इस राज्य की सरकार डेयरी स्थापना के लिए 31 लाख का अनुदान मुहैय्या करा रही है

Published on: 16-Apr-2024

कृषकों की आमदनी को बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से विभिन्न कोशिशें की जा रही हैं। सरकार किसानों को खेती के साथ पशुपालन के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। 

इसके लिए सरकार की तरफ से किसानों के लिए बहुत सारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की तरफ से नंदिनी कृषक समृद्धि योजना (Nandini Krishak Samriddhi Yojana) का संचालन किया जा रहा है। 

विशेष बात यह है, कि इस योजना के अंतर्गत डेयरी खोलने के लिए सरकार की ओर से कृषकों को 31 लाख रुपए तक का अनुदान मुहैय्या कराया दिया जा रहा है। 

राज्य के पात्र किसान नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत आवेदन करके इस योजना का फायदा उठा सकते हैं।

डेयरी इकाई स्थापना के लिए कितना अनुदान दिया जा रहा है ?

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत किसान पशुपालकों को राज्य सरकार की तरफ से 25 दुधारू गायों की एक इकाई की स्थापना के लिए अनुदान दिया जाएगा। 

सरकार की तरफ से इकाई की स्थापना लागत 62,50,000 रुपए निर्धारित की गई है। इस पर पशुपालक किसान को 50% प्रतिशत यानी 31,25,000 रुपए का अनुदान यानी subsidy दी जाएगी। 

ये भी देखें: योगी सरकार की इस योजना से गौ-पालन करने वालों को मिलेगा अनुदान

ऐसे में उत्तर प्रदेश के पशुपालक किसान सरकार की इस योजना का फायदा उठाकर दुग्ध उत्पादकता को बढ़ाने के साथ ही अपनी आमदनी में भी इजाफा कर सकते हैं।

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना हेतु पात्रता और शर्तें क्या हैं ? 

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए कुछ पात्रताएं भी निर्धारित की गई हैं। नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए जो पात्रता निर्धारित की गई हैं, वह निम्नलिखित हैं। 

उत्तर प्रदेश का कोई भी किसान इस योजना का लाभ उठा सकता है। महिला आवेदक भी इस योजना की पात्र होंगी। किसान का बैंक में खाता होना अनिवार्य है। 

इस योजना का लाभ लेने वाले लाभार्थी को कम से कम तीन साल गाय पालन का अनुभव होना जरूरी है। गायों की ईयर टैगिंग करना आवश्यक होगा। 

आवेदन करने वाले किसान के पास कम से कम 0.5 एकड़ जमीन का होना जरूरी है, ताकि वह गाय की डेयरी यूनिट की स्थापना कर सके। 

किसान के पास हरे चारे के उत्पादन के लिए कम से कम 1.5 एकड़ जमीन होनी चाहिए। यह जमीन पशुपालक की अपनी जमीन या लीज पर ली हुई जमीन भी हो सकती है। 

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का लुफ्त उठाने हेतु अनिवार्य दस्तावेज 

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में आवेदन करने के लिए आपको कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। आवेदन करते समय आवेदक किसान का पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, निवास प्रमाण-पत्र, बैंक खाता विवरण, राशन कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर आदि दस्तावेज या डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होगी।

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना हेतु आवेदन प्रक्रिया 

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना को यूपी सरकार की तरफ से चलाया जा रहा है। ऐसे में यूपी के पशुपालक किसान इस योजना का खूब लाभ उठा सकते हैं। 

ये भी देखें: स्वदेशी गाय खरीदने पर यह सरकार दे रही 80 हजार रुपए की धनराशि

इसके लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन किया जा सकता है। आवेदनों की तादात ज्यादा होने पर लाभार्थी का चुनाव मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा ई-लॉटरी के जरिए से किया जाएगा। 

योजना के प्रारंभिक चरण में अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर, झांसी, मेरठ, प्रयागराज, लखनऊ, आगरा और बरेली जिलों के पशुपालक किसान आवेदन कर सकते हैं। 

योजना में आवेदन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अपने संबंधित जनपदों के पशुपालन विभाग से संपर्क साध सकते हैं।

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की विशेष बातें  

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत किसानों को दूध बिक्री के लिए संसाधन मुहैय्या कराए जाएंगे। लाभार्थी पशुपालकों को दूध का सही भाव दिया जाएगा। 

दुग्ध सरकारी समितियों द्वारा पशुपालकों को उनके गांव में ही दूध बेचने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत सरकार द्वारा सभी किसानों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे कि भविष्य में उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके।

पशु आहार व चारा बनाने वाले उद्योगों को भी प्रोत्साहन 

किसानों के साथ ही पशु आहार और चारा बनाने वाले उद्योगों को भी बढ़ावा देने के लिए अनुदान दिया जाएगा। योजना की निगरानी के लिए जनपद और प्रदेश समिति का गठन किया गया है। 

किसानों को पशुपालकों के साथ-साथ देशी नस्ल की गाय खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे कि दूध की मात्रा में इजाफा हो सके। इस योजना के अंतर्गत जनपद की महिलाओं की अहम भूमिका होगी। 

इस योजना में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को लाभ प्रदान किया जाएगा। चयन पत्र की प्राप्ति के पश्चात लाभार्थी द्वारा 2 माह के अंदर स्वदेशी नस्ल की गिर, साहीवाल, हरियाणा या थारपारकर गाय का क्रय किया जाएगा।

श्रेणी
Ad
Ad