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मध्य प्रदेश के किसान लहसुन के गिरते दामों से परेशान, सरकार से लगाई गुहार

इस साल मध्य प्रदेश के साथ कई अन्य राज्यों में लहसुन की अच्छी फसल हुई है। लेकिन लहसुन के अच्छे भाव न मिलने के कारण मध्य प्रदेश के किसान बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं। मध्य प्रदेश की मंडियों में लहसुन बेहद सस्ते दामों में बिक रहा है जिससे…

जिस स्ट्रोबेरी के है सब दीवाने, उसे उगाकर किस्मत चमकालें

कन्वेंशनल खेती के माध्यम से हो रही आमदनी में पिछले दस वर्षों में काफी गिरावट देखी गई है, क्योंकि लगातार खराब मौसम और मार्केट में सप्लाई बढ़ने की वजह से आमदनी भी कम प्राप्त हो रही है।जिन किसानों के पास अधिक जमीन है, वह तो फिर भी…

सुपारी की खेती कर, कम मेहनत से बनाएं अच्छी आमदनी

भारत में सुपारी की खेती करने वाले किसानों की संख्या पिछले कुछ समय में काफी तेजी से बढ़ी है, क्योंकि सुपारी (supaari or areca nut or commonly referred to as betel nut) को केवल शौक की वजह से खाने वाले लोगों के अलावा, धार्मिक कार्यक्रमों…

बारिश के चलते बुंदेलखंड में एक महीने लेट हो गई खरीफ की फसलों की बुवाई

झांसी।बुंदेलखंड के किसानों की समस्या कम होने की बजाय लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। पहले कम बारिश के कारण बुवाई नहीं हो सकी, अब बारिश बंद न होने के चलते बुवाई लेट हो रहीं हैं। इस तरह बुंदेलखंड के किसानों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।…

फरवरी में उगाई जाने वाली सब्जियां: मुनाफा कमाने के लिए अभी बोएं खीरा और करेला

सब्जियों के लिए शानदार है फरवरी का महीना फरवरी का महीना खेती के लिहाज से बेहद शानदार होता है। वातावरण में कई फसलों के मानक के अनुसार नमी-ठंडी-गर्मी होती है। असल में, फरवरी एक ऐसा माह है जब ठंड की विदाई होती है और गर्मी धीरे-धीरे आती है। सच…

दलहन की फसलों की लेट वैरायटी की है जरूरत

भारत में हमेशा से ही दालों की कीमत खाद्यान्नों में सबसे अधिक रही है। इसके बावजूद उसका उत्पादन नहीं बढ़ता है। कम उत्पादन और बढ़ती मांग के कारण दालों की कीमतें फिर से तेजी से बढ़ी हुईं हैं। इसका प्रमुख कारण यह माना जा रहा है कि दलहन की फसल की…

कृषि क्षेत्र को प्रभावित करेगा न्यू कोविड वेरियंट

कोराना के न्यू वेरियंट को लेकर देश में भी सतर्कता की डुगडुगी बजने लगी है। फिलहाल भले ही इसका कोई असर न दिखे लेकिन यह कृषि क्षेत्र को भी अच्छा खासा प्रभावित करेगा। हाल ही में यूरिया जैसे उर्वरक की कमी के पीछे भी इसके असर को कम करके नहीं देखा…

कृषि प्रधान देश में किसानों की उपेक्षा असंभव

जिस देश की 80 फीसद आबादी परोक्ष एवं अपरोक्ष रूप से खेती किसानी से जुड़ी हो वहां किसानों की उपेक्षा कोई नहीं कर सकता। वह चाहे दृढ़ इच्छाशक्ति और कठोर निर्णय के आदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मेादी ही क्यों न हों।आखिरकार प्रधानमंत्री को देशवासियों…

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