लुधियाना के पशुपालन मेले में किसानों को किया गया पुरस्कृत

Published on: 19-Mar-2024

पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा दिया गया है। पशुपालन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए गुरमीत सिंह खुडियां कैबिनेट मंत्री ने वेटरनरी विश्वविद्यालय पशु पालन मेले में किसानों को मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

बतादें, कि इस मेले में पहला पुरस्कार एक किसान महिला को प्रदान किया गया है। 

गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के पशुपालन मेले में असाधारण प्रदर्शन करने वाले प्रगतिशील किसानों को गुरमीत सिंह खुडियां कैबिनेट मंत्री पंजाब, कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन ने मुख्यमंत्री पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर डॉ इंद्रजीत सिंह, वाइस चांसलर, डीन, निदेशक और विभिन्न संगठनों के अधिकारी मौजूद थे। 

बतादें, कि डॉ प्रकाश सिंह बराड़, निदेशक प्रसार शिक्षा ने पुरस्कारों के बारे में बताते हुए कहा कि, 'पशुपालन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब के सभी किसानों से आवेदन मांगे जाते हैं। 

प्राप्त आवेदनों की प्रारंभिक जांच के बाद विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की टीम ने विभिन्न फार्मों का दौरा किया और पशुपालकों द्वारा अपनाई गई नवीनतम और स्व-विकसित तकनीकों का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद इन किसानों का चयन किया गया। 

डेयरी फार्मिंग के लिए महिला किसान दलजीत कौर तूर को पुरुस्कृत किया गया  

दलजीत कौर तूर, पत्नी गुरमीत सिंह तूर, गांव खोसा कोटला, जिला मोगा को भैंस डेयरी फार्मिंग श्रेणी में पुरस्कृत किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित विभिन्न श्रेणियों में मुख्यमंत्री पुरस्कार प्राप्त करने वाली वह पहली किसान महिला हैं।

उन्होंने 2019 में आधुनिक डेयरी स्थापित कर कार्य शुरू किया। आज उनके पास 32 नीली रावी भैंस हैं, जिसमें से 13 दूध देने वाली भैंसें प्रतिदिन 150 लीटर दूध दे रही हैं। इसी फार्म की एक भैंस सर्वाधिक 22 लीटर दूध भी दे चुकी है। 

वे उपभोक्ताओं को सीधे दूध बेचते हैं और घी भी निर्मित करते हैं। उन्होंने एक गोबर गैस संयंत्र भी स्थापित किया है और संयंत्र से निकलने वाले कचरे का उपयोग उर्वरक के तोर पर करते हैं। 

बकरी पालन के लिए बरजिंदर सिंह कंग को मिला पुरुस्कृत किया गया 

बकरी पालन के क्षेत्र में बरजिंदर सिंह कंग, पुत्र करनैल सिंह कंग, सरिहंद रोड, पटियाला को पुरस्कार प्रदान किया गया। एमबीए शिक्षित इस किसान ने तीन से चार साल तक कनाडा में भी कार्य किया। वहां से लौटने के उपरांत उन्होंने 2017 में एक बकरी फार्म शुरू किया। 

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वर्तमान में, उनके पास बकरे, बकरी और मेमनों सहित 85 जानवर हैं। वे अपना भोजन स्वयं तैयार करते हैं और प्राकृतिक वनस्पति के आहार पर अधिक जोर देते हैं। उनके फार्म पर एक माह में लगभग 1500 लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिसमें अधिकतम उत्पादकता 3.8 लीटर प्रतिदिन रही है।

मत्स्य पालन के लिए रूपिंदर पाल सिंह को पुरुस्कृत किया गया 

मत्स्य पालन के क्षेत्र में यह सम्मान रूपिंदर पाल सिंह, पुत्र जसपाल सिंह, गांव जंडवाला चड़त सिंह, जिला मुक्तसर साहिब को प्रदान किया गया। वर्ष 2012 में उन्होंने 5 एकड़ भूमि पर मछली पालन शुरू किया है। 

वर्तमान में वह 36 एकड़ भूमि पर मछली पालन कर रहे हैं। बीटेक ग्रेजुएट इस किसान ने एक एकड़ से 2200 किलोग्राम पैदावार भी अर्जित की है। अब उन्होंने झींगा पालन भी प्रारंभ कर दिया है। 

सूअर पालन के लिए बिक्रमजीत सिंह को पुरुस्कृत किया गया 

सुअर पालन के क्षेत्र में ग्राम फतेहगढ़ शुक्रचक, जिला अमृतसर के बिक्रमजीत सिंह, पुत्र परमजीत सिंह को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है और 2016 में यह कार्य शुरू किया था। 

वर्तमान में, उनके पास सूअर और उनके बच्चों समेत लगभग 650 जानवर हैं। सुअर पालन के क्षेत्र में, ग्राम फतेहगढ़ शुक्रचक, जिला अमृतसर के बिक्रमजीत सिंह, पुत्र परमजीत सिंह को सम्मानित किया गया। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है और 2016 में यह काम शुरू किया था।

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