आधुनिक तकनीक से मिलेगी आवारा पशुओं से मुक्ति

Published on: 13-Jul-2021

आवारा पशुओं की समस्या देश के कई राज्यों में किसानों को अच्छा खासा नुकसान पहुंचा रही है। इस दिशा में सरकार ने नई पहल शुरू की है। इसके लिए बेसहारा पशुओं की तस्वीर ई-पोर्टल पर अपलोड करनी पड़ेगी। इस तस्वीर को आधार बनाते हुए संबंधित लोग पशु को पकड़कर उनके लिए बनाए गए आश्रय स्थल तक ले जाएंगे। 24 घंटे रहने वाली इस सेवा के सुचारू संचालन के लिए भी सरकार ने ठोस नीति बनाई है।

आवारा पशुओं से किसानों के होने वाले नुकसान को रोकने की दिशा में पंजाब सरकार ने यह महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसके तहत पशुओं को पर्याप्त सुरक्षा तक आश्रय स्थलों में रखने के लिए हर क्षेत्र में आश्रय स्थल बनाए एजारहे हैं। किसानों के नुकसान के अलावा सार्वजनिक स्थल और सड़कों पर आवारा पशुओं के विचरण को पूरी तरह रोकने की सरकार की योजना है।

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बीते दिनों आवारा पशुओं के खतरे को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती विनी महाजन की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया। इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक सुधार विभाग ई पोर्टल तैयार करेगा जिस पर आवारा पशुओं की तस्वीर जियो टैगिंग अपलोड करने की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।

आवारा पशु की तस्वीर सीधे हैडक्वार्टर पहुंचेगी। यहां से इसे राज्य के संबंधित क्षेत्र में आवारा पशु पकड़ने वाले संबंधित अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। अधिकारी इस काम में लगे कर्मचारियों के माध्यम से उस वस्तु को पकड़कर आश्रय स्थल तक ले जाने का काम करेंगे। पशु को आश्रय स्थल तक ले जाने से पूर्व ही उससे जुडी व्यवस्थाएं करने को आश्रय स्थल संचालकों को पूर्व सूचना दी जाएगी। इनकी देखभाल के लिए चिकित्सकों की व्यवस्था रहेगी। पशुओं के रहने और खाने-पीने की सभी व्यवस्थाएं होने के बाद पकड़े गए पशु की संपूर्ण जानकारी मुख्यालय को प्रेषित की जाएगी।

 पंजाब में हर ब्लाक स्तर पर 5 एकड़ का कैटल पाउंड बनाने के निर्देश दिए गए हैं पूर्व के 20 सरकारी कैटल पाउंड में नए सैड बनाकर पशु संक्षा बढ़ाने पर भी सरकार का जोर है।

 

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