आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए यह राज्य सरकार तारबंदी को दे रही अनुदान

Published on: 28-Apr-2023

फसलों को निराश्रित पशुओं से बचाना अत्यंत आवश्यक है। राजस्थान सरकार द्वारा तारबंदी कराने के लिए 444 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है। किसान तारबंदी अनुदान योजना के अंतर्गत करा सकते हैं। आवारा पशु किसानों की फसलों को काफी ज्यादा क्षतिग्रस्त कर देते हैं। जिस खेत में आवारा पशुओं का रैला घुस जाता है, उस खेत की फसल बिल्कुल चौपट हो जाती है। राज्य सरकारों के स्तर से आवारा पशुओं के नियंत्रण हेतु कदम उठाए जाते हैं। हाल ही में राजस्थान सरकार पशुओं से फसलों का बचाव करने के लिए बड़ी कवायद की है। राजस्थान सरकार के इस कदम की किसानों ने खूब तारीफ की है। इससे उनको अच्छी-खासी राहत मिलेगी।

तारबंदी के लिए राजस्थान सरकार दे रही अनुदान

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है, कि खेती का संरक्षण करने के लिए आवश्यक है, कि मवेशियों को खेत में प्रवेश न करने दिया जाए। इसके लिए खेतों के समीप तारबंदी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री जी की तरफ से तारबंदी को बढ़ावा देने के लिए अनुदान देने का ऐलान किया है। तारबंदी होने से पशुओं को फिलहाल खेतों में घुसने से रोका जाएगा।

राजस्थान सरकार तारबंदी के लिए करोड़ों का अनुदान दे रही है

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत की तरफ से इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से दी गई है। राजस्थान सरकार द्वारा फसलों का बचाव करने के लिए तारबंदी हेतु स्वीकृति देदी गई है। राज्य सरकार राजस्थान में 4 करोड़ मीटर खेतों की तारबंदी सुनिश्चित कराएगी। लगभग एक लाख कृषकों को इस योजना का फायदा मिलेगा। राज्य सरकार की तरफ से इसके लिए 444.40 करोड़ रुपये का बजट व्यवस्थित किया है।

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तारबंदी के लिए कुछ नियम बनाए हैं

तारबंदी योजना के अंतर्गत राजस्थान सरकार ने अनुसूचित जनजाति के किसान भाइयों के लिए न्यूनतम सीमा 0.50 हेक्टेयर तय की है। सामान्य वर्ग का किसान न्यूनतम सीमा 1.5 हेक्टेयर में तारबंदी करवा सकता है। जो किसान एक ही स्थान पर 1.5 हेकटेयर जमीन रखता है। वहीं, तारबंदी योजना के चलते फायदा उठा सकते हैं। अगर किसान 10 से ज्यादा समूह में तारबंदी करवाना चाहते हैं। तो उनके समूह के पास 5 हेक्टेयर कृषि लायक जमीन होनी चाहिए।

किसानों को कितना अनुदान दिया जाएगा

एक किसान को 400 रनिंग मीटर तक अनुदान दिया जाएगा। हालांकि, इसमें विभिन्न वर्ग निर्धारित किया गया है। लघु और सीमांत कृषकों को 60 फीसद तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। साथ ही, सामान्य वर्ग के किसान को 50 फीसद तक अनुदान प्रदान करने का प्रावधान है। किसान भाई योजना का फायदा लेने के लिए कृषि विभाग की ऑनलाइन वेबसाइट पर पंजीकरण करा सकते हैं।

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