केंद्रीय कृषि मंत्री ने NMNF पोर्टल का किया शुभारंभ

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केंद्रीय कृषि मंत्री ने एनएमएनएफ (NMNF) नामक पोर्टल का शुभारंभ कल दिल्ली के कृषि भवन में राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन की संचालन समिति की बैठक में की। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग नामक पोर्टल का शुभारंभ करने का मुख्य उद्देश प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाने का है, जिसे पारंपरिक खेती के रूप में भी जाना जाता है। यह एक रासायनिक मुक्त कृषि पद्धति है।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कल नई दिल्ली के कृषि भवन में राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन की संचालन समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की। तोमर ने बैठक के दौरान एनएमएनएफ पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा की प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आज के इस दौर में सबसे ज्यादा जरूरत है। यह खेती ऑन-फार्म बायोमास रीसाइक्लिंग पर आधारित है, जिसमें बायोमास मल्चिंग पर विशेष जोर दिया जाता है। खेत में गाय के गोबर-मूत्र आदि का प्रयोग करके खेती की जाती है एवं सभी सिंथेटिक रासायनिक आदानों से बचाया जाता है।

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उन्होंने कहा कि देश के प्राकृतिक खेती के मिशन को सबके सहयोग से अंजाम दिया जाएगा। इस संबंध में, उन्होंने अधिकारियों को राज्य सरकारों और केंद्रीय विभागों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया ताकि किसानों से जुड़ाव को सुगम बनाया जा सके, जिससे किसान अपने उत्पादों को अधिक आसानी से बेच सकें। बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह, जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, केंद्रीय कृषि सचिव मनोज आहूजा और विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के द्वारा लॉन्च किया गया यह पोर्टल का लिंक है (http://naturalfarming.dac.gov.in/) जिसमे इस मिशन की सभी जानकारी, संसाधन, कार्यान्वयन प्रगति, किसान पंजीकरण, ब्लॉग और किसानों के लिए अन्य उपयोगी जानकारी शामिल है। यह वेबसाइट देश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में भी मदद करेगी।

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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बैठक के दौरान कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अच्छी पहल की गई है। बैठक के दौरान उन्होंने इस संबंध में सुझाव भी दिए। जल शक्ति मंत्री शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में प्राकृतिक खेती के लिए गंगा के किनारे काम किया जा रहा है। पहले चरण में, जल शक्ति मंत्रालय ने सहकार भारती के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके 75 सहकार गंगा गांवों की पहचान की है और किसानों को प्रशिक्षण भी प्राप्त कराया जा रहा है। यूपी के कृषि मंत्री शाही के मुताबिक, राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए नमामि गंगे परियोजना शुरू हो गई है, प्रत्येक ब्लॉक में काम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और मास्टर प्रशिक्षण हुआ है।

अबतक 7.33 लाख किसानों ने प्राकृतिक खेती की शुरुआत की है। किसान स्वच्छता और प्रशिक्षण के लिए लगभग 23 हजार कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। चार राज्यों में गंगा के किनारे 1.48 लाख हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। उम्मीद है की आनेवाले समय में किसानों के लिए यह मिशन रामबाण साबित होगा।

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