मछली पालन को बढ़ाने की कवायद, बढ़ेगी इनकम भी

Published on: 13-Feb-2023

केंद्र सरकार ने किसानों के हित में एक और बड़ी पहल की है, जिसके तहत मछली पालन का काम कर रहे किसान अपनी इनकम बढ़ा सकते हैं. बात राज्य सरकार की हो या केंद्र सरकार की, दोनों ही किसानों के हित में एक से बढ़कर एक योजनाएं चला रही हैं. सरकार की बनाई हुई योजनाओं को फायदा देश का हर किसान ले रहा है. वहीं मछली पालन को लेकर भी राज्य सरकार एलर्ट मोड पर आ चुकी है. मछली पालन को बढ़ाने में सरकार जुटी हुई है. ऐसी कई संस्थाएं हैं, जो किसानों की मदद के लिए आगे आई हैं. जिससे किसान ज्यादा आर्थिक रूप से मजबूत हो सकेंगे. जानकारी के लिए बता दें कि, केंद्र सरकार मछली पालने के लिए कुल लागत करीब 75 फीसद तक लोन भी मुहैया करवाती है.

किसानों को मिले 10 हजार बीज

शोधकर्ताओं ने देश के पूम्पुहार में एक पोर्टेबल मछली हैचरी में कारप बीज का उत्पादन किया, जिसके लिए उन्होंने कारप मछलियों के करीब 10 हजार बीज कुल 15 किसानों को दिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा मछलियों का उत्पादन किया जा सके और उनकी प्रजातियों में सुधार हो.

ज्यादा लागत और बढ़ती मौत चुनौती

एक्सपर्ट्स के मुताबिक मछली पालकों के सामने कई चुनौतियां हैं. जिनमें से हैचरी से मछली के बीज काफी महंगे होते हैं. इसके अलावा जो भी मछलियां खरीदी जाती हैं, उनकी मौत भी ज्यादा होती है. इस समस्या को दूर करने के लिए एक मोबाइल हैचरी शुरू की है. जो टेम्प्रेचर, प्रेशर और ऑक्सीजन के लेवल को मेंटेन करने के साथ रोशनी समेत कई सुविधा देता है. ये भी देखें: जानिये PMMSY में मछली पालन से कैसे मिले लाभ ही लाभ

समस्या होगी हल

एमएसएसआरएफ और आईसीएआर-एनबीएफजीआर ने मिलाकर कोशिश करनी शुरू कर दी है. इसका मुख्य उद्देश्य तमिलनाडु जे माईलादुथुराई नाम के जिले में मछली पालक किसनों के सामने आने वाली हर तरह की चुनौतियों को दूर करना है.

श्रेणी
Ad
Ad