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Mashik kisan panchayat

मेरीखेती द्वारा अड्डा-पाली में आयोजित मासिक किसान पंचायत में किसानों की समस्याओं का समाधान किया गया

मेरीखेती द्वारा अड्डा-पाली में आयोजित मासिक किसान पंचायत में किसानों की समस्याओं का समाधान किया गया

मेरीखेती द्वारा जनपद मथुरा के अंतर्गत अड्डा-पाली गांव ( सोंख ) में श्रीमान चौधरी बलराम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई किसान पंचायत में खेती किसानी से संबंधित कई सारी क्षेत्रीय समस्याओं पर किसान एवं कृषि वैज्ञानिकों के बीच गहनता से संवाद हुआ। किसान संवाद के दौरान विभिन्न वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ, कृषि क्षेत्र के उघोगपति एवं किसान मौजूद रहे। अड्डा-पाली गांव व आसपास के क्षेत्रीय किसानों की मुख्यतः दो सबसे बड़ी समस्याऐं थीं। किसानों ने अपनी पहली समस्या वहां सिंचाई हेतु बेहतर जल का अभाव व मृदा उर्वरक क्षमता का कम होना। वहीं किसानों ने दूसरी समस्या कृषि वैज्ञानिकों के सामने रखी कि उनको NANO UREA व NANO DAP के इस्तेमाल की विधि और इससे होने वाले फायदों के बारे में जानकारी का अभाव है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों की इन दोनों समस्याओं का समाधान दिया। साथ ही, पशुपालन एवं जैविक खेती से संबंधित अहम पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। डॉ सी.बी. सिंह प्रिंसिपल साइंटिस्ट (RETD) IARI जी ने किसानों की मृदा व सिंचाई से संबंधित समस्याओं को सुनकर उनका संभव समाधान किसानों के साथ साझा किया। डॉ सी.बी.सिंह ने किसानों को कहा कि खेत को बंजर छोड़ने से भूमिगत मृदा की उर्वरक क्षमता पूर्णतय नष्ट हो जाती है। इस वजह से निरंतर आपको कोई ना कोई फसल अपने खेत में उगानी चाहिए। ऐसा करने से आपके खेत की उर्वरक शक्ति नष्ट नहीं होगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि आप अपनी भूमि पर फसल नहीं उगा रहे तो आपको उस जमीन के हिस्से पर पशुपालन इत्यादि करना चाहिए। ये भी देखें: जाने क्या है नैनो डीएपी फर्टिलाइजर और किन फसलों पर किया जा रहा है ट्रायल? चौधरी विजय रावत कृषि विशेषज्ञ जी ने किसान संवाद के दौरान किसानों को खेती में जैविक खादों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अत्यधिक रासायनिक खादों का इस्तेमाल करके किसानों की भूमि की उर्वरक क्षमता कम होती जा रही है। आने वाले समय में इससे किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। जैविक खेती से किसानों को कम खर्च में अधिक स्वास्थपूर्ण खाद्य पदार्थ प्राप्त होंगे। सत्यवीर सिंह एरिया मैनेजर इफको (IFFCO) (मथुरा) जी ने किसानों की नैनो यूरिया व नैनो डीएपी की अनिवार्य खरीद की प्रमुख समस्या का तर्क संगत उत्तर देकर उनकी समस्या का निराकरण किया। सत्यवीर सिंह जी ने किसानों को नैनो यूरिया व नैनो डीएपी के इस्तेमाल की विधियां किसानों को बताई। साथ ही, किसानों को इससे होने वाले लाभ व इसके पीछे सरकार के उद्देश्यों को भी विस्तार पूर्वक किसानों को समझाया। उन्होंने कहा कि किसानों का उर्वरकों के लिए किए जाने वाला यातायात शुल्क कम करना और उर्वरकों की अत्यधिक मात्रा को खेतों में जाने से रोकने के लिए इफको नैनो उर्वरकों को किसानों को खाद की बोरियों के साथ अनिवार्य कर दिया है। ये भी देखें: किसानों के लिए वरदान बनकर आया नैनो लिक्विड यूरिया चौधरी शिवराम सिंह ( ब्रज फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ) के संस्थापक जी ने किसानों को पारंपरिक कृषि प्रणाली की बजाए आधुनिक एवं बागवानी की तरफ रुख करने की आवश्यकता के विषय में विस्तार से बताया। साथ ही, उन्होंने मेरीखेती की टीम का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेरीखेती किसानों की सच्ची मित्र है। इसकी सहायता से कोई भी किसान अपनी खेती किसानी से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान बड़ी सहजता से प्राप्त कर सकता है। प्रगति सील किसान ऑफिसर नवाब सिंह जी ने भी किसानों को सफल खेती करने के कुछ अनुभव और कुछ गुर किसानों को बताए। उन्होंने किसानों को जैविक ढ़ंग से खेती करने के लिए कहा जिससे कि उन्हें कम लागत में अच्छी फसल प्राप्त हो सकती है। उन्होंने किसानों को फसल के चयन से लेकर फसल की कटाई तक के दौरान होने वाली प्रक्रियाओं को किसानों के साथ विस्तार से साझा किया। मेरीखेती के कंटेंट हैड दिलीप यादव जी ने किसानों को आज के दौर में आधुनिक कृषि तकनीकों को इस्तेमाल करने की जरूरत के विषय में बताया। दिलीप यादव जी ने कहा कि किसान भाइयों के लिए केंद्र व राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए अच्छा-खासा अनुदान मुहैय्या कराती हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान व अन्य हितकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि किसान मेरीखेती वेब पोर्टल पर जाकर खेती किसानी से जुड़ी समस्त योजनाओं एवं फसलों के बारे में सही व सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसान पंचायत के दौरान अड्डा-पाली के ग्राम प्रधान वीरपाल चौधरी, चौधरी लक्ष्मण सिंह, चौधरी चंद्रभान सिंह, चौधरी परसादी लाल, कर्मवीर सिंह, राजपाल नंबरदार, मलुआ सेठ, चौधरी देवीराम सिंह, लालाराम नंबरदार, नरेंद्र चौधरी, अवधेश चौधरी, तारा चंद चौधरी, अमित चौधरी, धर्मपाल सिंह, हुब्बलाल, गिर्राज सिंह, लवकेश चौधरी आदि सैकड़ों बड़े जमींदार किसान मौजूद रहे।
मेरीखेती ने सितंबर माह की किसान पंचायत का आयोजन किया

