प्याज़ भंडारण को लेकर सरकार लाई सौगात, मिल रहा है 50 फीसदी अनुदान

By: MeriKheti
Published on: 23-Sep-2021

देश में फसल उत्पादन के बाद उसे सुरक्षित भंडारण की बहुत बड़ी समस्या है। इस समस्या के कारण भारी मात्रा में फसल खराब हो जाती है। सरकार ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए किसानों को सुरक्षित भंडारण के लिए प्रोत्साहित किया और उसके लिए एक योजना बनायी है। इस योजना के तहत सरकार ने किसानों को प्याज के भंडार गृह बनाने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान यानी सब्सिडी देने की योजना चलायी है। इस बारे में जानकारी जुटाकर किसान भाई लाभ उठा सकते हैं। आइये जानते हैं कि किसान भाई किस प्रकार इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

प्याज भंडार गृह न होने से होता है किसानों का नुकसान

हमारे देश के महाराष्ट्र के नासिक और राजस्थान के अलवर जिले में सबसे अच्छी प्याज उगाई जाती है। इसकी पैदावार भी अच्छी होती है लेकिन उचित भंडारण के कारण किसान भाई अपनी फसल को सुरक्षित नहीं रख पाते हैं। इसलिये अधिकांश किसान भाई अपनी फसल को औने-पौने दामों में ही बेच डालते हैं। इससे उनकी आमदनी पर काफी असर पड़ता है। इसके अलावा जिस किसान की फसल भंडारण के कारण खराब हो जाती है वो दुबारा प्याज की पैदावार नहीं करता है।

सरकार ने किसानों से मांगे आवेदन पत्र

इस समस्या को देखते हुए मध्य प्रदेश की सरकार ने अपने किसानों को उनकी प्याज की फसल के उचित मूल्य दिलाने के लिए प्याज के भंडार गृह बनाने में 50 प्रतिशत अनुदान देने की घोषणा की है।  मध्य प्रदेश सरकार के उद्यानिकी विभाग ने राज्य के चयनित जिलों से किसानों से प्याज भंडार गृह के निर्माण हेतु आवेदन पत्र मांगे हैं।

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सब्सिडी पाने के लिए कुछ आवश्यक नियम

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से जारी इस योजना में राज्य के किसानों के लिए कुछ शर्तें भी रखी गयीं हैं। इन शर्तों को पूरा करने वाले किसान को ही सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। आइये जानते हैं कौन-कौन सी हैं शतैं:-
  1. आवेदन करने वाले किसान को कम से कम 2 हेक्टेयर भूमि में प्याज का उत्पादन करना आवश्यक है। इसके साथ ही खेत में बनाये गये इस भंडार का उपयोग प्याज के अलावा किसी दूसरी वस्तु के लिये नहीं किया जायेगा।
  2. प्याज भंडार गृह का निर्माण सरकार द्वारा अधिसूचित संस्थान एनएचआरडीएफ की डिजाईन के अनुसार व निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिये। साथ ही आशय पत्र जारी होने के अधिकतम छह माह के भीतर प्याज भंडार गृह का निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिये।
  3. प्याज भंडारण की क्षमता 50 मीट्रिक टन तक होगी।
  4. आवेदक पूर्व में किसी अन्य योजना में प्याज भंडार गृह के अंतर्गत लाभ न ले रहा हो।
  5. योजना की निष्पक्षता के लिए सरकान ने आदेश दिये हैं कि चयनित जिले के उप/सहायक संचालक उद्यान विभाग द्वारा लाभार्थी किसानों की अनुदान स्वीकृति सूची विभागीय वेबसाइट http://mphorticulture.gov.in/ पर उपलब्ध करायी जायेगी।
  6. प्याज भंडार के निर्माण के समय योजना को लागू करने के लिए ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी समय समय पर भंडार गृह का निरीक्षण करेंगे तथा जरूरत पड़ने पर किसानों को तकनीकी सलाह भी देंगे।
  7. किसान ने इस निर्माण के संबंध में परामर्शीय सेवा देने के उपरांत जियो टेगिंग की कार्यवाही भी करेंगे लेकिन इस कार्यवाही के दौरान लाभार्थी किसान का उपस्थित होना अनिवाय है।
  8. उद्यान विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक भी प्याज भंडार गृह के दस प्रतिशत हिस्से का निरीक्षण कर सत्यापन करेंगे और इसकी रिपोर्ट भी तैयार करेंगे।
प्याज़ भंडारण को लेकर सरकार लाई सौगात

कौन आवेदन कर सकता है

सरकार ने अपनी योजना के पहले चरण में कुछ ही जिलों का चयन किया है। सरकार द्वारा चयनित जिलों के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसान ही अभी आवेदन कर पाऐंगे। इसके अलावा सामान्य या पिछड़े वर्ग के किसान अभी आवेदन नहीं कर सकते हैं। योजना के अगले चरण में अन्य वर्ग के किसानों के आवेदन पर विचार किया जायेगा।

