जानें मिर्च उत्पादन में कौन-सा राज्य किस स्थान पर आता है

Published on: 02-May-2023

मिर्च एक ऐसा मसाला है, जो कि घर में निर्मित की जाने वाली सब्जी एवं सलाद का अत्यंत जरुरी हिस्सा होती है। कर्नाटक राज्य में मिर्च का उत्पादन किया जाता है। इसके अतिरिक्त बाकी बहुत सारे राज्यों में मिर्च का उत्पादन किया जाता है। हरी मिर्च का नाम सुनते ही तीखेपन का अहसास होता है। बहुत सारे लोग मिर्च को छूते तक नहीं है, परंतु बहुत सारे लोग बिना मिर्च कुछ भी खाना पसंद नहीं करते हैं। भारत में अधिकांश संख्या में लोग मिर्च का सेवन करते हैं। इस वजह से मिर्च की खेती भी बड़े पैमाने पर की जाती है। विटामिन ए, फास्फोरस भांति पोषक तत्व मिर्च में विघमान होते हैं। साथ ही, मिर्च से किसान भाई भी मोटी आमदनी कर लेते हैं। ऐसी हालत में भारत में होने वाले इस उत्पादन के विषय में जानना काफी आवश्यक है, कि किस राज्य में अधिक उत्पादन होता है।

हरी मिर्च उत्पादन के मामले में पहला राज्य कौन-सा है

हरी मिर्च के उत्पादन के संबंध में बागवानी बोर्ड के आंकड़ें सामने जारी हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, कर्नाटक का पर्यावरण और मृदा हरी मिर्च उत्पादन हेतु उपयुक्त माना गया है। इसी वजह से कर्नाटक में सर्वाधिक मिर्च का उत्पादन किया जाता है। प्रदेश में 18.75 प्रतिशत मिर्च पैदा की जाती है। दूसरे स्थान पर मध्यप्रदेश राज्य आता है। यहां भारत की समकुल 18.62 प्रतिशत हरी मिर्च उत्पादित की जाती है। बिहार तीसरे स्थान पर आता है। यहां 12.56 फीसद उत्पादन किया जाता है। यह भी पढ़ें : विश्व की सर्वाधिक तीखी मिर्च ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज किया

जानें बाकी राज्यों की मिर्च उत्पादन के मामले में क्या स्थिति है

आंध्र प्रदेश में 12.10 प्रतिशत मिर्च का उत्पादन होता है। महाराष्ट्र में 9.53 प्रतिशत उत्पादन किया जाता है। झारखंड में 7.05 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 6.18 प्रतिशत, हरियाणा में 3.72 प्रतिशत, तेलंगाना में 3.05 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 1.99 प्रतिशत होती है। इसके अतिरिक्त बाकी प्रदेशों में थोड़ी बहुत ही मिर्च का उत्पादन किया जाता है।

हरी मिर्च सेहत के लिए अत्यंत फायदेमंद है

एक अध्ययन के मुताबिक, हरी मिर्च में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। यह त्वचा में कोलेजन संश्लेषण को बढ़ाने का कार्य करता है। इससे त्वचा स्वास्थ्य और चमकदार होती है। इसमें उपस्थिति विटामिन ए एंटी एजिंग का कार्य करता है। इसमें उपस्थित फाइटोन्यूट्रिएंट्स, एंटी-माइक्रोबियल गुण मुंहासों एवं काले धब्बों को कम करते हैं। हरी मिर्च का सेवन करने से एथेरोस्क्लेरोसिस जैसी बीमारियाँ नहीं हो पाती हैं। इससे हार्ट डिसीज होने का खतरा बेहद कम होता है।

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