उत्तर प्रदेश में चकबंदी को लेकर मिली मंजूरी, किसानों का इससे होगा फायदा

By: MeriKheti
Published on: 29-Jul-2023

उत्तर प्रदेश सरकार ने चकबंदी प्रक्रिया को दी स्वीकृति

उत्तर प्रदेश के 29 जनपदों के 137 गांवों में चकबंदी होगी। बतादें, कि इनमें से 15 जनपदों के 51 गांवों में पहले और 20 जिलों के 86 गांवों में दूसरे चक्र की चकबंदी होगी। इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया संपन्न कराने हेतु राजस्व विभाग द्वारा शासनादेश लागू कर दिया गया है। आइए आज हम आपको इस लेख में बताऐंगे कि चकबंदी क्या होती है और इससे किसान भाइयों को क्या फायदा होगा ?

ये भी पढ़ें: 
इस राज्य सरकार ने देश के सरोवरों को सुंदर और संरक्षित करने की कवायद शुरू करदी है उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की दिशा में योगी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। कृषक भाइयों के हितों को मन्देनजर रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चकबंदी प्रक्रिया को स्वीकृति दे दी है। राजस्व विभाग ने शासनादेश जारी कर इस बात की पुष्टि की है। जैसा कि उपरोक्त में कहा है, कि शासनादेश के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के 29 जिलों के 137 गांवों में चकबंदी होनी है। इनमें से 15 जिलों के 51 गांवों में पहले और 20 जिलों के 86 गांवों में दूसरे चक्र की चकबंदी होगी।

चकबंदी होती क्या है इस पर एक नजर

ग्रामीण इलाकों में परिवार में वृद्धि होने के साथ ही समान्यतः जमीनों का बटवारा भी हो जाता है। इसके अतिरिक्त खरीदी गई भूमि एवं पैतृक जमीन अलग-अलग स्थानों पर होती है। जिसकी वजह से किसानों को खेती करने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त ज्यादा समय होने के साथ ही गांवों में भूमि विवाद, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण सहित कई शिकायतों की तादात ज्यादा होने लगती है। जिसकी वजह से सरकार एक निश्चित समय के उपरांत चकबंदी कराती है। चकबंदी के अंतर्गत इधर-उधर बिखरे हुए खेतों को एक जगह किया जाता है, जिससे किसान भाई सुगमता से आधुनिक खेती कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें: 
उतर प्रदेश में किसानों को गुरुकुल में दिया जायेगा प्राकृतिक खेती को बेहतर तरीके से करने का प्रशिक्षण

चकबंदी का आरंभ कब हुआ था

  • उत्तर प्रदेश में पहली बार चकबंदी का आरंभ 1954 में मुजफ्फरनगर की कैराना तहसील और सुल्तानपुर जनपद की खाना तहसील से हुआ था। इस सफल परीक्षण के पश्चात 1958 में चकबंदी को संपूर्ण राज्य में जारी किया गया था।
  • चकबंदी होने से किसानों को क्या-क्या फायदा होता है।
  • चकबंदी होने से बिखरे हुए खेत एक जगह हो जाते हैं।
  • खेत का आकार ज्यादा हो जाने से फसल लागत में गिरावट हो जाती है।
  • खेत छोटे होने पर मेड़ में काफी जमीन बर्बाद हो जाती है, चकबंदी से यह जगह सुरक्षित रहती है।
  • खेत बड़े हो जाने से आधुनिक खेती करना सहज और सुगम हो जाता है।
  • एक स्थान पर खेत होने से देखभाल सही ढ़ंग से होती है।

श्रेणी