बैंक की नौकरी की बजाए सब्जियों की खेती को चुनकर किसान हुआ मालामाल

Published on: 04-Aug-2023

किसान विनय कुमार का कहना है, कि राज्य में फिलहाल कोल्ड स्टोर, पॉली हाउस, ग्रीन हाउस की काफी ज्यादा कमी है। यदि सरकार सब्सिडी देकर इनकी तादात बढ़ाती है, तो किसानों की आय में और बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में खेती- किसानी भी किसी बिजनेस से कम नही है। भारत में बहुत सारे किसान खेती से लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की आमदनी कर रहे हैं। इसके लिए किसान पारंपरिक फसलों की अपेक्षा वैज्ञानिक तरीके से फूल, फल और सब्जियों की खेती कर रहे हैं। यही कारण है, कि अब खेती आहिस्ते-आहिस्ते व्यापार बन चुकी है। अब ऐसे में पढ़े- लिखे युवा भी खेती किसानी में काफी रुचि ले रहे हैं। आज हम तीन ऐसे दोस्तों के विषय में बात करेंगे, जो किराए पर भूमि लेकर सब्जी की खेती कर रहे हैं। इससे उन्हें काफी मोटी आमदनी हो रही है। अब ये तीनों दोस्त दूसरे लोगों को भी नौकरी दे रहे हैं।

ये तीनों दोस्त बिहार राज्य के पटना के रहने वाले हैं

विशेष बात यह है, कि ये तीनों दोस्त बिहार के पटना जनपद के निवासी हैं। ये तीनों पटना से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद बिहटा में लीज पर जमीन लेकर सब्जी की खेती कर रहे हैं। इन किसानों का नाम विनय राय, रंजीत मिश्रा और राजीव रंजन शर्मा है। ये तीनों प्रति वर्ष सब्जी बेचकर 50 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। विनय राय का कहना है, कि आज से लगभग 9 साल पहले वे मुंबई में बैंक में नौकरी किया करते थे। परंतु, उनका सपना खेती करने का था। इस वजह से उन्होंने नौकरी छोड़कर साल 2014 में खेती करना चालू कर दिया। वह अपने गांव के दोस्तों के साथ मिलकर वैज्ञानिक विधि से सब्जियों की पैदावार कर रहे हैं।

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इनकी 50 बीघे सब्जियों की खेती में 20 से 25 मजदूर कार्य करते हैं

इनके खेत में प्रतिदिन तकरीबन 20 से 25 मजदूर कार्य करते हैं। मतलब कि इन तीनों दोस्तों ने खेती को व्यवसाय में तब्दील कर दिया है। अगर विनय नौकरी करते, तो केवल अपना और अपने परिवार का ही भरण पोषण कर पाते। परंतु, खेती से वे दूसरे लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर रहे हैं। विनय राय ने बताया कि चार साल पहले उन्होंने खेती आरंभ की थी। सबसे पहले 10 बीघे जमीन में खीरा, ब्रोकली और गोभी की खेती की थी। इससे अच्छी आमदनी अर्जित हुई। इसके पश्चात वे आहिस्ते-आहिस्ते क्षेत्रफल बढ़ाते गए। अभी तीनों दोस्त 50 बीघे जमीन में हरी सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। ये तीनों दोस्त एक साल में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्जियां बेचते हैं।

जानें ये कितनी आमदनी कर लेते हैं

विनय कुमार का कहना है, कि प्रदेश में फिलहाल कोल्ड स्टोर, पॉली हाउस, ग्रीन हाउस की बहुत कमी है। अगर सरकार अनुदान देकर इनकी तादात बढ़ाती है, तो किसानों की आय में और बढ़ोतरी होगी। साथ ही, विनय राय के 45 वर्षीय मित्र रंजीत मिश्रा का कहना है, कि वे एक खेत में वर्षभर के अंतराल में तीन फसल की खेती करते हैं। बतादें, कि ये लगभग 10 एकड़ में खीरा उगाते हैं। इसके अतिरिक्त तरबूज और खरबूज की भी खेती किया करते हैं। विगत वर्ष उन्होंने 25 लाख रुपए का पपीता विक्रय किया गया था। इसके अतिरिक्त ब्रोकली, गोभी और कद्दू बेचकर भी वो लाखों रुपये की आमदनी कर लेते हैं।

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