मेरीखेती ने सितंबर माह की किसान पंचायत का आयोजन किया

Merikheti.com के द्वारा 25 सितंबर 2023 दिन सोमवार को भरतपुर (राजस्थान) के गाँव मुढोता में आयोजित की गयी। मासिक किसान पंचायत के दौरान किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसलों एवं तकनीकों के बारे में बताया गया था। Merikheti.com द्वारा प्रत्येक माह किसान मासिक पंचायत का आयोजन किया जाता है। जिससे कि किसानों को वर्तमान में कृषि क्षेत्र में हुए परिवर्तन के बारे में बताया जा सके साथ ही उनकी आय में बढ़ोत्तरी करके उनको अच्छे ढंग से अपना जीवन यापन करने के लिए सक्षम बनाया जा सके।

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मेरीखेती द्वारा अड्डा-पाली में आयोजित मासिक किसान पंचायत में किसानों की समस्याओं का समाधान किया गया डा, उदयभान सिंह डीन कृषि महाविद्यालय कुम्हेर (भरतपुर) ने संबोधन के दौरान नवीन किस्मों एवं जैविक विधि से खेती करने को लेकर काफी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। डा, उदयभान सिंह जी ने अपने जीवन में कृषि क्षेत्र के लिए काफी योगदान दिया है। किसानों को नवाचार और नवीन तकनीकों से खेती किसानी करने के लिए हमेशा प्रेरित किया है। डा. उदयभान सिंह कृषि क्षेत्र की काफी अच्छी समझ रखते हैं। मेरीखेती की इस मासिक पंचायत में जैविक ढ़ंग से कृषि करने को लेकर काफी अहम विषयों पर वार्तालाप किया गया। डा, रामफूल पूनिया ने किसान पंचायत में संबोधन के दौरान जैविक खेती की महत्ता एवं उससे होने वाले अनेकों फायदों के विषय में बताया। इसके साथ-साथ उन्होंने किसानों को कृषि की आधुनिक तकनीकों के विषय में काफी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि किसानों को अधिक मुनाफा पाने के लिए पारंपरिक खेती की लीक से हटकर आधुनिक एवं नवीन कृषि तकनीकों का उपयोग करना चाहिए। कुंवर सिंह ततामड (FPO) ने किसान पंचायत के दौरान किसानों को संगठित होकर कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा किसानों में एकता होनी बेहद जरूरी है। अगर किसान संगठित रहेंगे तो उनको कृषि क्षेत्र में अपनी बात रखने का एक पर्याप्त अवसर मिलेगा। किसान पंचायत में मेरीखेती की टीम, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ एवं स्थानीय किसान मौजूद रहे।
मेरीखेती ने अक्टूबर माह की किसान पंचायत का आयोजन किया

