मध्य प्रदेश में किसानों को प्रमाणित, उन्नत और हाइब्रिड बीज आसानी से उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार नई पहल करने जा रही है। प्रदेश में ग्लूटेन फ्री गेहूं, हाइब्रिड मक्का, सब्जियों और अन्य उद्यानिकी फसलों के बीजों के उत्पादन तथा बिक्री का दायरा बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
खास बात यह है, कि इन उन्नत बीजों को किसानों तक निजी बाजार की तुलना में करीब 50% प्रतिशत कम कीमत पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज कम लागत में मिल सकेंगे और खेती की उत्पादन लागत को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के निर्देश पर ग्लूटेन फ्री गेहूं के बीजों की बिक्री का नेटवर्क बढ़ाने का फैसला लिया गया है। अब इन बीजों को उपभोक्ता सहकारी संघ के माध्यम से भी किसानों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके लिए उपभोक्ता सहकारी संघ के साथ-साथ अन्य प्रमुख शासकीय संस्थानों से समझौता ज्ञापन यानी एमओयू किए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को बीज खरीदने के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अपने नजदीकी केंद्रों पर ही उन्नत बीज मिल सकें।
वर्तमान में किसानों को कई बार प्रमाणित बीजों के लिए सीमित बिक्री केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। वितरण नेटवर्क मजबूत होने से बीजों की उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को समय पर आवश्यक बीज मिल सकेंगे। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें उत्पादन से लेकर बिक्री और वितरण तक पूरी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ की संचालक मंडल की बैठक में बीज उत्पादन और विपणन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बीज संघ के प्रबंध संचालक एम.के. दीक्षित ने बताया कि राज्य बीज संघ द्वारा हाइब्रिड मक्का, विभिन्न सब्जियों और स्वास्थ्यवर्धक ग्लूटेन फ्री गेहूं के बीजों का उत्पादन एवं विपणन किया जा रहा है।
इन उन्नत बीजों को निजी बाजार में उपलब्ध बीजों की तुलना में करीब 50 प्रतिशत कम कीमत पर किसानों को उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे किसानों को प्रमाणित और बेहतर गुणवत्ता वाले बीज खरीदने में कम खर्च करना पड़ेगा। कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलने से छोटे और सीमांत किसानों को विशेष रूप से लाभ हो सकता है।
बीजों की बिक्री बढ़ाने के लिए राज्य बीज संघ अपने वितरण और विपणन नेटवर्क को भी मजबूत करेगा। इसके तहत अधिक किसानों तक उत्पादों की जानकारी पहुंचाने और बिक्री केंद्रों की उपलब्धता बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।
राज्य में हाइब्रिड फसलों की बढ़ती मांग को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा हाइब्रिड बीजों के उत्पादन का कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार प्रमाणित हाइब्रिड बीज उपलब्ध कराना है। हाइब्रिड बीजों की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को बेहतर विकल्प मिल सकेंगे और फसल उत्पादन में भी सुधार की संभावना रहेगी।
इसके साथ ही सब्जियों और अन्य उद्यानिकी फसलों के बीजों के उत्पादन एवं विपणन को भी विस्तार देने की योजना है। इससे प्रदेश में उद्यानिकी खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों को विभिन्न फसलों के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने राज्य बीज संघ की कार्यप्रणाली में बदलाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीज संघ को पारंपरिक तरीके से आगे बढ़कर व्यावसायिक सोच के साथ काम करना चाहिए। इसका उद्देश्य बीज संघ को आर्थिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाना है।
बीज संघ के मुख्यालय के लिए नया भवन लेने की मंजूरी भी दी गई है। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को छह महीने के भीतर आवश्यक कागजी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर नया कार्यालय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा संघ की वित्तीय गतिविधियों का बेहतर मूल्यांकन और प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए आउटसोर्स चार्टर्ड अकाउंटेंट की सेवाएं लेने का निर्णय भी लिया गया है।
बीज संघ की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उसके बायलॉज की भी समीक्षा की जाएगी। आवश्यक संशोधनों के लिए विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों की एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। समिति बीज संघ की मौजूदा व्यवस्था का अध्ययन कर आवश्यक बदलावों को लेकर सुझाव देगी।
इस कदम का उद्देश्य संघ के कामकाज को समय की जरूरत के अनुरूप बनाना और बीज उत्पादन तथा विपणन से जुड़ी गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित करना है।
सरकार अब बीज संघ के उत्पादों और योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग करेगी। किसानों तक कम कीमत पर उपलब्ध उन्नत बीजों की जानकारी पहुंचाने के लिए एक पेशेवर सोशल मीडिया एजेंसी नियुक्त करने का फैसला किया गया है।
सोशल मीडिया के जरिए किसानों को बीजों की उपलब्धता, उनकी विशेषताओं, बिक्री केंद्रों और अन्य संबंधित जानकारियों से अवगत कराया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों तक योजनाओं की जानकारी तेजी से पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
बैठक में बीज संघ के कारोबार में विविधता लाने पर भी जोर दिया गया। सरकार की योजना है कि किसानों को प्रमाणित, हाइब्रिड और उद्यानिकी फसलों से संबंधित बीज सुविधाएं अधिक सुविधाजनक तरीके से एक ही जगह उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा आगामी आमसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले विभिन्न एजेंडों को भी मंजूरी दी गई। बैठक में बीज संघ के कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कई निर्णय लिए गए।
कुल मिलाकर मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य बीज उत्पादन, विपणन और वितरण की पूरी व्यवस्था को मजबूत करना है। कम कीमत पर प्रमाणित और उन्नत बीज उपलब्ध होने से किसानों को खेती की लागत घटाने में मदद मिल सकती है। वहीं हाइब्रिड मक्का, ग्लूटेन फ्री गेहूं और उद्यानिकी फसलों के बीजों की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को फसल चयन के अधिक विकल्प मिलने की उम्मीद है।
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