स्वास्थ्यवर्धक मुलेठी की खेती करना किसान भाइयों के लिए काफी बड़े मुनाफे का सौदा है

By: MeriKheti
Published on: 24-Sep-2023

कृषक भाई मुलेठी की खेती कर काफी मोटा मुनाफा हांसिल कर सकते हैं। आप इसकी खेती कैसे कर सकते हैं, इसकी जानकारी नीचे दी गई है। हमारे भारत में प्राचीन काल से ही औषधीय पौधों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इन पौधों की खेती कर किसान भाई काफी हद तक अच्छा मुनाफा भी अर्जित करते हैं। इनकी खेती करने से बंजर पड़ी जमीन का भी उपयोग हो जाता है। आज हम आपको जानकारी देंगे कि आप कैसे मुलेठी की खेती कर बेहतरीन मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। मुलेठी की खेती के लिए राजस्थान की जलवायु काफी अच्छी मानी जाती है। मुलेठी की जड़ से झाड़ी और मोटा तना निर्मित होने में लगभग तीन वर्ष का समय लग जाता है। साथ ही, कटाई के उपरांत 1 हैक्टेयर में मुलेठी की खेती करके 4000 किलो तक पैदावार की जा सकती है।

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कटाई के उपरांत खेतों के अंदर मुलेठी की जड़ रह जाती है, जिसे सिंचाई करके पुनः उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। एक बार मुलेठी की खेती करके किसान बहुत सालों तक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। आयुर्वेद में मुलेठी की खेती का बेहद इस्तेमाल होता है। मुलेठी को आयुर्वेदिक अथवा बाकी दवा कंपनियां 50 से 100 रुपये के बीच खरीदती हैं। इससे किसानों को बंजर मृदा का सही उपयोग करके कम लागत में बेहतरीन आमदनी करने का अवसर मिलता है।

मुलेठी की खेती किस तरह की जाती है

  • खेत की मृदा को मजबूत बनाने के लिए 2-3 गहरी जुताई करें।
  • अंतिम जुताई से पहले खेत में दस से पंद्रह गाड़ी गोबर की सड़ी खाद, आठ किलो नाइट्रोजन एवं सोलह किलो फास्फोरस का मिश्रण मिला दें।
  • खेतों में रोपाई से पूर्व जड़ों को बेहतर ढ़ंग से तैयार कर लें, जो फसल में कीड़ों एवं बीमारियों को रोकता है।
  • रोपाई करने से पूर्व 8-9 इंच लंबे, दो या तीन आंखों वाले टुकड़ों को काटकर तीन अथवा चार हिस्सों को मिट्टी में दबा दें।
  • कतारों में मुलेठी रोपें एवं रोपाई के शीघ्र उपरांत हल्की सिंचाई करें।
  • पौधे की बढ़वार होने तक मृदा को पर्याप्त नमी में रखें।
  • खेत में निराई-गुड़ाई करते रहें एवं खरपतवारों को देखते रहें।
  • मुलेठी की फसल को बीमारियों एवं कीड़ों से संरक्षित रखने के लिए जैविक कीटनाशकों का स्प्रे करें।

मुलेठी से क्या-क्या फायदे होते हैं

इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में कारगर मुलेठी में एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए आप मुलेठी की चाय पी सकते हैं या इसका सेवन शहद और घी के साथ कर सकते हैं।

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पाचन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद होती है। मुलेठी पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है। यह कब्ज, पेट में जलन और सूजन की समस्या को कम करने में सहायक माना जाता है। खांसी को कम करने में सहायक होती है। सर्दियों के मौसम में खांसी की समस्या आम है, इससे राहत पाने के लिए आप मुलेठी के टुकड़े को चूस सकते हैं। ये खांसी से राहत दिलाने में मददगार है। हिचकियों से सहूलियत दिलाने में गुणकारी हिचकियों से राहत पाने हेतु आप मुलेठी के टुकड़े को कैंडी की भांति चूस सकते हैं। यह हिचकियों को दूर करने में काफी सहायक होता है। मुलेठी बालों को मजबूत बनाने के लिए भी काफी गुणकारी मानी जाती है। इसके इस्तेमाल से आप बालों को सुंदर एवं घना बना सकते हैं। इसके लिए मुलेठी पाउडर पानी में भिगो लें। साथ ही, इसे स्कैल्प पर लगाएं। इसके उपयोग से आप बालों को स्वस्थ रख सकते हैं।

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