विश्व प्रसिद्ध सोजत मेहंदी की सबसे ज्यादा खेती कहाँ होती है

By: MeriKheti
Published on: 21-Oct-2023

राजस्थान के पाली जनपद में सोजत मेहंदी की सबसे अधिक खेती होती है। यहां के छोटे-बड़े कारोबारी मेहंदी का कारोबार कर के अपने परिवार का भरण-पोषण बेहद अच्छे ढ़ंग से कर रहे हैं। यहां की मेहंदी को जीआई टैग भी प्राप्त हो चुका है। जीआई टैग मिलने के उपरांत यहां के कारोबारियों की जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं। अपने कारोबार के प्रति इतने इमानदार हैं, कि आज सोजत मेहंदी पूरी दुनिया की सर्वाधिक विश्वसनीय मेहंदी ब्रांड बन चुका है। मेहंदी का नाम कान में पड़ते ही हमारे दिमाग में हाथों पर तरह-तरह की उकेरी गई डिजाईन उभर आती हैं। वहीं, लाल रंग की मेहंदी के लिए सोजत मेंहदी पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान बना चुकी है। इस मेहंदी के साथ महिलाओं का भरोशा इतना मजबूत है, कि जिसकी कोई हद नहीं है। किसी और मेहंदी को लेकर सभी को एक दुविधा सी रहती है, कि ये हाथ में लगाने के उपरांत चटक रंग छोड़ेगा अथवा नहीं। वहीं, कोई दूसरी मेहंदी इतना लाल रंग छोड़ रही है, तो एक दुविधा ये भी रहती है, कि कहीं इसमें कोई रसायन तो नहीं मिलाया गया है। परंतु, सोजत मेहंदी के साथ ऐसा कुछ नहीं है।

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सोजत मेहंदी की दिन-प्रतिदिन बढ़ती विश्वसनीयता

लोगों के बीच इसकी विश्वसनीयता दिन-प्रति दिन बढ़ती ही जा रही है। जानकारी हो, कि राजस्थान के पाली जनपद में सोजत मेहंदी की सबसे ज्यादा खेती होती है। यहां के छोटे-बड़े व्यापारी मेहंदी का व्यापार कर के अपने परिवार का भरण-पोषण काफी अच्छे से कर रहे हैं। यहां की मेहंदी को जीआई टैग भी प्राप्त हो चुका है। जीआई टैग मिलने के बाद यहां के कारोबारियों की जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं। वहां के कारोबारी अपने कारोबार के प्रति इतने इमानदार हैं, कि आज सोजात मेहंदी संपूर्ण विश्व का सबसे ज्यादा विश्वसनीय मेहंदी ब्रांड बन चुका है।

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मेहंदी को महिला श्रृंगार का एक महत्वपूर्ण भाग माना जाता है

प्रत्येक धर्म की महिलाओं के श्रृगांर में मेहंदी का अपना विशेष महत्व है। एक तरह से हम कह सकते हैं, कि मेहंदी के बिना किसी भी धर्म की महिलाओं का श्रृंगार अधूरा ही रहता है। विशेष अवसर पर मेहंदी की महत्वता काफी बढ़ जाती है। विशेषकर मांगलिक अवसर पर अथवा तीज-त्योहार में सावन के महीने में महिलाएं हाथों में मेहंदी लगा कजरी गाती हैं। इन समस्त अवसरों पर महिलाओं की पहली पसंद सोजत मेहंदी ही है। क्योंकि, यह पूरी तरह से रसायन मुक्त होता है, जिसकी वजह से हाथों में जो चटक रंग चढ़ता है। सोजत मेहंदी का अपना रंग होता है, बिल्कुल नेचुरल जिससे किसी भी तरह से त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचता है।

महिलाओं की सोजत मेहंदी के व्यापार में हिस्सेदारी

आपकी जानकारी के लिए बतादें, कि आज हर क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता बढ़ती ही जा रही है। महिलाओं का विश्वास जितना आज सोजत मेहंदी पर उतना किसी और मेहंदी पर नहीं होता है। आज बहुत सारी महिलाऐं व्यूटी पार्लर चला रहीं हैं अथवा स्वतंत्र रुप से शादी-विवाह में जाकर मेहंदी लगाती हैं। दरअसल, वे सभी सामान्यतः सोजत मेहंदी ही लगाती हैं। एक आंकड़े के अनुसार, मेहंदी के कारोबार में 80 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी है।

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