मेरीखेती ने अक्टूबर माह की किसान पंचायत का आयोजन किया

किसान भाइयों जैसा कि आप सब जानते हैं, कि मेरीखेती हर महीने किसानों के हित में किसान पंचायत का आयोजन करती है। हर माह की भांति इस माह में मेरीखेती किसान पंचायत का आयोजन प्रमोद त्यागी की अध्यक्षता में गांव बयाना जनपद गाजियाबाद में संपन्न हुआ। इस पंचायत के दौरान वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक और किसानों के बीच कृषि से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। किसान पंचायत के दौरान किसानों ने अपनी अपनी समस्याएं रखीं, जिनका कृषि वैज्ञानिकों के संतोषजनक समाधान भी बताया। डॉ सी.बी. सिंह प्रिंसिपल साइंटिस्ट (RETD) IARI जी ने किसानों की धान से संबंधित समस्याओं को सुनकर उनका संभव समाधान किसानों के साथ साझा किया। साथ ही, परी-नगरीय किसानों के लिए ज्यादा आय के विभिन्न विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ सी.बी.सिंह ने किसानों को कहा कि बेहतर ढ़ंग से खेती करने के चलते खेत की उर्वरक क्षमता काफी हद तक बढ़ जाती है। इस वजह से खेती करते समय आपको खेती के लिए बेहतर तकनीक का उपयोग कर फसल अपने खेत में उगानी चाहिए। ऐसा करने से आपके खेत की उर्वरक शक्ति पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर आप अपनी भूमि पर फसल नहीं उगा रहे हैं, तो आपको उस जमीन के हिस्से पर पशुपालन इत्यादि करना चाहिए।

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श्रीमान सतीश त्यागी प्रगतिशील किसान ने खेती से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां किसानों को बताईं। सतीश त्यागी जी ने अपनी खेती किसानी के दौरान मिले खट्टे-मीठे अनुभवों को किसानों के साथ साझा किया। सतीश त्यागी जी ने धान उत्पादन की श्री विधि जिसे system of rice intensification-SRI कहा जाता है। किसानों को श्री विधि के माध्यम से धान के उत्पादन में होने वाले फायदों के विषय में जानकारी प्रदान की। किसान पंचायत के दौरान सैकड़ों बड़े पैमाने पर खेती करने वाले किसान उपस्थित रहे।
मेरीखेती ने दिसंबर माह की किसान पंचायत का भव्य आयोजन किया

मेरीखेती ने दिसंबर माह की किसान पंचायत का भव्य आयोजन किया

 मेरीखेतीडॉटकॉम द्वारा आयोजित मासिक किसान पंचायत का आयोजन प्रति माह देश के विभिन्न स्थानों पर किया जाता है। मेरीखेती किसानों की कृषि वैज्ञानिकों तक पहुँच बनाने के लिए प्रति माह किसान पंचायत का आयोजन करती है। मेरीखेती ने दिसंबर माह की किसान पंचायत का आयोजन ग्राम दुल्हेरा चौहान जिला मेरठ में किया था। इस पंचायत में बड़े-बड़े अनुभवी कृषि वैज्ञानिक जैसे सी.बी सिंह रिटायर्ड ICAR पूसा, TMU डायरेक्टर-केहर सिंह और सुधीर चौधरी सहायक अधिकारी सोलन कृषि विभाग उत्तराखंड ने किसानों को खेती करने के अद्भुद तकनीकों के बारे में बताया। साथ ही, किसानों की स्थानीय भौगोलिक समस्याओं को सुना एवं उनका संभव समाधान भी बताया। 

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मेरीखेती किसान पंचायत: ग्राम पंचायत हसनपुर (मथुरा) में पूसा के कृषि वैज्ञानिक और किसानों की हुई पंचायत: केहर सिंह रिटायर्ड MTU डायरेक्टर का कहना है, कि किसानों को आजकल खेती में कम उर्वरक इस्तेमाल करने की आवश्यकता है। उर्वरकों का कम इस्तेमाल करने से खेती की उर्वरक क्षमता पर बेहतर असर पड़ता है। किसानों को संबोधित करते हुए केहर सिंह ने कहा कि किसानों को संगठित होकर लड़ने की बेहद आवश्यकता है। अगर किसान इकट्ठे होकर कृषि उत्पादन करेंगे तो उनको खाद, बीज और बिक्री मूल्य सब एकदम शानदार मिल सकेगा।    डॉ सी,बी सिंह रिटायर्ड ICAR पूसा ने किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बदलते जमाने में कृषि की नवीन पद्धतियों एवं तकनीकों के ऊपर बल देने को कहा। डॉ सी.बी सिंह का कहना है, कि अगर किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन भी करें तो ये उनके लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। खेती-किसानी से जुड़े समस्त कार्यों को कृषि वैज्ञानिक बेहद ही ज्यादा तथ्यात्मकता के साथ करते हैं। इसलिए किसानों को अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र पर जाकर उनसे सलाह लेकर कृषि करनी उचित रहेगी।