपको बता दें, भारत सरकार की कृषि उपज मूल्य समर्थन योजना की आदर्श रूपरेखा के अनुसार रोजाना प्रति कृषक 25 क्विंटल उपज का उपार्जन किया जाना प्रस्तावित है।

इतना मिलेगा दाम

कृषि विपणन वर्ष 2022-23 में मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7 हजार 275 रूपए (7,275 रु.) प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
इसी तरह उड़द उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 6 हजार 300 रूपए प्रति क्विंटल प्रदान किया जाएगा।

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मूंग खरीदने निर्धारित जिले

बालाघाट, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, रायसेन, हरदा, सीहोर, जबलपुर, देवास, सागर, गुना, खण्डवा, खरगोन, कटनी, दमोह, विदिशा, बड़वानी, मुरैना, बैतूल, श्योपुरकला, भिण्ड, भोपाल, सिवनी, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, छतरपुर, उमरिया, धार, राजगढ़, मण्डला, शिवपुरी और अशोकनगर जिलों को ग्रीष्मकालीन मूंग की सरकारी दर पर खरीदी के लिए चुना गया है।

इन 10 जिलों में होगी उड़द की खरीदी

जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, दमोह, छिंदवाड़ा, पन्ना, मण्डला, उमरिया और सिवनी सहित कुल 10 जिलों में उड़द की खरीदी प्रक्रिया आयोजित होगी।

मध्य प्रदेश में एमएसपी पर 8 अगस्त से शुरू होने वाली मूंग क्रय प्रक्रिया के लिए 7 हजार 275 रूपए (7,275 रु.) प्रति क्विंटल का भाव किसानों से खरीदने के लिए तय किया गया है।

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