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सरकार दे रही सुनहरा अवसर: मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की एमएसपी पर होगी खरीद

Published on: 17-Oct-2025
Updated on: 17-Oct-2025

18 अक्टूबर से शुरू होगा मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की एमएसपी पर खरीद हेतु किसान पंजीयन

किसानों को उनकी मेहनत की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित कराने के लिए राज्य और केंद्र सरकारें हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की सरकारी खरीद करती हैं। इसी क्रम में राजस्थान सरकार ने घोषणा की है कि मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन जैसी खरीफ की प्रमुख फसलों की एमएसपी पर खरीद के लिए किसान पंजीयन 18 अक्टूबर 2025 से शुरू होंगे।

सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने जानकारी दी कि किसान अपने जनआधार कार्ड और ऑनलाइन गिरदावरी के माध्यम से ई–मित्र केंद्रों पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में मूंग की खरीद हेतु पंजीयन प्रक्रिया पहले ही 27 सितंबर से प्रारंभ कर दी गई थी।

घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)

केंद्र सरकार द्वारा खरीफ 2025 के लिए निम्नलिखित समर्थन मूल्य तय किए गए हैं –

  •  मूंग: ₹8,768 प्रति क्विंटल
  •  उड़द: ₹7,800 प्रति क्विंटल
  •  मूंगफली: ₹7,263 प्रति क्विंटल
  •  सोयाबीन: ₹5,328 प्रति क्विंटल (एफ.ए.क्यू. ग्रेड के लिए)

मंत्री ने बताया कि दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीद हेतु पीएसएस (Price Support Scheme) गाइडलाइन के अनुसार केंद्र सरकार को आवश्यक अंडरटेकिंग भेजने की प्रक्रिया चल रही है। केंद्र से खरीफ-2025 की फसलों का खरीद लक्ष्य (Target) प्राप्त होते ही समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दी जाएगी। इसके साथ ही राजफेड (राजस्थान स्टेट कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन) के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खरीद से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय पर और पारदर्शी ढंग से पूरी करें।

किसान इस तरह कर सकते हैं पंजीकरण

सहकारिता मंत्री ने बताया कि किसान को पंजीयन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज़ और प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी –

  • जनआधार कार्ड नंबर और खसरा गिरदावरी की ऑनलाइन प्रति पंजीकरण फॉर्म के साथ अपलोड करनी होगी।
  • जिन किसानों के पास गिरदावरी नहीं है, उनका पंजीकरण एमएसपी पर खरीद के लिए अमान्य माना जाएगा।
  • यदि किसान बटाईदार (sharecropper) है, तो पंजीकरण के समय भूमि मालिक के प्रमाणीकरण हेतु ओटीपी सत्यापन आवश्यक होगा। सत्यापन पूरा होने के बाद ही पंजीकरण मान्य होगा।
  • ई–मित्र केंद्रों पर पंजीकरण राजफेड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
  • यदि कोई ई–मित्र संचालक गलत जानकारी के आधार पर या अपने क्षेत्र के बाहर के किसानों का पंजीकरण करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

पंजीकरण का समय और अन्य आवश्यक जानकारी

किसान प्रातः 9 बजे से शाम 7 बजे तक ई–मित्र केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण से पहले किसान को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका बैंक खाता जनआधार कार्ड से लिंक और अपडेटेड हो, ताकि ऑनलाइन भुगतान के समय कोई समस्या न आए।

किसानों की सहायता के लिए राजफेड मुख्यालय में एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 1800-180-6001 जारी किया गया है, जहाँ किसान अपनी समस्याओं या तकनीकी दिक्कतों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

किसानों के लिए राहत और पारदर्शिता की दिशा में कदम

राजस्थान सरकार का यह कदम किसानों को एमएसपी पर फसलों की बिक्री का एक विश्वसनीय और सुरक्षित मंच प्रदान करेगा। इससे किसानों को बाजार में गिरते दामों से राहत मिलेगी और उन्हें अपनी उपज का न्यायसंगत मूल्य समय पर प्राप्त होगा।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान इस योजना से जुड़ें और दलहन एवं तिलहन उत्पादन को बढ़ावा मिले। आने वाले समय में यह पहल राज्य के कृषि क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता और किसानों की आमदनी में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी।

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