कैसे मिलेगा सब्सिडी का लाभ

सरकार ने यह नियम बनाया है कि कृषकों द्वारा बनाये गये प्याज भंडार गृह का पूरी तरह से भौतिक सत्यापन किया जायेगा। यह जांच पड़ताल जिले के उप/ सहायक संचालक उद्यान विभाग की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय समिति करेगी।  इस समिति के मूल्यांकन और भौतिक सत्यापन  के बाद जो सिफारिश की जायेगी उसके आधार पर किसान को अनुदान की राशि का भुगतान एमपी एगो द्वारा डी.बी.टी . के जरिये किया जायेगा। जो किसानों के बैंक खातों में सीधा जायेगा।

सब्सिडी के लिए किसान भाई कहां करें आवेदन

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा घोषित प्याज भंडारण की योजना का लाभ राज्य का उद्यानिकी विभाग  उपलब्ध करायेगा। इसलिये  आवेदन करने वाले इच्छुक किसान भाई अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उद्यानिकी विभाग की वेबसाइट https://mpfsts.mp.gov.in/ पर कर सकते हैं। इस आवेदन को राज्य के उद्यान विभाग के अधिकारियों द्वारा 15 दिन में स्वीकृति दी जायेगी। अधिकारियों द्वारा यदि कोई कमी नहीं बताई गयी तो लाभार्थी का चयन पूर्ण माना जायेगा।

कितने रुपये तक की मिल सकती है सब्सिडी

प्याज भंडार गृह निर्माण पर सब्सिडी की योजना मध्य प्रदेश सरकार की पोषित योजना है। इसलिये किसानों को इस योजना के तहत सब्सिडी देने की जिम्मेदारी राज्य के उद्यानिकी विभाग की है।  इस योजना के तहत लाभार्थी किसानों को प्याज भंडार गृह के निर्माण पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दिये जाने का प्रावधान है। मध्य प्रदेश राज्य के उद्यानिकी विभाग की ओर से प्याज के 50 मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता वाले भंडार के निर्माण के लिए अधिकतम 3.5 लाख रुपये निर्धारित की गयी है। इसमें किसानों को लागत का अधिकतम 1.75 लाख रुपये की सब्सिडी दी जायेगी। प्याज़ भंडारण योजना से कितना होगा लाभ

आवेदन के लिए बिलकुल देरी न करें किसान भाई

मध्य प्रदेश सरकार की प्याज भंडार गृह निर्माण की सब्सिडी योजना का लाभ उठाने के लिए किसान भाई कतई देर न करें और इसके लिए आवेदन 23 सितम्बर सुबह 11 बजे से करें क्योंकि यह योजना पहले आओ पहले पाओ पर आधारित है। आवेदकों की संख्या सरकार द्वारा जिले को दिये गये लक्ष्य के अनुसार होगी। हालांकि सरकार ने जिले के उप व सह संचालक उद्यान विभाग को लक्ष्य से 10 प्रतिशत अधिक आवेदन लेने को कहा है।

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प्याज भंडार गृह के लिए निर्धारित लक्ष्य

राज्य के एक पोर्टल द्वारा जारी किये गये लक्ष्य की सूचना के अनुसार अभी केवल अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के किसानों को ही आवेदन करने की यह सुविधा दी गयी है। इस योजना में अनुसूचित जाति के कुल 351 किसानों के आवेदन का लक्ष्य जारी किया गया है। वहीं अनुसूचित जनजाति के लिए लक्ष्य 267 आवेदकों का रखा गया है। इस लक्ष्य के अनुसार अनुसूचित जाति के 188 किसानों और अनुसूचित जनजाति के 266 किसानों को इस योजना का लाभ दिया जा सकता है। इसके साथ ही जो किसान भाई इस बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो वे राज्य सरकार की वेबसाइट https://mpfsts.mp.gov.in/mphd/#/new-application पर जाकर विवरण जानें।  इसके अलावा किसान भाई राज्य के उद्यानिकी विभाग व खाद्य विभाग प्रसंस्करण विभाग पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही विकास खंड स्तर पर कार्यालय में भी संपर्क करके पूरी जानकारी पायी जा सकती है।

सरकारी योजना से कितना होगा लाभ

राज्य सरकार के लक्ष्य के बारे में एक पोर्टल द्वारा दी जा रही सूचना के अनुसार कम से कम 454 किसानों को लाभ प्राप्त होगा। यदि इस योजना से लाभ प्राप्त करने वालें लाभार्थी किसानों की संख्या औसत रही तो इस योजना के विस्तार के बारे में भी विचार किया जा सकता है।

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