देश के किसानों को खेती के लिए समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार लगातार डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने 'कृषिका (Krishika) मोबाइल एप' की शुरुआत की है। इस एप के माध्यम से किसान अब बिना बैंक शाखा के बार-बार चक्कर लगाए अपने मोबाइल फोन से ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाना है, ताकि किसानों को खेती के लिए आवश्यक ऋण समय पर मिल सके। सरकार ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि पात्र किसानों के आवेदन का शीघ्र निस्तारण किया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर ऋण स्वीकृत करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
कृषिका एप किसानों के लिए विकसित किया गया एक सुरक्षित और डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से किसान किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़ी पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं। पहले जहां किसानों को आवेदन जमा करने, दस्तावेज सत्यापित कराने और आवेदन की स्थिति जानने के लिए कई बार बैंक जाना पड़ता था, वहीं अब यह सभी सुविधाएं एक ही मोबाइल एप पर उपलब्ध हैं। किसान अपने घर या खेत से ही आवेदन कर सकते हैं और आवेदन जमा होते ही वह सीधे संबंधित बैंक के डिजिटल ऋण पोर्टल पर पहुंच जाता है। इसके बाद बैंक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन की जांच शुरू करता है। इस व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आवेदन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक भी बनेगी।
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करना अब बेहद आसान हो गया है। सबसे पहले किसान को अपने एंड्रॉयड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से कृषिका एप (Krishika App) डाउनलोड करना होगा। एप इंस्टॉल करने के बाद मोबाइल नंबर की सहायता से पंजीकरण करना होगा और आवश्यक व्यक्तिगत जानकारी भरनी होगी। इसके बाद किसान को अपनी कृषि भूमि, उगाई जाने वाली फसल, बैंक का चयन तथा अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करने होंगे। आवेदन प्रक्रिया के दौरान जरूरी दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन कॉपी या फोटो भी अपलोड करनी होगी। सभी जानकारी भरने के बाद आवेदन सबमिट किया जा सकता है। आवेदन जमा होने के तुरंत बाद वह संबंधित बैंक तक पहुंच जाता है, जहां उसकी जांच और स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। किसान एप के माध्यम से अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति और उसकी प्रगति भी कभी भी ऑनलाइन देख सकते हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ उन सभी पात्र किसानों को दिया जाता है, जो कृषि गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। इसमें व्यक्तिगत किसान, संयुक्त रूप से खेती करने वाले किसान, बटाईदार (Sharecroppers), पट्टेदार किसान (Tenant Farmers), स्वयं सहायता समूह (SHG) तथा संयुक्त देयता समूह (JLG) भी निर्धारित पात्रता शर्तों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास खेती से संबंधित वैध दस्तावेज या कृषि भूमि का प्रमाण होना आवश्यक है। संबंधित बैंक आवेदन और दस्तावेजों की जांच के बाद पात्रता के अनुसार ऋण स्वीकृत करता है।
कृषिका एप के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा। इनमें आधार कार्ड, भूमि से संबंधित दस्तावेज जैसे जमाबंदी या अन्य स्वामित्व प्रमाण, बैंक खाते का विवरण, सक्रिय मोबाइल नंबर तथा पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो शामिल हैं। कुछ मामलों में बैंक पैन कार्ड की भी मांग कर सकता है, विशेष रूप से यदि ऋण राशि निर्धारित सीमा से अधिक हो। इसके अतिरिक्त संबंधित बैंक आवश्यकता अनुसार अन्य दस्तावेज भी मांग सकता है। किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी दस्तावेज स्पष्ट, सही और अद्यतन हों, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या त्रुटि न हो।
केंद्र सरकार चाहती है कि किसानों को खेती के मौसम में समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध हो, इसलिए बैंकों को किसान क्रेडिट कार्ड के ऑनलाइन आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि पात्र किसानों के आवेदन प्राप्त होने के बाद लगभग 15 दिनों के भीतर ऋण स्वीकृत कर दिया जाए। यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो किसानों को बुवाई, बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए समय पर धन उपलब्ध हो सकेगा, जिससे खेती के कार्य बिना आर्थिक बाधा के पूरे किए जा सकेंगे।
कृषिका एप आधारित इस पूरी डिजिटल व्यवस्था के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) को सौंपी गई है। नाबार्ड इस प्लेटफॉर्म की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा और विभिन्न बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। इस प्रणाली से देशभर के 35 वाणिज्यिक बैंक, 45 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, भूमि विकास बैंक तथा लगभग 376 सहकारी बैंक जुड़े हुए हैं। इससे किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी पात्र बैंक के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड ऋण के लिए आवेदन करने की सुविधा मिलेगी।
कृषिका एप का अधिक से अधिक किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए विभिन्न राज्यों और जिलों में कृषि विभाग तथा लीड बैंक द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां किसानों को एप डाउनलोड करने, ऑनलाइन आवेदन करने और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने की पूरी प्रक्रिया समझाई जा रही है। अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि जहां संभव हो, किसान क्रेडिट कार्ड के नए आवेदन इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वीकार किए जाएं। इससे आवेदन प्रक्रिया तेज होगी और बैंकिंग सेवाएं अधिक प्रभावी बनेंगी।
कृषिका एप के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन पूरी तरह डिजिटल हो जाने से किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे। सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसानों का समय और यात्रा खर्च दोनों कम होंगे, क्योंकि बार-बार बैंक शाखा जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा मिलने से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को अपने आवेदन की प्रगति की जानकारी समय-समय पर मिलती रहेगी। इसके अलावा ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया तेज होने से किसानों को खेती के महत्वपूर्ण समय पर आवश्यक पूंजी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। डिजिटल प्रणाली के कारण दस्तावेजों का प्रबंधन भी सरल होगा और बैंक तथा किसान दोनों के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक, तेज और भरोसेमंद बन जाएगी।
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