जानें लाल केले की विशेषताओं और फायदों के बारे में

Published on: 17-May-2023

आज के दौर में किसान फसलों और फलों की आधुनिक एवं नवीन प्रजातियों के बीज बोकर अच्छा खासा मुनाफा अर्जित कर रहे हैं। हालाँकि, कुछ किसान आज भी परंपरागत फसलों का उत्पादन करके अपना जीवनयापन कर रहे हैं। इसी कड़ी में लाल केला भी बाजार में आ चुका है। बतादें, कि लाल केला पीले केले की तुलना में अधिक उत्पादन देता है। इसके एक गुच्छे में करीब 100 केले मौजूद होते हैं। वर्तमान में बाजार के अंदर इस केले का भाव 200 रुपये दर्जन से अधिक होता है।

लाल केले में औषधीय गुण विघमान होते हैं

केला हमारे स्वास्थ के लिए फायदेमंद रहता है। इसका मीठा स्वाद लोगों को काफी भाता है। इसमें बीज नहीं पाए जाने इस वजह से इसका सेवन भी काफी आसान होता है। यह इतना मुलायम होता है, कि बूढ़े, जवान यहां तक कि बच्चे भी इसको बड़े चाव से खा लेते हैं। इसमें विघमान विटामिन सी, विटामिन बी-6, कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीशियम, जिंक, लोहा, फास्फोरस, कैल्शियम, सोडियम, पोटेशियम और विटामिन ए की प्रचूर मात्रा इसको लोगों के मध्य काफी ज्यादा लोकप्रिय बनाती है। दरअसल, आजतक आपने केवल पीला केला ही देखा अथवा खाया होगा। परंतु, हम आपको जिस केला के संबंध में बताने जा रहे हैं, वह लाल केला है। यह दिखने में जितना सुंदर है, स्वाद में भी उतना ही ज्यादा शानदार भी है। इतना ही नहीं इसमें सबसे बड़ी विशेषता यह है, कि इसमें पीले केले से ज्यादा औषधीय गुण विघमान होते हैं। ये भी पढ़े: विदेशों में बढ़ी देसी केले की मांग, 327 करोड़ रुपए का केला हुआ निर्यात

लाल केला सबसे पहले कहाँ उत्पादित किया गया था

जानकारी के लिए बतादें, कि विशेष रूप से लाल केले की खेती ऑस्ट्रेलिया में पहले की जाती थी। परंतु, बदलते समय के साथ-साथ यह मेक्सिको, अमेरिका और वेस्टइंडीज तक पहुंच गया है। हालांकि, अब भारत में भी किसान इसकी खेती करने लगे हैं। उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और केरल में लाल रंग के केले की बड़े पैमाने पर खेती हो रही है। किसान इसकी खेती कर के मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। इस केले की मांग इसके रंग के कारण और इसके साथ ही इसमें मौजूद बीटा- कैरोटीन के चलते भी इसकी बाजार में काफी मांग है।

पीले केले के तुलनात्मक लाल केला अधिक पैदावार देता है

लाल केला पीले केले की तुलना में ज्यादा पैदा होता है। लाल केले के एक गुच्छे में करीब 100 केले होते हैं। वर्तमान में बाजार के अंदर इस केले का भाव 200 रुपये दर्जन से अधिक होता है। इसका उत्पादन शुष्क जलवायु में किया जाता है। इस केले का तना काफी ज्यादा लंबा होता है। उत्तर प्रदेश में इसकी खेती मिर्जापुर में की जा रही है। वर्ष 2021 में मिर्जापुर उद्यान विभाग ने लाल केले के 5 हजार पौधे मंगाए थे, इसके उपरांत किसानों के मध्य इन पौधों को वितरित किया गया है।

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