मेरीखेती किसान पंचायत: ग्राम पंचायत हसनपुर (मथुरा) में पूसा के कृषि वैज्ञानिक और किसानों की हुई पंचायत:

By: Merikheti
Published on: 20-Nov-2023

मेरीखेती किसान पंचायत का 19 नवंबर दिन रविवार को राकेश प्रधान जी की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत हसनपुर (मथुरा) में आयोजन किया गया। राकेश प्रधान जी अपने क्षेत्र के किसानों के हित के लिए उनको आधुनिक व नवीनतम कृषि में आए विभिन्न परिवर्तनों व किसानों को अधिक आय दिलाने वाले स्त्रोतों के विषय में जागरुक करने के लिए अपने यहां पर किसान पंचायत का आयोजन कराया। राकेश चौधरी ने मेरी खेती की टीम व कृषि वैज्ञानिकों का स्वागत किया एवं उनके आगमन व किसानों को लाभकारी जानकारी देने के लिए हृदय से आभार प्रकट किया। इस किसान पंचायत में पूसा के एक से एक विद्वान व अनुभवी कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहे। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक तकनीक एवं बेहतरीन बीज का उपयोग करने के लिए जागरूक किया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को FPO और APEDA के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की, जिससे कि किसान परंपरागत कमाई से कुछ ज्यादा कमा सकें।

ये भी पढ़ें:
मेरीखेती ने सितंबर माह की किसान पंचायत का आयोजन किया
डॉ सी.बी. सिंह प्रिंसिपल साइंटिस्ट (RETD) IARI ने किसानों को खेती किसानी के क्षेत्र में होने वाले अनेकों नवाचारों के विषय में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बायोगैस बनाने वाली मशीन के बारे में बताया। किसानों ने मेरीखेती की मासिक किसान पंचायत के दौरान डॉ सीबी सिंह से आलू के कम फूलने को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि आलू का आकार आपके खेत की मृदा एवं जलवायु के ऊपर निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि किसानों को खेत की मृदा के अनुकूल ही आलू के बीज का चयन करना चाहिए। डॉ जेपीएस डबास प्रधान वैज्ञानिक IARI पूसा ने किसानों को जागरूक होने के लिए काफी जोर दिया। उन्होंने किसानों से कहा कि आज के दौर में आपके पास तकनीक, संसाधन और जानकारी की कोई कमी नहीं है। किसान चाहें तो लाखों क्या करोड़ों कमा सकते हैं। लेकिन उनको जागने और प्रयास करने की बेहद आवश्यकता है। किसानों के बिना जागरूक हुए उनके दिन सुधारना काफी मश्किल है। डॉ जेपीएस डबास ने अब तक के अपने जीवन काल में बहुत सारे किसानों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुँचाया है। डबास जी ने स्वयं हजारों की संख्या में किसानों को बायोगैस का प्लांट स्थापित करने में भरपूर मदद की है। वह हमेशा से कृषकों के लिए दिन-रात सेवारत रहते हैं। आमतौर पर लोग रविवार का दिन अपने घरवालों के साथ गुजारना चाहते हैं, लेकिन डबास जी छुट्टी के दिन भी किसानों के बीच रहते हैं।

