मूंग का भाव एमएसपी तक पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की कवायद शुरू

Published on: 28-Jul-2022

भोपाल। मूंग (Mung bean) के भाव को एमएसपी (MSP) या न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) तक पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। मध्यप्रदेश की मंडियों में जल्दी ही मूंग के दामों में तेजी आ सकती है।

दूसरे राज्यों के कारोबारी ही मूंग की नीलामी में शामिल

मिली जानकारी के अनुसार 2021-22 सीजन में गोदाम से बिकने वाली मूंग की ई-नीलामी में राज्य सरकार, प्रदेश के मूंग कारोबारियों को अलग कर सकती है। इस बार दूसरे राज्यों के कारोबारी ही मूंग की नीलामी में शामिल होंगे। उन सभी कारोबारियों को जिला स्तर से शर्त माननी होगी, कि वो सभी कारोबारी मूंग खरीद के बराबर की एफडीआर अथवा बैंक गारंटी के कागजात प्रस्तुत करें।

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मान लिया कि किसी कारोबारी को एक करोड़ रुपए की मूंग खरीदनी है, तो उसे उतने ही रुपए की एफडीआर अथवा बैंक की गारंटी देनी होगी। इस प्रक्रिया के बाद जिला कलेक्टर या उनके अधिकृत अधिकारी के समक्ष इसका प्रमाण देंगे। मंडी अनुज्ञा पत्र भी प्रदेश से बाहर का प्राप्त करना आवश्यक होगा। सभी कागजी कार्यवाही पूरी होने के बाद ही कारोबारी मूंग की ई-नीलामी में शामिल हो सकेंगे। इस प्रक्रिया के पीछे सरकार चाहती है कि, मूंग रीसेल के लिए प्रदेश के बाजार में न आए, जिससे मंडियों में मूंग के दामों में बढ़ोतरी हो सके और मूंग के रेट को कुछ सहारा मिल सके। इससे मूंग को एमएसपी तक पहुंचाने की कवायद सफल हो सकती है।

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कारोबारियों के सामने आ सकती हैं मुश्किलें

सरकार के इस फैसले के बाद, मूंग की ई- नीलामी में शामिल होने वाले कारोबारियों के सामने काफी मुश्किलें आ सकती हैं। क्योंकि, इस फैसले के बाद कारोबारियों को मूंग खरीद के लिए बड़ी रकम लगानी होगी।

फैसले के बाद 200 रुपए बढ़े भाव

मूंग की ई-नीलामी में सरकार के इस फैसले के बाद, मूंग के भाव मे 200 रुपये तक कि बढ़ोतरी हुई है। इंदौर मंडी में अब 6300 रु की जगह 6650 रु प्रति क्विंटल और एवरेज में 5400 रु की जगह 6000 रु प्रति क्विंटल हो गए हैं

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