तुर्की में अनाज संकट दूर करने के लिए यूक्रेन ने भेजी गेहूं की खेप

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नई दिल्ली।

इन दिनों तुर्की (Turkey) में अनाज का भीषण संकट है। संकट के इस दौर में युक्रेन (Ukraine) ने गेहूं की एक बड़ी खेप भेजकर तुर्की की मदद की है।

बता दें कि बीते माह भारत ने तुर्की को गेहूं की बड़ी खेप भेजी थी, लेकिन तुर्की ने भारत के गेहूं को सड़ा हुआ गेहूं बताकर उसे वापिस लौटा दिया था। हालांकि एक सप्ताह बाद ही तुर्की फिर से भारत से गेहूं की मांग करने लगा। भारत ने भी तुर्की को गेहूं भेजने का आश्वासन दिया। मगर इस बीच युक्रेन ने तुर्की को गेहूं की बड़ी खेप भेज दी है। तुर्की के रक्षा मंत्रालय के अनुसार यूक्रेनी बंदरगाह से अनाज कार्गो के साथ पहली शिपमेंट में तुर्की पहुंच चुका है।

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स्पूतनिक न्यूज एजेंसी के हवाले से दी गई खबर में राष्ट्रपति के प्रवक्ता, इब्राहिम कालिन ने कहा कि यूक्रेन से गेहूं की बड़ी खेप तुर्की आ चुकी है। उन्होंने बताया कि काला सागर के माध्यम से अनाज का निर्यात आने वाले दिनों में शुरू होगा। शीघ्र ही समुद्री अनाज परिवहन शुरू की जाएगी। जो आगामी वैश्विक खाद्य संकट में महत्वपूर्ण होगी।

यूक्रेनी संकट को कूटनीतिक रूप से हल करने का प्रयास करेगा तुर्की

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इरदुगान के मुताबिक वह यूक्रेनी संकट को कूटनीतिक रूप से हल करने का प्रयास करेंगे। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में शांति बनाने के लिए राजनीतिक प्रयास किया जाएगा। शीघ्र ही इसका अच्छा समाचार मिलने की उम्मीद है। इसके लिए दोनों देशों के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं से बातचीत चल रही है।

अनाज संकट बनेगा रूस और यूक्रेन युद्ध थामने में मददगार

– वैश्विक स्तर पर कई देशों में अनाज का भीषण संकट है। उधर रूस और यूक्रेन युद्ध अभी तक जारी है। अनाज संकट वाले देश इन दोनों देशों में शांति बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। लेकिन देखना यह है कि क्या वाकई अनाज संकट ही रूस और यूक्रेन युद्ध को थामने में कारगर साबित होगा।

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यूरोप की ब्रेडबास्केट माना जाता है यूक्रेन

– यूक्रेन गेहूं, मक्का और सूरजमुखी का बड़ा उत्पादक देश है। यूक्रेन में दुनिया का 10 फीसदी गेहूं, 12-17 फीसदी मक्का व 50 फीसदी सूरजमुखी का उत्पादन होता है। यही कारण है कि यूक्रेन को यूरोप का ब्रेडबास्केट के रूप में माना जाता है।
रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते मानवीय आपदा की कगार पर हैं लोग

– रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते ब्रिटेन जैसे कई देशों में रोजमर्या कई वस्तुओं की कीमत बढ़ गईं हैं। दुनियाभर में 47 मिलियन लोग मानवीय आपदा पर खड़े हैं। जिसका बड़ा कारण रूस और यूक्रेन युद्ध ही है। पश्चिम ने आरोप लगाया है कि रूस की कार्यवाइयों के कारण ही ऐसे हालात पैदा हुए हैं।

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