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पशुपालन

डेयरी फार्मिंग में कमाल: सुनील मेहला की गाय ने बनाया रिकॉर्ड, एक दिन में 78 लीटर दूध

डेयरी फार्मिंग में कमाल: सुनील मेहला की गाय ने बनाया रिकॉर्ड, एक दिन में 78 लीटर दूध

करनाल की गाय बनी चर्चा का विषय - जानें, पूरी जानकारी हरियाणा के करनाल में आयोजित प्रतिष्ठित नेशनल डेरी मेला करनाल में इस बार भी प्रदेश के पशुपालकों का दबदबा देखने को मिला। इस प्रतियोगिता में झंझाड़ी गांव के पशुपालक Sunil Mehla की गायों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उनकी एक गाय ने एक दिन में 78 लीटर दूध देकर प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। इतना ही नहीं, उनकी अन्य चार गायों ने भी एक दिन में 75 लीटर से अधिक दूध उत्पादन कर प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया...
भेड़ पालन व्यवसाय - जानें, भेड़ों की टॉप 5 सबसे अच्छी नस्ले

भेड़ पालन व्यवसाय - जानें, भेड़ों की टॉप 5 सबसे अच्छी नस्ले

भारत की 5 सर्वश्रेष्ठ भेड़ नस्लें और उनकी विशेषताएँभेड़ पालन भारत में एक पारंपरिक, भरोसेमंद और लाभकारी पशुपालन व्यवसाय माना जाता है। यह व्यवसाय मुख्य रूप से ऊन और मांस उत्पादन के लिए किया जाता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में सीमित मात्रा में दूध का उपयोग भी होता है। भेड़ ऊन प्राप्त करने का सबसे प्रमुख और विश्वसनीय स्रोत हैं, इसलिए ऊनी वस्त्र उद्योग में इनका विशेष महत्व है।कम निवेश, अपेक्षाकृत सरल प्रबंधन, कम रख-रखाव और प्राकृतिक चरागाहों पर आसानी से पालन हो जाने के कारण भेड़ पालन छोटे, सीमांत और संसाधन-सीमित किसानों...
एनीमल टॉक्‍सआउट पाउडर – पशुओं के स्वास्थ्य का प्राकृतिक सुरक्षा कवच

एनीमल टॉक्‍सआउट पाउडर – पशुओं के स्वास्थ्य का प्राकृतिक सुरक्षा कवच

आपके पशुओं के लिए हर्बल हेल्थ बूस्टर – एनीमल टॉक्सआउट पाउडरAnimax Toxout Powder: पशुपालन में पशुओं का स्वास्थ्य और उनकी उत्पादक क्षमता बहुत महत्वपूर्ण होती है। यदि पशु स्वस्थ न हों, तो दुग्ध उत्पादन, प्रजनन क्षमता और उनकी सामान्य गतिविधियों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में पशुओं के शरीर में जमा हुए टॉक्सिन या हानिकारक तत्वों को बाहर निकालना अत्यंत आवश्यक है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एनीमल टॉक्‍सआउट पाउडर को विशेष रूप से तैयार किया गया है। यह एक हर्बल वेटरनरी दवा है जो प्राकृतिक तत्वों से निर्मित है और...
देशी गायों की बेस्ट 3 नस्लें, जो देती हैं ज्यादा दूध और रखरखाव में भी कम खर्च!

देशी गायों की बेस्ट 3 नस्लें, जो देती हैं ज्यादा दूध और रखरखाव में भी कम खर्च!

 भारत की प्रमुख दुग्ध (दूध देने वाली) गायों की नस्लेंभारत में दुग्ध उत्पादन के लिए कई उन्नत नस्लों की गायें पाई जाती हैं, जिनका विकास प्राकृतिक रूप से जलवायु, भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय पालन पद्धतियों के आधार पर हुआ है। प्रत्येक नस्ल की अपनी विशेषता, दूध देने की क्षमता, शरीर की बनावट और अनुकूलन क्षमता होती है। नीचे भारत की तीन प्रमुख दुग्ध नस्लों – गिर, साहीवाल और हरियाणा – का विस्तृत विवरण दिया गया है। 1. गिर नस्ल (Gir Breed)उत्पत्ति: गिर नस्ल का मूल निवास स्थान गुजरात राज्य के सौराष्ट्र...
डांगी गाय: विशेषताएँ, प्रकार और दूध उत्पादन जानकारी

डांगी गाय: विशेषताएँ, प्रकार और दूध उत्पादन जानकारी

डांगी मवेशी महाराष्ट्र के डांग घाटी और इसके आस-पास के पहाड़ी इलाकों की एक महत्वपूर्ण स्थानीय नस्ल है। यह नस्ल मुख्य रूप से महाराष्ट्र के ठाणे जिले, नासिक के सिन्नर और इगतपुरी तालुका, तथा अहमदनगर के अकोला तालुका में पाई जाती है। इसके अलावा, गुजरात के डांग जिले के पहाड़ी और वर्षा-प्रधान क्षेत्रों को इस नस्ल का मूल स्थान माना जाता है। डांगी मवेशी सह्याद्री पर्वतीय जंगलों के पास के क्षेत्रों में बहुतायत में पाए जाते हैं, जहाँ जलवायु नमीयुक्त और कृषि संसाधन सीमित होते हैं। यह नस्ल कठिन पर्यावरणीय परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जानी जाती...