एमपी सरकार का बड़ा कदम, किसानों को होगा जमकर फायदा

Published on: 11-Feb-2023

एमपी सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत सरकार से एमएसपी (MSP) पर गेहूं बेचने वाले किसानों को फायदा मिलगा. दरअसल एमपी सरकार ऐसे किसानों को सीधा भुगतान उनके बैंक अकाउंट में करेगी. इसमें किसी व्यापारी और बिचौलियों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. यह फायदा रजिस्टर्ड किसानों को मिलेगा, जो बिना किसी गड़बड़ी के वाजिब दाम पा सकेंगे. एमपी समेत गुजरात में नये गेहूं की आवक अब शुरू हो चुकी है. लेकिन अभी भी गेहूं की खरीद में तेजी नहीं आई है. एमपी में इस बार किसानों से सरकार करीब 2 हजार 125 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं की खरीद करने जा रही है. बात राज्य की करें तो तीन हजार से ज्यादा केन्द्रों पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. जानकारी के मुताबिक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्यों पर गेहूं बेचने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन किसान प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में करवा सकते हैं. इसके लिए 50 रुपये का शुक्ल के साथ किसान एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर या फिर लोकसेवा केन्द्रों पर भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. इसकी सुविधा खुद एमपी सरकार ने मुहैया करवाई हुई है.

इन बातों को ना करें नजरअंदाज

  • रजिस्ट्रेशन के वक्त किसान को अपने गेहूं की बुवाई के रकबा और गेहूं की खरीद के लिए चुने हुए केंद्र की पूरी जानकारी देनी जरूरी होगी.
  • जो भी किसान एमएसपी पर गेहूं बेचेंगे, उसका भुगतान उन्हें सीधा उनके बैंक अकाउंट में किया जाएगा.
  • सरकार के इस कदम से किसी बिचौलिये और व्यापारी की दखलंदाजी नहीं रहेगी.
  • किसानों को बिना किसी गड़बड़ी के सीधा गेहूं बिक्री का पैसा मिल सकेगा.
ये भी देखें: न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 25 फरवरी तक करवा सकते हैं, रजिस्ट्रेशन मध्य प्रदेश के किसान

3,480 खुले रजिस्ट्रेशन सेंटर

जानकारी के मुताबिक एमपी में किसनों के रजिस्ट्रेशन के लिए कुल 3,480 रजिस्ट्रेशन सेंटर बनाए हैं. जहां जो भी किसान न्यूनतम समर्थन दामों में गेहूं बेचना चाहते हैं, उन सबके लिए रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है. हालांकि इससे पहले सरकार के गेहूं बेचने के अलग नियम थे. जिसमें किसानों को मोबाइल पर डेट मिलती थी और उसी के आधार ओर गेहूं बेचना जरूरी होता था. लेकिन नई व्यवस्था के बाद किसान किसी भी समय अपना गेहूं बेच सकते हैं. इस तरह से करवाएं रजिस्ट्रेशन कियोस्को, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र या फिर किसी भी साइबर कैफे पर जाकर किसान अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. इसके अलाव किसान एक प्रार्थना पत्र देकर भी खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन के बाद किसान के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा. उसी ओटीपी के आधार पर किसानों की पहचान की जाएगी. इसके आलव अकिसनों का अपने बैक की सारी डिटेल्स भी देनी होगी, जिससे भुगतान उनके खाते पर करने में आसानी हो. अब यहां पर इस बात की भी जानकारी होनी जरूरी है कि, अगर गेहूं की बुवाई वाली जमीन किसी मृतक के नाम पर है, तो उस पर जो भी उत्तराधिकारी खेती कर रहा है, उसके नाम से रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. एमपी सरकार ने रजिस्ट्रेशन की आखिरी डेट 28 फरवरी निर्धारित की है.

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