गेहूं ₹3,000 के पार, बासमती धान में गिरावट: जानें प्रमुख मंडियों के ताजा भाव

Published on: 15-Oct-2026
Updated on: 16-Oct-2026

गेहूं ₹3,000 के पार पहुंचा, बासमती धान में मंदी: प्रमुख मंडियों के ताजा भाव

देशभर की अनाज मंडियों में गेहूं और बासमती धान की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। दिल्ली में गेहूं का भाव बढ़कर 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जबकि बासमती धान की 1509 किस्म में तेजी के बाद अब नरमी देखने को मिल रही है। मंडियों में फसल की आवक, मौसम में बदलाव और चावल की मांग का असर कीमतों पर पड़ रहा है। ऐसे में किसानों और व्यापारियों की नजर बाजार के अगले रुख पर बनी हुई है।

दिल्ली की लॉरेंस रोड मंडी में गेहूं के भाव मजबूत

दिल्ली की लॉरेंस रोड मंडी में गेहूं की कीमतों में पिछले एक सप्ताह के दौरान 50 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 13 अक्टूबर 2026 को यहां गेहूं मिल का भाव 2,970 से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा। इस दौरान मंडी में करीब 6,000 से 7,000 बोरियों की आवक दर्ज की गई। गेहूं के भाव में आई मजबूती से कारोबारियों और किसानों की निगाहें बाजार की अगली चाल पर टिक गई हैं। हालांकि, आगे कीमतों में तेजी जारी रहेगी या गिरावट आएगी, यह मांग और आपूर्ति की स्थिति पर निर्भर करेगा।

1509 बासमती धान में तेजी के बाद आई नरमी

बासमती धान की 1509 किस्म ने इस सीजन में कीमतों के मामले में काफी उतार-चढ़ाव देखा है। सितंबर महीने में इसका भाव लगभग 3,700 से 3,800 रुपये प्रति क्विंटल था। इसके बाद सितंबर के अंतिम दिनों और अक्टूबर की शुरुआत में कीमतें बढ़कर 4,600 से 4,700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गईं। लेकिन तेजी के बाद बाजार में सुस्ती आने लगी और कई मंडियों में भाव नीचे खिसक गए। 6 अक्टूबर को तरनतारन में कम्बाइन धान 4,595 रुपये और समाना में 4,382 रुपये प्रति क्विंटल बिका। 12 अक्टूबर को तरनतारन में भाव 4,415 रुपये, समाना में 4,365 रुपये और अमृतसर में 4,265 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।

पंजाब की मंडियों में 1509 धान के भाव

पंजाब की प्रमुख मंडियों में 1509 बासमती धान की कीमतें अलग-अलग स्तरों पर दर्ज की गईं। अमृतसर में भाव 4,265 रुपये, तरनतारन में 4,345 रुपये, पातरां में 4,250 रुपये, समाना में 4,380 रुपये और कोटकपूला में 4,365 रुपये प्रति क्विंटल रहा। आवक की बात करें तो अमृतसर मंडी में लगभग 30,000 बोरी, तरनतारन में 27,000 बोरी और कोटकपूला में 9,000 बोरी धान पहुंचा। मंडियों में आवक बढ़ने या घटने का सीधा असर खरीदारी और कीमतों पर पड़ सकता है। इसलिए किसानों को बिक्री से पहले आसपास की मंडियों के भावों की तुलना करनी चाहिए।

हरियाणा में हाथ और कम्बाइन धान की कीमतों में अंतर

हरियाणा की मंडियों में हाथ से काटे गए धान और कम्बाइन से निकाले गए धान के भाव में अंतर देखने को मिला। कलानौर में हाथ धान 4,508 रुपये और कम्बाइन धान 4,071 रुपये प्रति क्विंटल बिका। गोहाना में दोनों के भाव क्रमशः 4,166 और 4,000 रुपये रहे। रतिया में हाथ धान का भाव 4,381 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। जुलाना मंडी में हाथ धान 4,346 रुपये और कम्बाइन धान 4,100 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि घरौंडा में कम्बाइन धान 3,990 रुपये प्रति क्विंटल बिका। इन कीमतों में अंतर का कारण गुणवत्ता, नमी, कटाई के तरीके और स्थानीय मांग हो सकते हैं।

उत्तर प्रदेश की मंडियों में भी अलग-अलग भाव

उत्तर प्रदेश की मंडियों में धान की कीमतों के साथ आवक में भी अंतर देखने को मिला। अलीगढ़ मंडी में हाथ धान का भाव 4,258 रुपये और कम्बाइन धान का 3,905 रुपये प्रति क्विंटल रहा। यहां आवक लगभग 80,000 से 1 लाख बोरी बताई गई है। मैनपुरी मंडी में आवक 65,000 से 1,20,000 बोरी के बीच रही, जबकि भाव 3,430 से 3,650 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किए गए। डिबाई में हाथ धान 4,181 रुपये और कम्बाइन धान 3,701 रुपये प्रति क्विंटल बिका। वहीं, शाहजहांपुर में हाथ धान का भाव 3,908 रुपये प्रति क्विंटल रहा। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मंडी का चुनाव किसानों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

बासमती चावल के भाव में हल्की मजबूती

धान के बाजार में नरमी के बीच बासमती चावल की कुछ श्रेणियों में हल्का सुधार दर्ज किया गया। उपलब्ध बाजार जानकारी के अनुसार, न्यू स्टीम सेला (A+) का भाव 8,750 से 8,900 रुपये प्रति क्विंटल, गोल्डन सेला (A) का 8,250 से 8,650 रुपये और स्टीम सेला (A) का भाव 8,200 से 8,300 रुपये प्रति क्विंटल रहा। हालांकि, बाजार में मांग सीमित बताई जा रही है। ऐसे में आगे कीमतों में बड़ी तेजी आएगी या नहीं, यह खरीदारी की गति और घरेलू तथा निर्यात बाजार की मांग पर निर्भर करेगा।

आने वाले दिनों में कैसे रहेंगे गेहूं और धान के भाव?

गेहूं की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद बाजार की दिशा पर नजर बनी हुई है। यदि मांग मजबूत रहती है और आपूर्ति सीमित होती है, तो गेहूं के भाव को समर्थन मिल सकता है। वहीं, बासमती धान की कीमतों पर बारिश, फसल की गुणवत्ता, मंडियों में आवक और चावल की मांग का असर पड़ेगा। यदि मौसम के कारण कटाई और परिवहन प्रभावित होते हैं तथा आवक घटती है, तो कुछ मंडियों में भाव दोबारा मजबूत हो सकते हैं। इसके विपरीत, अधिक आवक और कमजोर मांग से कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

किसानों को अपनी उपज बेचने से पहले स्थानीय मंडी के ताजा भाव, धान की गुणवत्ता और नमी के स्तर की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। अलग-अलग मंडियों में मिलने वाली कीमतों की तुलना करने से बेहतर बिक्री विकल्प चुनने में मदद मिल सकती है। यदि बाजार में लाभकारी भाव मिल रहे हैं, तो किसान अपनी जरूरत और भंडारण क्षमता को ध्यान में रखकर चरणबद्ध बिक्री पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, लंबे समय तक फसल रखने से पहले भंडारण खर्च और गुणवत्ता खराब होने के जोखिम का आकलन करना जरूरी है।

नोट: मंडी भाव समय, गुणवत्ता, नमी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। उपज बेचने से पहले संबंधित मंडी या विश्वसनीय स्थानीय स्रोत से ताजा भाव की पुष्टि अवश्य करें।

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