उत्तर प्रदेश सरकार ने लघु और सीमांत किसानों को सस्ता दीर्घकालीन कृषि ऋण (Agriculture loan interest) उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना को मंजूरी दे दी गई है। योजना के तहत पात्र किसानों को कृषि और कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिए अधिकतम 6 लाख रुपए तक का दीर्घकालीन ऋण रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना को लेकर यह निर्णय 15 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लिया गया। सरकार ने इसके लिए उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड को 384 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का लाभ राज्य के पात्र लघु एवं सीमांत किसान उठा सकेंगे। योजना के अंतर्गत किसानों को अधिकतम 6 लाख रुपए तक का दीर्घकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
इस ऋण पर किसानों के लिए 6 प्रतिशत की रियायती वार्षिक ब्याज दर निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि क्षेत्र में लंबे समय के निवेश के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे खेती के साथ कृषि आधारित गतिविधियों में भी निवेश कर सकें।
योजना की खास बात यह है कि किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देगी। इससे पात्र किसानों पर कृषि ऋण का ब्याज बोझ कम करने में मदद मिलेगी।
हालांकि, ब्याज अनुदान का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को योजना में निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। खास तौर पर ऋण की तय किस्तों का भुगतान निर्धारित समय पर करना जरूरी होगा। समय पर किस्त चुकाने वाले पात्र किसानों को ही ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार के अनुसार, मौजूदा ऋण व्यवस्था में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक को नाबार्ड से अपेक्षाकृत अधिक ब्याज दर पर पुनर्वित्त प्राप्त होता है। इसका असर किसानों को मिलने वाले कृषि ऋण की ब्याज दर पर भी पड़ता है।
मौजूदा व्यवस्था में किसानों को कृषि ऋण करीब 11 से 11.50 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध होता है। नई योजना के तहत सरकार द्वारा ब्याज अनुदान दिए जाने से पात्र किसानों के लिए ऋण की ब्याज दर 6 प्रतिशत तक रखने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल खेती के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि आधारित गतिविधियों में दीर्घकालीन निवेश के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। सस्ता ऋण मिलने से किसान अपनी कृषि जरूरतों और अन्य संबंधित गतिविधियों में निवेश कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के जरिए सरकार किसानों को महंगे कृषि ऋण के बोझ से राहत देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। योजना में समय पर ऋण की किस्त चुकाने वाले किसानों को ब्याज अनुदान का सीधा लाभ मिलेगा।
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