ये भी पढ़ें:
मेरीखेती द्वारा किसान पंचायत का भव्य आयोजन किया गया, सरकारी वैज्ञानिकों द्वारा किसानों की सभी समस्याओं पर चर्चा
डॉ रितेश शर्मा प्रधान कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को अंधाधुंध मात्रा में यूरिया और डीएपी का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि अत्यधिक मात्रा में यूरिया और डीएपी का इस्तेमाल करने से फसल का बाहरी दृश्य तो अच्छा हो जाता है, लेकिन अंदर से फसल काफी कमजोर हो जाती है। किसानों को उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि जब रबड़ को हद से ज्यादा खींच देते हैं तो वो टूट जाती है। उसी प्रकार फसल के असमय विकास के लिए यदि किसान अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं, तो उनकी फसल के अंदर के पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। डॉ रितेश शर्मा जी ऑनलाइन माध्यम से भी किसानों को खेती किसानी की संपूर्ण जानकारी प्रदान करते रहते हैं। इसके साथ-साथ वह प्रत्यक्ष तौर पर किसानों की काफी सहायता करते हैं। डॉ विपिन कुमार एसोसिएट डायरेक्टर एग्रोनोमी कृषि विज्ञान केंद्र गौतम बुद्ध नगर ने किसानों को आधुनिक एवं नवीन कृषि तकनीकों का इस्तेमाल करने करने को लेकर कहा कि आज कल कृषि क्षेत्र में आधुनिकता काफी बढ़ गई है। उन्होंने किसानों से कहा कि अभी देश के बहुत सारे किसान उन तकनीकों और कृषि पद्धितियों से अंजान हैं। किसानों को समय के साथ साथ खुद को बदलने की बेहद आवश्यकता है। डॉ विपिन कुमार ने किसानों की कई समस्याओं के संभव समाधान भी बताए।

ये भी पढ़ें:
किसान दिवस के आयोजन के दौरान merikheti.com ने की मासिक किसान पंचायत
डॉ निर्मल चंद्र प्रधान कृषि वैज्ञानिक पूसा ने किसानों से उनकी समस्याऐं और सवाल पूछते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में कृषि वैज्ञानिकों की देखरेख से होने वाली खेती काफी अच्छा उत्पादन प्रदान करती है। साथ ही, किसानों को एक बड़े नुकसान से बचने में मदद मिलती है। किसानों ने डॉ निर्मल चंद्र जी से रबी सीजन की फसलों की अच्छी पैदावार कैसे ली जाए इसके बारे पूछा। इसके उत्तर में उन्होंने कहा कि किसी भी फसल का बेहतरीन उत्पादन समय पर सिंचाई, समुचित मात्रा में उर्वरक, शानदार और उपयुक्त किस्म का बीज तथा उपयुक्त मृदा एवं जलवायु की विशेष आवश्यकता होती है। यदि किसान इन बातों का ध्यान रखें और कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में खेती करें तो उनको काफी लाभ हांसिल होता है। एडबर्ड मीडिया व मेरीखेती के फाउंडर कृष्ण पाठक ने ग्राम पंचायत हसनपुर के किसानों से कहा कि मेरीखेती किसान पंचायत का उद्देश्य केवल यहां के किसानों को जागरुक करना है। उन्होंने किसानों से कहा कि "संघे शक्ति कलयुगे " किसान भाइयों आज आपके अंदर जागरुकता के साथ साथ संगठन की भी विशेष आवश्यकता है। अगर आप अपनी फसल का अच्छा भाव हांसिल करना चाहते हैं और अच्छा बीज लेना चाहते हैं तो आपको FPO का गठन करने की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने ग्राम पंचायत हसनपुर के किसान भाइयों से कहा कि आपका FPO गठन कराने में भी में आपकी पूरी मदद करूँगा। इसी कड़ी में पाठक जी ने कहा कि इस मेरीखेती किसान पंचायत का आयोजन निस्वार्थ भाव से किया जाता है। हमारी कंपनी कोई उत्पाद नहीं बेचती है, ना ही हम किसी वस्तु या उत्पाद का प्रचार करते हैं। सिर्फ और सिर्फ किसानों का हित हमारी इस किसान पंचायत का मकसद होता है।

ये भी पढ़ें:
किसानों के लिए वरदान है किसान उत्पादक संगठन, मिलती है मदद
मेरीखेती की इस किसान पंचायत में मेरीखेती के संपादक दिलीप यादव ने कहा कि किसान भाई जब तक आप खुद कुछ नहीं करना चाहेंगे तब तक कुछ नहीं बदलेगा। हम आपकी आवाज बनने का कार्य अवश्य करेंगे। यदि आपको कृषि क्षेत्र से जुड़ी कोई भी समस्या होगी। इस किसान पंचायत में ग्राम पंचायत हसनपुर व क्षेत्र के जाने माने प्रगतिशील एवं जमींदार किसान मौजूद रहे।

श्रेणी