गाय का शुद्ध दूध बेचकर झारखंड की शिल्पी ने खड़ा कर दिया इतना बड़ा कारोबार

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बेंगलुरु।

आज के युग में खाद्य पदार्थों में शुद्धता की गारंटी शून्य स्तर तक पहुंच चुकी है। इसमें भी दूध, दही, पनीर और मक्खन जैसे उत्पादों में मिलावट खोरी ज्यादा बढ़ गई है। ऐसे में शुद्ध दूध मिलना आसान नहीं है। बाजारों में अशुद्ध और मिलावटी दूध से हर कोई परेशान है।

यदि अच्छे पोषक तत्वों वाला शुद्ध दूध मिल जाए तो मनुष्य के जीवन और सेहत के लिए काफी लाभदायक होता है। झारखंड की 27 वर्षीय शिल्पी ने गाय का शुद्ध दूध देकर लोगों में अपना भरोसा बनाया है। आज शिल्पी की एक निजी कंपनी (The Milk India Company) है जो एक करोड़ रुपए का टर्नओवर कर रही है। लेकिन शिल्पी ने गाय का शुद्ध दूध लोगों तक पहुंचाने के लिए काफी मेहनत की है। साथ ही लोगों के विश्वास हांसिल किया है।

आइए जानते हैं शिल्पी की दिनचर्या

शिल्पी सिन्हा झारखंड के डाल्टनगंज की रहने वाली हैं। शिल्पी हमेशा अपने दिन की शुरुआत एक कप दूध से करतीं हैं। शिल्पी को शुद्ध दूध और अशुद्ध दूध के महत्व का अहसास तब हुआ, जब शिल्पी को बैंगलोर जैसे एक महानगर में अशुद्ध दूध मिलता था। तभी से शिल्पी ने लोगों को शुद्ध दूध पिलाने का बीड़ा उठाया।

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शुरुआत में शिल्पी को कोई सहायक नहीं मिला था, जब उन्होंने गाय के दूध का काम शुरू किया। वह प्रातः काल चार बजे खेतों में खुद गायों के लिए चारा लेने जाती थीं। एक महिला के लिए ऐसे अकेले जाना सुरक्षित नहीं था, इसलिए उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए पेप्पर स्प्रे और चाकू रखा था । बाद में कारोबार में बढ़ोतरी हुई तो मदद के लिए सहायकों का प्रबंध हो सका ।

किसानों को साथ लेकर बढ़ाया कारोबार

– गाय के शुद्ध दूध के कारोबार को बढ़ाने के लिए शिल्पी ने आस-पास के किसानों को साथ लिया। किसानों की समस्याओं को समझा और उनका समाधान कराया। पशुओं को तत्काल चिकित्सा मुहैया कराने का प्रबन्ध किया, और लोगों को कारोबार से जोड़ती गईं। शुरुआत में केवल 11000 रुपए लगाकर कारोबार शुरू किया, जो आज एक लाभदायक और बड़ा बिज़नेस बन गया है। शिल्पी ने पहले दो साल करीब 27 लाख रुपए का बिज़नेस किया और बाद में 70 लाख रुपए का वार्षिक कारोबार बन गया। जो आज एक करोड़ का टर्नओवर कर रहा है।

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लोकेन्द्र नरवार

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