पशु संबंधित इस व्यवसाय से आप मोटा मुनाफा कमा सकते हैं

पशु संबंधित इस व्यवसाय से आप मोटा मुनाफा कमा सकते हैं

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भारत में दूध की माँग में बेहद बढ़ोत्तरी देखी जा रही है, इसके साथ-साथ पशुओं को अच्छा और उम्दा चारा खिलाना बेहद आवश्यक है। इसलिए आप भी स्वयं के गांव में पशु चारे का व्यवसाय करके अच्छा खासा लाभ उठा सकते हैं, इस व्यवसाय हेतु सरकार भी आपको अनुदान देगी। क्योंकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के दो आधार स्तंभ हैं, पहला कृषि एवं दूसरा पशुपालन। लेकिन अगर इन दोनों पहलुओं को देखें तो यह आपस में एक-दूसरे के पूरक की तरह हैं। बीते काफी समय से किसान कृषि करके फसलों से पैदावार लेते आये हैं, परंतु साथ ही अधिक व अतिरिक्त आमदनी हेतु पशुपालन भी अच्छा स्त्रोत है।

गाँव में कृषि से उत्पन्न फसल अवशेष पशुओं के चारे के रूप में प्रयोग होता है, साथ ही, पशुओं के अपशिष्ट गोबर से खाद निर्मित कर फसल द्वारा बहुत अच्छी पैदावार लेने में सहायता मिलती है। वर्तमान में इन दोनों कार्यों के मध्य आपको क्या व्यवसायिक अवसर प्राप्त हो सकता है इसके विषय में हम आपको बताने जा रहे हैं।

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अब हम बात करने जा रहे हैं, पशु चारे से किये जाने वाले व्यवसाय की, बाजार में निरंतर पशु चारे की माँग में वृद्धि हो रही है। इसकी मुख्य वजह अधिक माँग और कम आपूर्ति है। इसलिए चारे का भाव आसमान को छू रहा है। कभी-कभी पशु चारे की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। यदि आप भी अपने गाँव में कृषि कार्य करते हैं, तो आपको आज से ही इस व्यवसाय को आरंभ कर देना चाहिए। आगामी वक्त में दूध की माँग एवं पशुपालन का चलन बढ़ने वाला है। ऐसी स्थिति में पशु चारा निर्माण का व्यवसाय आपको वर्षभर के अंतराल में ही मोटा लाभ दिला सकता है।

पशु चारा इकाई स्थापित करने के लिए सरकार से अनुमति जरूर लेनी चाहिए

अगर आप दुधारु पशुओं से अच्छा दूध लेना चाहते हैं तो आपको याद रहे कि उनको चारा भी अच्छा ही खिलाना होगा। बहुत सारे किसान एवं पशुपालक अपने खेत में ही चारा उत्पन्न करते हैं एवं सालभर के लिए चारा भंडारण भी करते हैं। परंतु यदि आप पशु चारे की प्रोसेसिंग को उच्च स्तर पर ले करके व्यवसायिक रूप निर्मित करना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा लाइसेंस प्राप्त करना पंजीयन कराना भी अत्यंत आवश्यक है। FSSAI द्वारा इस लाइसेंस को जारी किया जाता है। इसके अतिरिक्त पर्यावरण विभाग से NOC एवं पशु चारा निर्मित करने वाले उपकरणों के उपयोग हेतु भी स्वीकृति लेनी पड़ सकती है। क्योंकि यह व्यवसाय पशुओं से संबंधित होता है, इसलिए पशुपालन विभाग की भी कुछ औपचारिकता पूर्ण करनी होंगी।

पशु चारे की इकाईयाँ स्थापित करने हेतु सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना में आवेदन कर पंजीयन नंबर लें, इसके साथ में आपको आर्थिक सहायता भी प्राप्त हो जाएगी। साथ ही, पशु चारे को विक्रय हेतु GST Registration भी लेना अत्यंत आवश्यक है। अगर आप स्वयं के ब्रांड नाम से पशु चारा बाजार में बेच रहे हैं, ऐसे में ट्रेड मार्क ISI मानक के अनुसार आपको BIS प्रमाणपत्र भी लेना जरुरी होगा।

पशु चारा बनाने के लिए आवश्यक उत्पाद

पशु चारा निर्माण संबंधित कोई इकाई, प्लांट अथवा व्यवसाय करने जा रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में आरंभ से ही बेहतरीन योजना बनाकर चलें। प्लांट के लिए जगह, मजदूरों की नियुक्ति, ट्रांसपोर्ट के साधन, व्यवसाय की मार्केटिंग, पूंजी, कच्चे माल, मशीनरी की व्यवस्था अवश्य कर लें। सबसे विशेष बात जिसका अधिक ध्यान रखें जहां पशु चारे की इकाई या प्लांट स्थापित कर रहे हैं, उस जगह की सकड़ें एवं अन्य भी आधारभूत संरचना जैसे बिजली, पानी बेहतर होनी चाहिए। जिससे पशु चारे को बेहतर तरीके से इधर से उधर पहुँचाया जा सके।

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पशु चारा निर्माण एवं भंडारण हेतु 2000 से 2500 स्क्वायर फीट जगह होनी चहिए, इसमें 1000 से 1500 स्क्वायर फीट जगह मशीनरी हेतु होगी। साथ ही, 900 से 1000 स्क्वायर फीट जगह कच्चे माल व चारे के भंडारण हेतु होगी। पशु चारा निर्माण हेतु जिस भी कच्चे माल का उपयोग होता है जैसे कि मूंगफली की खल, सरसों की खल, सोयाबीन, चावल, गेहूं, चना, मक्के की भूसी, चोकर, नमक आदि प्रत्यक्ष रूप से थोक विक्रेता द्वारा न्यूनतम कीमतों पर खरीदें।

पशु चारे की इकाई स्थापित करने में कितना खर्च आता है

यदि आप स्वयं के गांव में आपकी भूमि है, तो कुल खर्च में से बेहद खर्च बचेगा। परंतु स्वयं की भूमि के मालिक नहीं हो ऐसी स्थित में प्लांट खोलने हेतु आपको 5 से 10 लाख रुपए का व्यय करना होगा। साथ ही, पशु चारे को बेचने हेतु पैकेजिंग, परिवहन, बिजली एवं विपणन पर भी व्यय करना पड़ेगा। पशु चारे की यूनिट स्थापित करने हेतु 10 से 20 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है। मानी सी बात है, कि गांव में रहने वाले किसान, पशुपालक व अन्य लोगों हेतु इस प्रकार की ज्यादा कीमत इकट्ठा करना सरल साबित नहीं होगा। इस वजह से केंद्र सरकार द्वारा सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना जारी की गयी है, इसके अंतर्गत कुल खर्च पर 35 फीसद का अनुदान प्राप्त हो सकता है। नाबार्ड अथवा अन्य वित्तीय संस्थाएं भी पशु चारे के व्यय हेतु कर्ज की व्यवस्था करती हैं। बतादें, कि आपके दस्तावेज सही और पूरे हैं, तो 10 लाख रुपये तक की धनराशि के कर्ज हेतु भी आवेदन कर सकते हैं।

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