प्रगतिशील किसानों का होगा सम्मान,हरियाणा सरकार देगी पांच लाख

Published on: 05-Feb-2021

खेती किसानी में वैज्ञानिक तरीके अपनाकर आय बढ़ाने वाले किसानों को अब हरियाणा सरकार पांच लाख तक की पुरस्कार राशि प्रदान करेगी। यह जानकारी हरियाणा के शिक्षा, वन एवं पर्यटन मंत्री कंवरपाल ने दी है। उन्होंने इसे किसानों की आय दोगुनी करने की पहल से जोड़ते हुए एक प्रयास बताया है ताकि हर किसान तकनीकी तौर पर सचेत रहे और अच्छी से अच्छी खेती करे। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रगतिशील किसान को 5 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसी प्रकार द्वितीय स्थान हासिल करने वाले दो किसानों को तीन-तीन लाख रुपये तथा तृतीय स्थान के लिए 5 किसानों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि 100 किसानों को सांत्वना पुरस्कार के तहत 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रगतिशील किसानों के माध्यम से किसानों को कृषि की सर्वश्रेष्ठ प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। [caption id="attachment_4037" align="aligncenter" width="307"]प्रगतिशील किसान बनेंगे ट्रेनर Source: TFIPOST[/caption] प्रगतिशील किसान बनेंगे ट्रेनर हरियाणा सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए प्रगतिशील किसान ट्रेनर योजना आरम्भ की है। प्रत्येक प्रगतिशील किसान अपने आसपास के 10 किसानों को आधुनिक व श्रेष्ठ वैज्ञानिक कृषि प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। इस कार्य को गति देने के लिए किसान मित्र योजना आरम्भ की गई है। किसान मित्र योजना [caption id="attachment_4038" align="aligncenter" width="300"]Kisan Mitra Yojana Source: Online Gyan Point[/caption] इस योजना के तहत प्रगतिशील किसान कम से कम 100 किसानों की वित्तीय प्रबंधन में मदद करेगा और प्रदेश में 17 हजार किसान मित्र इस क्षेत्र में 17 लाख किसानों का मार्गदर्शन करेंगे। हरियाणा में खुलेंगेे दो हजार रिटेल आउटलेट         हरियाणा सरकार ने राज्य में हरित स्टोर के नाम से 2000 रिटेल आउटलेट खोलने का भी निर्णय लिया है। यह आउटलेट मिनी सुपर मार्केट के रूप में कार्य करेंगे। इन पर सहकारी उत्पादों के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद भी बेचे जाएंगे। प्रदेश में 192 मृदा परीक्षण प्रयोगशाला जल्द किसानों को मृदा और जल परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए राज्य में 192 प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। पूर्व की प्रयोगशालाओं के अलावा नई प्रयोगशालाएं खुलने से किसानों को अपने खेत की मिट्टी और पानी की जांच के लिए दूर दराज तक नहीं जाना पडे़गा।

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