उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों और पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना' को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य पशुपालकों को उन परिस्थितियों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, जब उनके दुधारू या अन्य पालतू पशुओं की मृत्यु या स्थायी विकलांगता महामारी, प्राकृतिक आपदा या आकस्मिक दुर्घटना के कारण हो जाती है। यह योजना विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों, डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगों तथा ग्रामीण परिवारों के लिए राहत का कार्य करेगी। इसके माध्यम से पशुपालकों को अचानक होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने का प्रयास किया जाएगा और पशुपालन को अधिक सुरक्षित एवं लाभदायक व्यवसाय बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देना और पशुपालकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान अपनी आय का प्रमुख स्रोत पशुपालन को मानते हैं। ऐसे में किसी पशु की मृत्यु या गंभीर दुर्घटना होने पर परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने इस बीमा योजना को लागू किया है, ताकि किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में पशुपालकों को बीमा के माध्यम से समय पर आर्थिक सहायता मिल सके और उनकी आजीविका प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना (Livestock Insurance Scheme) के तहत यदि किसी बीमित पशु की महामारी, दैवीय आपदा या आकस्मिक दुर्घटना के कारण मृत्यु हो जाती है या वह पूर्ण रूप से स्थायी विकलांग हो जाता है, तो पशुपालक को बीमा के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य पशुपालकों को ऐसी अप्रत्याशित परिस्थितियों में आर्थिक संबल देना है, ताकि वे बिना किसी बड़ी वित्तीय परेशानी के अपने पशुपालन व्यवसाय को दोबारा व्यवस्थित कर सकें।
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के तहत 2,28,350 दुधारू एवं अन्य पशुओं का बीमा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह योजना राज्यभर के पात्र पशुपालकों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक किसानों और डेयरी संचालकों को इसका लाभ मिल सके। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को सुरक्षित बनाना और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बीमा प्रीमियम का अधिकांश खर्च उत्तर प्रदेश सरकार स्वयं वहन करेगी। योजना के अनुसार बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देगी, जबकि केवल 15 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान लाभार्थी पशुपालक को करना होगा। इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ काफी कम होगा और अधिक से अधिक लोग अपने पशुओं का बीमा कराने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के प्रभावी संचालन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 60 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इस बजट का उपयोग पशुओं के बीमा, क्लेम निपटान तथा योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए किया जाएगा। पर्याप्त बजट उपलब्ध होने से योजना का लाभ समय पर पात्र पशुपालकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
यह योजना डेयरी व्यवसाय से जुड़े किसानों और पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित होगी। यदि किसी कारणवश पशु की मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है, तो पशुपालक को आर्थिक सहायता मिलने से उसे नया पशु खरीदने और अपने व्यवसाय को दोबारा शुरू करने में आसानी होगी। इससे ग्रामीण परिवारों की आय पर अचानक पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकेगा और पशुपालन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना केवल एक बीमा योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पशुपालन उत्तर प्रदेश के लाखों परिवारों की आय का प्रमुख साधन है। ऐसे में पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होने से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के नए अवसर भी विकसित होंगे। यह योजना पशुपालकों को आर्थिक जोखिम से बचाने के साथ-साथ राज्य में पशुधन विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।
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