केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रीनगर स्थित राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था।
पत्रकार वार्ता में श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सपना है “विकसित भारत” और उसके लिए जम्मू-कश्मीर का समग्र विकास अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि आज भी देश और जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि है और लगभग 50% आबादी कृषि पर निर्भर है।
उन्होंने ‘किसान खिदमत घर’ की सराहना की, जहां किसानों को कृषि से संबंधित सभी सेवाएं एक ही स्थान पर मिलती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ विभिन्न विषयों पर उपयोगी चर्चा हुई है।
श्री चौहान ने घोषणा की कि श्रीनगर में 150 करोड़ रुपये की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र सेब, बादाम, अखरोट जैसे फलों के लिए रोग-मुक्त पौधों के उत्पादन पर कार्य करेगा। इसके साथ-साथ प्राइवेट नर्सरियों को भी सहायता दी जाएगी।
श्री चौहान ने कहा कि जिन किसानों को सरकारी पट्टे मिले हैं लेकिन उनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें भी पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) को जल्द ही शुरू किया जाएगा ताकि बागवानी फसलों को भी बीमा का लाभ मिले। साथ ही, जम्मू क्षेत्र में ‘क्षेत्रीय बागवानी केंद्र’ की स्थापना के लिए आईसीएआर और कृषि विश्वविद्यालय मिलकर कार्य करेंगे।
सीए (Controlled Atmosphere) स्टोरेज की अवधि को 18 महीने से बढ़ाकर 24 महीने किया जाएगा। इसके अलावा, अब 6,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले भंडारण पर भी 5,000 मीट्रिक टन तक सब्सिडी दी जाएगी।
केसर की विशिष्टता को देखते हुए टिश्यू कल्चर लैब और नर्सरी की स्थापना की जाएगी। इसके तहत राष्ट्रीय केसर मिशन में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे और विशेषज्ञों की टीम का गठन कर उत्पादकता बढ़ाई जाएगी।
कठुआ, बारामूला, अनंतनाग में मिट्टी परीक्षण और उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण लैब स्थापित की जाएंगी। साथ ही, आरकेवीवाई योजना के अंतर्गत सिंचाई के लिए कमांड एरिया परियोजनाओं पर कार्य किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ₹4,200 करोड़ से अधिक की राशि से ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क संपर्क प्रदान किया जाएगा। पीएम आवास योजना के अंतर्गत 93% मकान पूरे हो चुके हैं और बाकी पात्र लोगों को शीघ्र मकान दिए जाएंगे।
एनआरएलएम योजना के तहत ‘लखपति दीदी’ और ‘मिलियन दीदी’ तैयार की जा रही हैं जिनकी सालाना आय ₹10 लाख तक पहुंच रही है।
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मनरेगा के अंतर्गत रोजगार सुनिश्चित करने के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण, और शेष किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने का कार्य तेज किया जाएगा।
अंत में श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाएं सफलतापूर्वक लागू हो रही हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और भविष्य में भी संयुक्त रूप से जम्मू-कश्मीर के विकास में तेजी लाने का आश्वासन दिया।