मालाबार नीम की खेती करते हुए किसान कमा रहे हैं, लाखों का मुनाफा, जाने कैसे ले सकते हैं सब्सिडी

Published on: 02-Feb-2023

पिछले कुछ सालों में भारत में खेती के स्वरूप में काफी बदलाव आए हैं और आजकल हर जगह मल्टीटास्किंग खेती की बात हो रही है। फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन, मछली पालन, मुर्गी पालन और पेड़ की खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अंतरवर्तीय और मिश्रित खेती को भी खासतौर पर बढ़ावा मिल रहा है, जिससे किसानों को कम समय में अच्छी आमदनी हो जाती है। जब भी किसान मल्टीटास्किंग खेती करता है, तो उसके उत्पादन की लागत कम हो जाती है और एक ही खाद बीज और कीटनाशक का इस्तेमाल करते हुए कई तरह की फसलें उगाई जा सकती हैं। आज दुनियाभर के किसान इसी मॉडल पर काम कर रहे हैं। भारतीय किसानों को भी इस मॉडल से जुड़ने के लिए सरकार आर्थिक और तकनीकी मदद दे रही है। इसी बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने भी मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना चलाई है, जिसके तहत पेड़ों की व्यवसाय खेती करने के लिए अनुदान दिया जा रहा है।

मालाबार नीम की खेती

मालाबार नीम की लकड़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है, कि उस में दीमक लगने की संभावना नहीं होती है। यही कारण है, कि देश और दुनिया में फर्नीचर की मार्केट में इस लकड़ी की बहुत ज्यादा डिमांड है। किसान अपने पूरे खेत में नीम की खेती नहीं करना चाहते हैं, तो ऐसे में वह खेत के चारों तरफ बाउंड्री बनाकर मालाबार नीम की खेती की शुरुआत कर सकते हैं। कुछ ही साल में पौधे बड़े होने के बाद उन्हें बेचकर आप अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं। 

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किस काम आती है मालाबार नीम की लकड़ी

आपको बता दें मालाबार नीम की लकड़ी का इस्तेमाल कृषि उपकरण, भवन निर्माण, पेंसिल, माचिस की डिब्बी, संगीत वाद्ययंत्र, चाय की पेटी, फलों की पेटी, कुर्सी, अलमारी, सोफा, पलंग, चौकी जैसे फर्नीचरों को बनाने में किया जाता है। मालाबार नीम का पेड़ कुछ ही सालों में लगभग 7 से 8 फीट तक ऊंचा हो जाता है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है, कि इसकी खेती में बहुत ज्यादा खाद और रसायनों का खर्चा नहीं आता है। यदि 1 एकड़ में मालाबार नीम की खेती की जाए तो कुछ ही समय में इसकी लकड़ी को बेच कर 2 से 2.5 लाख रुपये की आमदनी अर्जित कर सकते हैं। इस पेड़ की खेती करना किसानों के लिए किसी फिक्स डिपाजिट से कम नहीं है।


 

छत्तीसगढ़ सरकार मालाबार नीम की खेती के लिए दे रही है सब्सिडी

छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना चलाई है। जिसके तहत मालाबार नीम की खेती करने के लिए प्रति एकड़ 1000 पौधों की रोपाई के लिए ₹25500 का अनुदान दिया जा रहा है।

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यह राशि किसानों को तीन टेस्ट में दी जाएगी। पहले साल में पहली किश्त के तौर पर 11,500 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। दूसरे साल और तीसरे साल में क्रमशः साथ 7,000 की आर्थिक मदद किसानों को दी जानी है।


 

इस तरीके से कुल मिलाकर 25,500 रुपये की अनुदान राशि किसानों को दी जा रही है।

आवेदन देने के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • किसान का आधार कार्ड
  • किसान का स्थाई निवास प्रमाण पत्र
  • किसान का आय प्रमाण पत्र
  • किसान के बैंक पासबुक की कॉपी
  • जमीन के कागजात (खसरा खतौनी की कॉपी)
  • किसान का मोबाइल नंबर
  • किसान का पासपोर्ट साइज फोटो

कहां कर सकते हैं आवेदन

अगर आप अपने खेत में मालाबार नीम की खेती करना चाहते हैं। तो इसके लिए सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए आपको नजदीकी वन विभाग के कार्यालय में संपर्क करना होगा। यहां जाकर किसान अपने जरूरी दस्तावेज अटैच करते हुए अपना आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। इस फॉर्म को भरने के बाद वन विभाग के कार्यालय में अच्छी तरह से रिव्यु करने के बाद सबमिट कर दिया जाता है। उचित आवेदन होने पर राशि का आवंटन किया जाता है।

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