किसानों को बड़ी राहत: एमएसपी पर शुरू हुई सूरजमुखी खरीद, बढ़ेगी आमदनी

Published on: 28-May-2026
Updated on: 28-May-2026

हरियाणा और तेलंगाना सरकार ने सूरजमुखी किसानों को दी बड़ी राहत

हरियाणा सरकार ने सूरजमुखी उत्पादक किसानों को राहत देते हुए रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए खरीद प्रक्रिया तय समय से एक सप्ताह पहले शुरू करने का फैसला लिया है। पहले राज्य की मंडियों में सूरजमुखी की खरीद 1 जून से शुरू होनी थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया 25 मई से ही शुरू कर दी गई है। सरकार के इस निर्णय से उन किसानों को सीधा लाभ मिलेगा जिनकी फसल तैयार हो चुकी है और कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है। 

लंबे समय से किसान संगठन और उत्पादक किसान खरीद प्रक्रिया जल्दी शुरू करने की मांग कर रहे थे ताकि उन्हें फसल बेचने के लिए इंतजार न करना पड़े। सरकार ने किसानों की जरूरत और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। इससे मंडियों में फसल की समय पर बिक्री सुनिश्चित होगी और किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।

किसानों की मांग के बाद उठाया सराहनीय कदम

राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह मीणा ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में सूरजमुखी की फसल समय से पहले तैयार हो गई थी। किसान लगातार सरकार से मांग कर रहे थे कि खरीद प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए ताकि फसल खेतों में खराब न हो और उन्हें बाजार में कम कीमत पर उपज बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। 

सरकार ने किसानों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए खरीद तिथि में बदलाव किया। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय सुरक्षित रखने और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

मौसम और फसल की स्थिति को देखते हुए लिया गया फैसला

इस वर्ष मौसम की परिस्थितियां ऐसी रहीं कि कई जिलों में सूरजमुखी की फसल सामान्य समय से पहले तैयार हो गई। किसानों ने तेजी से कटाई शुरू कर दी थी और मंडियों में फसल लाने की तैयारी भी शुरू हो गई थी। यदि खरीद प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं होती तो किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। 

कई बार मंडियों में देरी होने से किसानों को खुले बाजार में कम कीमत पर उपज बेचनी पड़ती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार ने इस स्थिति को समझते हुए खरीद प्रक्रिया को पहले शुरू करने का निर्णय लिया। इससे किसानों को समय पर फसल बेचने का अवसर मिलेगा और उनकी मेहनत का सही मूल्य भी सुनिश्चित होगा।

मंडियों में किसानों के लिए किए गए विशेष इंतजाम

हरियाणा सरकार ने सभी खरीद एजेंसियों और मंडी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मंडियों में फसल की तौल, उठान, भंडारण और भुगतान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विशेष तैयारी की गई है। किसानों को लंबी लाइनों और देरी से बचाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती भी की जा रही है। 

सरकार का कहना है कि मंडियों में पेयजल, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। खरीद केंद्रों पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि खरीद प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

MSP पर होगी सूरजमुखी की खरीद

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सूरजमुखी की खरीद प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर की जाएगी। इस वर्ष सूरजमुखी का MSP 7,721 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। MSP पर खरीद होने से किसानों को बाजार में गिरते दामों की चिंता नहीं रहेगी और उन्हें उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा। 

हरियाणा सरकार का दावा है कि वह देश का ऐसा राज्य है जहां केंद्र द्वारा अधिसूचित सभी 24 फसलों की MSP पर खरीद सुनिश्चित की जाती है। इससे किसानों का भरोसा बढ़ा है और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलती है। MSP व्यवस्था किसानों को बाजार की अनिश्चितता से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कई एजेंसियों को सौंपी गई खरीद की जिम्मेदारी

सूरजमुखी खरीद प्रक्रिया को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए कई सरकारी एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन, एचएएफईडी, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

सरकार ने इन एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि खरीद और भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मंडियों में पारदर्शिता बनाए रखी जाए और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

तेलंगाना सरकार ने भी किसानों को दी राहत

हरियाणा की तरह तेलंगाना सरकार ने भी सूरजमुखी उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए MSP पर खरीद का फैसला लिया है। राज्य में सूरजमुखी का बाजार भाव लगातार गिर रहा था और किसानों को लागत के मुकाबले उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में राज्य सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए किसानों की उपज MSP पर खरीदने का निर्णय लिया। 

तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव ने बताया कि केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की गई थी, लेकिन सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के बाद राज्य सरकार ने अपने स्तर पर खरीद शुरू करने का फैसला लिया। इस निर्णय से राज्य के हजारों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

बाजार भाव और MSP के बीच बड़ा अंतर

तेलंगाना में वर्तमान समय में सूरजमुखी का बाजार भाव करीब 5,376 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है, जबकि सरकार द्वारा तय MSP 7,721 रुपये प्रति क्विंटल है। यानी किसानों को खुले बाजार में अपनी उपज बेचने पर प्रति क्विंटल लगभग 2,300 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ सकता था। MSP पर खरीद शुरू होने से किसानों को इस घाटे से राहत मिलेगी और उनकी आय में सुधार होगा। 

विशेषज्ञों का मानना है, कि हरियाणा और तेलंगाना जैसे राज्यों के फैसले किसानों को बाजार की अनिश्चितता से बचाने में मदद करेंगे। हरियाणा ने खरीद प्रक्रिया पहले शुरू कर किसानों को राहत दी है, जबकि तेलंगाना ने MSP लागू कर किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने का प्रयास किया है। इन फैसलों से देशभर के सूरजमुखी किसानों में सकारात्मक संदेश गया है और अन्य राज्यों पर भी किसानों के हित में कदम उठाने का दबाव बढ़ा है।

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